Hindi Essays for Class 7: Top 10 Hindi Nibandhs

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List of popular essays for class 7 students in Hindi language!

स्वावलंबन (आत्म-निर्भरता) पर निबन्ध | Essay on Essay on Self Independent in Hindi

बालक-बालिका एक समान पर निबन्ध | Essay on Boys and Girls are Equal in Hindi

परोपकार पर निबन्ध | Essay on Beneficence in Hindi

ग्रीष्म ऋतु (गरमी की ऋतु) पर निबन्ध | Essay on Summer Season in Hindi

सत्संगति पर निबन्ध | Essay on Good Company in Hindi

छोटा परिवार सुखी परिवार पर निबन्ध | Essay on Small Family is a Happy Family In Hindi

बसंत ऋतु पर निबन्ध | Essay on The Spring Season in Hindi

समाज सेवा पर निबन्ध | Essay on Social Service in Hindi

वर्षा ऋतु पर निबन्ध | Essay on Rainy Season in Hindi

ADVERTISEMENTS:

एकता ही बल है पर निबन्ध | Essay on Unity is Strength in Hindi

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 1

स्वावलंबन का अर्थ है – अपने ऊपर आश्रित या निर्भर होना । वे बड़े भाग्यवान हैं जो अपने ऊपर आश्रित हैं । दूसरों की दया पर निर्भर होकर जीने में आनंद नहीं है । पराधीनता में जीना कष्टप्रद है इसमें दुख ही दुख है ।

कहा भी गया है – ‘पराधीन सुख सपनेहुँ नाहीं ।’ पराधीनता स्वप्न में भी सुखदायी नहीं है । जेल की चारदीवारी में कैदियों को कोई खास काम नहीं करना पड़ता । उन्हें भोजन भी मुफ्त का और ठीक-ठाक मिलता है । पर कैदी कैदखाने में नहीं रहना चाहता क्योंकि वहाँ किसी प्रकार की आजादी नहीं है ।

पिंजड़े में बद पक्षी की भी यही दशा है – ‘कहीं भली है कटुक निबोरी, कनक कटोरी की मैदा से ।’ अर्थात् दूसरों की अधीनता में सुख की कल्पना भी बेकार है । इसीलिए हम लोग स्वावलंबी होना चाहते हैं आ स्वावलंबन आत्मा की पुकार है ।

यह मनुष्य को आत्म-निर्भर बनाता ही है उसे जीवन में कुछ नेक कार्य करने के लिए भी प्रेरित करता है । गाँधी जी इसीलिए चाहते थे कि भारत के गाँव स्वावलंबी बनें । ग्रामवासी अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों की ओर कातर दृष्टि से न देखें ।

परंतु यह न हो सका । नतीजे में भारत के गाँव अभी भी पिछड़े हुए हैं । ग्रामवासियों को रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है । व्यक्ति और गाँव की तरह देश का भी स्वावलंबी होना आवश्यक है । स्वतंत्रता के बाद दो-तीन दशकों तक राष्ट्र अपने लोगों के लिए खाने भर अनाज भी पैदा नहीं कर सकता था ।

कृषि प्रधान देश भारत की इस दीन-हीन दशा का दुनिया में मजाक उड़ाया जाता था । आज हम खाद्यान्नों के मामले में आत्म-निर्भर हैं । आज हमारे देश में इंजीनियरों, डॉक्टरों तथा तकनीकी पेशे से जुड़े विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है ।

हम अनेक क्षेत्रों में स्वावलंबी हैं । हम दुनिया के परमाणु शक्ति-संपन्न अग्रणी राष्ट्रों में से एक हैं । सूई से लेकर हवाई जहाज तक कुदाल से लेकर हैक्टर तक हम अपने ही देश में बना सकते हैं । स्वावलंबन का गुण मनुष्य को महान बनाता है । यह गुण अपने साथ धैर्य, संतोष, आत्मविश्वास, साहस आदि गुणों को भी समाविष्ट करता है ।

प्रत्येक कार्य में दूसरों पर निर्भरता बुरी चीज है । इससे आत्मा का नाश होता है । वे व्यक्ति जो स्वावलंबन के गुण का महत्व नहीं समझते वे अपनी स्थिति दयनीय बना लेते हैं । स्वावलंब हमें सुख शांति और समृद्धि प्रदान करता है कर्महीन यह नहीं जानते ।

स्वावलंबी व्यक्ति समाज के सामने एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करता है । वह आवश्यकता पड़ने पर जरूरतमंदों की मदद कर सकता है । उसका आत्म-विश्वास उसे किसी भी स्थिति को अपने मनोनुकूल बनाने की प्रेरणा देता रहता है । स्वावलंबन का अर्थ यह नहीं कि हम सब काम अपने हाथों से ही करें ।

समाज में श्रम-विभाजन के बिना काम नहीं चलाया जा सकता श्रम-विभाजन आवश्यक है । स्वावलंबन से तात्पर्य इतना ही है कि हम दूसरों पर उस हद तक आश्रित न हों कि हमारे दैनिक कार्य ही रुक जाएँ । अपने ऊपर इतना विश्वास होना चाहिए कि प्रतिबंधात्मक स्थितियों में भी हमारा काम नहीं रुक सकता ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 2

किसी भी देश या प्रांत में प्रति हजार लड़कों के अनुपात में कितनी लड़कियाँ हैं, इसी को लिंगानुपात कहा जाता है । यह अनुपात लगभग समान होना चाहिए । परंतु प्रति हजार बालकों पर यदि बालिकाओं की संख्या नौ सौ या इससे कम हो जाए तो मामला चिंताजनक स्तर तक पहुँच जाता है ।

हमारे देश में भी ऐसी ही चिंताजनक स्थिति बन गई है । हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और देश के कई प्रांतों में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या चिंताजनक सीमा से भी काफी कम है । आखिर ऐसा क्यों है कि बालिकाओं की तुलना में बालकों की संख्या अधिक है ? इसके कारण स्पष्ट हैं ।

हमारे समाज में बालकों को बालिकाओं से श्रेष्ठ समझा जाता है । अभिभावक सोचते हैं कि लड़का होगा तो बुढ़ापे में सेवा करेगा जीवन भर सुख देगा । हिंदुओं की धारणा है कि पुत्र माता-पिता को संसार से तारता है मोक्ष प्रदान करवाता है । दूसरी ओर बालिकाओं के बारे में यह धारणा है कि ये पराया धन होती हैं ।

बालिकाओं की शादी में दिया जाने वाला दहेज भी माता-पिता को लड़कियों को एक बोझ मानने पर विवश कर देता है । अभिभावकों के मन में बेटों की चाह इतनी होती है कि कई लड़कियाँ गर्भ में ही मार दी जाती हैं । अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक तकनीकों से गर्भ के लिंग के बारे में पता चल जाता है और लड़कियाँ गलत धारणाओं की भेंट चढ़ जाती हैं ।

आज का युग पहले जैसा नहीं रह गया है । आज बालिकाएँ भी पट्ट-लिखकर बूढ़े माँ-बाप का सहारा बन सकती हैं । ऐसा भी देखा गया है कि बेटों द्वारा परित्यक्त माँ-बाप की सेवा-सुश्रुषा बेटियाँ करती हैं । आज की लड़कियाँ धार्मिक एवं सामाजिक उद्देश्यों को भली-भांति पूरा कर सकती हैं ।

आज की शिक्षित नारियाँ डॉक्टर, इंजीनियर, आरक्षी, वकील, अंतरिक्ष यात्री, खिलाड़ी, समाज सेविका, नर्स, राजनीतिज्ञ, अभिनेत्री आदि कुछ भी बन सकती हैं । नर्स और अध्यापिका के रूप में तो उनका विकल्प ही नहीं है । फिर क्यों यह भेद-भाव और लैंगिक असमानता ? क्यों वह समाज में उपेक्षित है ?

लड़कियों का अनुपात घटना यह सिद्ध करता है कि शिक्षित समाज भी अपने संकीर्ण मानसिक दायरे से नहीं निकल पाया है । यह असंतुलन भविष्य के लिए खतरे की घंटी है । इसका दुष्प्रभाव अभी से दिखाई पड़ रहा है । कई प्रांतों के युवक इसलिए कुँवारे हैं क्योंकि विवाह योग्य युवतियाँ नहीं मिल रही हैं ।

आज की लड़कियाँ ही तो कल बड़ी होकर माँ बनती हैं । क्या हम ऐसी दुनिया या समाज की कल्पना कर सकते हैं जहाँ केवल लड़के हों, लड़कियाँ नहीं ? बालक और बालिका में किसी भी तरह का भेदभाव अमानवीय है । हमें दोनों को एक समान समझना चाहिए ।

इसी से लिंगानुपात को सुधारा जा सकेगा । हमें गर्भ में ही लड़कियों को मारने की कुप्रथा को दंडात्मक नीति अपनाकर समाप्त करना होगा । यदि इस स्थिति को अभी न सँभाला गया तो भविष्य की परेशानियाँ कहीं बड़ी होंगी ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 3

दूसरों के हित के लिए किया गया कार्य परोपकार है । अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर जनसामान्य के कल्याण के लिए किया गया कार्य परोपकार मैं ।

अपनी छोटी-छोटी समस्याओं एवं दु:खों की परवाह न करते हुए नमूह की हित-चिंता करना परोपकार है । परोपकार के कार्यों से ही मनुष्य समाज में प्रशंसित एव सम्मानित होता है । परोपकार यह लोक ही नहीं परलोक भी सुधारता है ।

ऐसे कार्य जो परहित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं वे मनुष्य को महान् वनाते हैं । परोपकारी व्यक्ति हर युग में होते हैं । समाज इनका ऋणी होता है । मनुष्य ही नहीं अन्य जीव समुदाय एवं जड़ वस्तु भी परोपकार की भावना से कार्य करते हैं । इन पंक्तियों से इस तथ्य का खुलासा होता है:

”वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर । परमारथ के कारणे साधुन धरा शरीर ।। ”

वृक्ष अपना फल स्वय नहीं खाता, अर्थात् दूसरों के लिए उत्पन्न करता है । नदी कभी भी अपना जल इकट्ठा करके नहीं रखती । प्राणियों के हित के लिए हमेशा प्रवाहमान् रहती है । इसी तरह, परमार्थ के कारण, परोपकार के हेतु साधु पुरुष जन्म ग्रहण करते हैं ।

दुनिया में एक से बढ़कर एक परोपकारी मनुष्य हुए हैं । महर्षि दधीचि ने देवताओं के कल्याण हेतु अपना शरीर त्याग दिया और अपनी हड्डियाँ दान में दे दीं । गिद्धराज जटायु ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए रावण से सीता को छुड़ाने का प्रयत्न किया ।

सुकरात ने प्याले में भरा विष पी लिया । भगवान कृष्ण ने आजीवन परोपकार की दृष्टि से अनेक कार्य किए । राम ने राक्षसों को मारकर विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की । ईसा मसीह जनहितार्थ सूली पर चढ़ गए । परोपकारी व्यक्तियों के कारण ही सत्य, धर्म और संस्कृति की रक्षा हो सकी है ।

जीवन में अनेक कार्य ऐसे हैं जो परोपकार की दृष्टि से किए जाते हैं । पहले धनी-मानी लोग कुएँ-तालाब खुदवाते थे, राहगीरों के लिए छायादार वृक्ष लगवाते थे । स्थान-स्थान पर धर्मशालाएँ बनवाई जाती थीं ताकि यात्रियों को ठहरने में सुविधा हो ।

आज भी लोग परोपकार के कार्यों में अपना योगदान देते हैं । प्राकृतिक विपत्तियों में फँसे लोगों की मदद के लिए आगे आना परोपकार ही है । भयंकर लू में लोगों के लिए पेय जल की व्यवस्था करना परोपकार ही है । निरक्षरों को शिक्षित बनाना, पेड़-पौधे लगाना, आस-पड़ोस को साफ-सुथरा रखना, भूखों को भोजन कराना आदि कार्य परोपकार की श्रेणी में आते हैं ।

परंतु परोपकार किसी लाभ की प्राप्ति के उद्देश्य से नहीं करना चाहिए । उपकार करके प्रत्युपकार की आशा न रखना ही सही मायने में परोपकार है । आजकल परोपकारी व्यक्तियों की संख्या में कमी आ गई है । इसका कारण समाज में स्वार्थ भावना में वृद्धि है ।

यही कारण है कि सड़क पर पड़े घायल व्यक्ति की सहायता के लिए कोई आगे नहीं आना चाहता । पड़ोसी के घर चूल्हा जले न जले, अपने घर पकवान जरूर बनना चाहिए, यह भावना हमारा उद्धार नहीं कर सकती । जिस शरीर से लोगों का कल्याण न हुआ, वह बेकार और अनुपयोगी है ।

कबीरदास जी कहते हैं:

“बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं फल लागै अति दूर ।”

बड़े खजूर से कहीं अच्छा वह तृण है जिसे खाकर पशु अपना पेट भरते हैं । परोपकार की भावना से ओत-प्रोत कवि तुलसीदास जी कहते है

परहित सरिस धर्म नहिं भाई , पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।

परोपकार के समान दूसरा कोई धर्म नहीं है । अर्थात् परोपकार सबसे बड़ा धर्म है और दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप, कोई दुष्टता नहीं है । अत: हमें परोपकार की भावना को अपने जीवन में धारण करना चाहिए ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 4

मौसम कभी भी एक जैसा नहीं रहता है । यह परिवर्तित होता रहता है । मौसम के साथ-साथ ऋतुएँ भी बदलती हैं । शीत ऋतु के बाद बसंत की सुहानी ऋतु आती है ।

बसंत ऋतु के बाद प्रचंड गरमी की ऋतु ग्रीष्म ऋतु आती है । हालाँकि कुछ हद तक यह कष्टदायक ऋतु है परंतु इस ऋतु का भी अपना एक आनंद, एक अलग सौंदर्य है । ग्रीष्म ऋतु अप्रैल माह से आरंभ होकर जून-जुलाई तक चलती है । इस ऋतु में पर्णपाती वृक्षों की पत्तियाँ गिर जाती हैं ।

इसलिए इसे पतझड़ ऋतु भी कहते हैं । गरमी इतनी पड़ती है कि दोपहर में घर से निकलना कठिन हो जाता है । जैसे-जैसे दिन अत्मे बढ़ता है प्रखर सूर्य रश्मियों क्य प्रकोप बढ़ता जाता है । दोपहर के तीन-चार घंटे बड़े कष्टदायक प्रतीत होते हैं । लोग घर से बाहर सिर पर टोपी, पगड़ी डालकर या छाता लेकर निकलते हैं ।

त्वचा झुलसने लगती है । शारीरिक श्रम करने वाले पसीने से नहा जाते हैं । इस ऋतु में संध्या क्य समय कुछ सुखदायी होता है । लोग घर, आँगन, छत में जल छिड़ककर राहत महसूस करते हैं । रात्रिकाल में भी काफी उमस होती है । सभी खुली छत पर या कमरे में पंखा-कूलर चला कर सोते हैं ।

गरमियों के दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं । ऐसे में कष्टदायक दिन काम बहुतों के लिए कठिन होता है । इसीलिए घरों, दुकानों तथा दफ्तरों में पंखा, कूलर या वातानुकूलित संयंत्र लगाए जाते हैं । इस ऋतु में पानी को ठंडा रखने के लिए हम घड़ा, सुराही, फ्रिज आदि का प्रयोग करते हैं ।

ठंडे पेय पदार्थ, लस्सी, शरबत आदि अत्यंत प्रिय लगते हैं । इस ऋतु में आम, लीची, खीरा, ककड़ी आदि फल-सब्जियाँ तृप्तिदायक होती हैं । ग्रीष्म ऋतु को गरीबों की ऋतु कहा जाता है क्योंकि इस ऋतु में बहुत कम वस्त्रों से भी काम चल जाता है ।

इस ऋतु में सूती वस्त्र बहुत उपयोगी होते हैं जो हमें लू के थपेड़ों से बचाते हैं । कभी-कभी आँधी तूफान भी आते हैं और धूल-भरी हवाएँ आसमान में छा जाती हैं । आसमान लोहित हो जाता है । पर जब वायु जरा भी हिलती-दुलती नहीं तो उमस बढ़ जाती है ।

ग्रीष्म ऋतु में जल का महत्त्व बढ़ जाता है । प्यासे लोग, प्यासी भूमि, प्यासे पशु-पक्षी और झुलसे हुए पेड़-पौधे सभी जल की माँग करते हैं । धन्य है वह किसान जो इस ऋतु में भी फसलों की सिंचाई करता है । वे स्त्रियाँ भी धन्य हैं जो मटके लेकर मीलों जल भरने जाती हैं । सरोवर ताल-तलैया, कुएँ, बावड़ियों, झील, नदियाँ सभी इस ऋतु में सूखने लगती हैं ।

भूमि का जल-स्तर काफी नीचे चला जाता है । प्यासी धरती, आकुल लोग, पशु-पक्षी सब आसमान की ओर निहारने लगते हैं । मयूर भी यह आस लगाए रहता है कि वर्षा हो और मैं नृत्य करूँ । कवि ने कविता के माध्यम से ग्रीष्म ऋतु का वर्णन इस प्रकार किया है:

”सूरज तपता धरती जलती गरम हवा जोरों से चलती । तन से बहुत पसीना बहता हाथ सभी के पंखा रहता । आ रे बादल काले बादल लो घनघोर घटा रे बादल । ”

लोगों की आकांक्षा रहती है कि बादल छाए, बरसे और राहत दे । पर ग्रीष्म ऋतु किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं । जब धरती तपेगी ताप से समुद्र का जल सुखेगा तभी तो वर्षा होगी । अच्छा मानसून आए इसके लिए अच्छी गरमी आवश्यक है ।

सब्जियों एवंग फलों की विविधता की दृष्टि से भी यह उत्तम ऋतु है । लौकी, खीरा, तरबूज, बेल, आम, पुदीना, भिंडी, करेला, परवल, हरे शाक आदि कितनी ही प्रिय वस्तुएँ ग्रीष्म ऋतु की देन हैं । हमें हर मौसम हर ऋतु का आनंद उठाना चाहिए ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 5

सत्संगति का अर्थ है – अच्छी संगति । अच्छे लोगों का साथ सत्संगति है । बुरे लोगों का साथ कुसंगति है । भले लोगों की संगति में जो सुख और आनद है वह कुसंगति में नहीं है ।

विद्वानों, संतों, साधुओं और सदाचारी व्यक्तियों के संपर्क में रहना सत्संगति है । अच्छी संगति में रहने के बहुत से लाभ हैं । यदि हमारा साथ अच्छे लोगों से है तो इससे हमारा चारित्रिक विकास होगा । हम सज्जनों के गुणों का अनुसरण करके आत्म-कल्याण की ओर प्रवृत्त होंगे ।

उनके आचरण का प्रभाव हमारे ऊपर अवश्य पड़ेगा । इसीलिए तो लोग साधु-संतों की शरण में जाते हैं उनके प्रवचन सुनते हैं उनके गुणों का अनुशीलन करते हैं । सत्संगति के प्रभाव से दुर्जन व्यक्ति भी सज्जन बन जाता है । जब अंगुलिमाल नामक दुर्दांत हत्यारा भगवान् बुद्ध के संपर्क में आया तो वह सुधर गया । तुलसीदास जी कहते हैं –

सठ सुधरहिं सत्संगति पाई । पारस परसि कुधातु सुहाई ।

अर्थात् जिस प्रकार पारसमणि के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है उसी प्रकार सत्संगति के प्रभाव से दुष्ट मनुष्य सुधर जाता है । इसलिए समझदार लोग सज्जनों के संपर्क में रहते हैं । जब व्यक्ति कुसंगति में पड़ता है तो उसका पतन निश्चित हो जाता है ।

कुसंगति काजल की कोठरी के समान है जहाँ से गुजरने पर कालिख लग ही जाती है । नशे की लत कुसंगति के कारण ही लगती है । शराबी जुआरी अपराधी आदि जन्म से ही नीच कार्य नहीं करते, बुरे लोगों का साथ ही उन्हें इन कार्यों को करने के लिए विवश करता है । गंदे नालों से जुड़कर ही नदियाँ अपवित्र और प्रदूषित होती हैं ।

अत: हमें कुसंगति से बचना चाहिए और महापुरुषों, विद्वानों और भले व्यक्तियों की संगति में रहना चाहिए । सत्संगति से बुद्धि का विकास होता है, गलत धारणाएं मिटती हैं । मन-प्राणों में सुगंध उठती है वाणी में मधुरता और निष्कपटता आती है । सत्संगति उन्नति का द्वार खोल देती है । यह आत्म-शुद्धि का सरल मार्ग है ।

अच्छे लोगों की संगति मनुष्य को महान बनाती है । बूँद समुद्र में मिलकर अपार जलराशि का रूप ले लेती है । क्षुद्र नदी-नाले गंगा जी में मिलकर अपनी मलिनता खो देते हैं । रामकृष्ण परमहंस की संगति में साधारण से व्यक्ति नरेंद्र स्वामी विवेकानंद बन गए ।

वानर-भालू, प्रभु राम से मित्रता कर इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम लिखा गए । बालक चद्रगुप्त नीति निपुण चाणक्य का शिष्य बनकर महान् सम्राट बन गया । गाँधी जी के संपर्क में आकर हजारों व्यक्तियों ने आत्म-सुधार की दिशा में अपने कदम बढ़ाने आरंभ कर दिए ।

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । उसे अच्छे या बुरे लोगों के साथ में रहना ही पड़ता है । हमें चाहिए कि हम अच्छे लोगों को अपना साथी बनाएँ । यदि हमारा साथ भले लोगों से होगा तो हम कुसंगति से बचे रह सकते हैं ।

जिस प्रकार कि एक सड़ा आम या सेब पूरी टोकरी के फलों सड़ाने लगता है उसी प्रकार एक असज्जन कई सज्जनों को भी अपने जैसा बनाने का प्रयास करता है । अत: व्यक्ति को हमेशा श्रेष्ठ मनुष्यों का ही संग करना चाहिए ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 6

युग सदैव एक-सा नहीं रहता । युग के अनुसार लोगों की आवश्यकताएँ एवं मान्यताएँ बदल जाती हैं । परिवार का आकार छोटा हो या बड़ा इस संबंध में भी युग के अनुसार विचार करना पड़ता है ।

किसी समय बड़े परिवार की कल्पना की गई थी क्योंकि देश की आबादी कम थी । आज छोटे परिवार को आदर्श माना जाता है क्योंकि हमारे देश की आबादी आवश्यकता से कहीं अधिक है । आज लगभग जनसख्या विस्फोट की स्थिति है । सन् 1950 में भारत की आबादी लगभग तीस करोड़ थी ।

आज हम सौ करोड़ का कड़ा पार कर चुके हैं । सन् 2011 तक हमारी आबादी एक सौ पद्रह करोड़ के आस-पास हो जाएगी । सन् 2035 तक हम चीन से भी आगे निकल सकते हैं । ऐसे में छोटे परिवार की महत्ता काफी बढ़ गई है । छोटे परिवार की कल्पना अब संभव है क्योंकि आज महामारियों पर नियंत्रण पाया जा सका है ।

दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है । बाल मृत्यु दर में निरंतर कमी आती जा रही है । आज एक या दो संतानों वाला परिवार अधिक सुखी है क्योंकि अभिभावक अपनी एक या दो संतानों को शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ प्रदान कर सकते हैं ।

यदि परिवार बड़ा हो तो उपलब्ध साधनों का बँटवारा हो जाता है, हरेक सदस्य को थोड़ा-थोड़ा ही मिल पाता है । ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’ के बारे में लोगों के विचार सकारात्मक होने लगे हैं । समझदार और शिक्षित व्यक्ति अपने परिवार को सीमित रखने का प्रयास करता है । वह जानता है कि अधिक बच्चे हुए तो उनके लालन-पालन में कठिनाई आएगी ।

अधिक संतानों के लिए भोजन, वस्त्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में बाधा आएगी । वह समझता है कि अधिक बच्चे पैदा करने वाली माँएँ कमजोर हो जाती हैं, उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है । आज की शिक्षित स्त्रियाँ छोटे परिवार की खूबियों के प्रति जागरूक हैं ।

छोटे परिवार की महत्ता समझने पर भी हमारे देश की आबादी तेजी से बढ़ रही है । इसका प्रमुख कारण अशिक्षा और निर्धनता है । अशिक्षित व्यक्ति अपना भला नहीं सोच पाता । धर्म की रूढ़ियाँ भी प्रमुख अवरोधक तत्व हैं । गरीबी का दुश्चक्र भी लोगों को बड़े परिवार की ओर उम्मुख करता है ।

समाज और राष्ट्र की खुशहाली इसी में है कि वह छोटे परिवार का महत्व समझे । आज प्रति व्यक्ति आवश्यकताएँ बढ़ रही हैं । सभी को बिजली, पानी, स्वास्थ्यप्रद आवास, क्रीड़ा स्थल, रोजगार और शिक्षा चाहिए । दूध, फल, अनाज और सब्जियों की भी प्रति व्यक्ति उपलब्धता बनाए रखना आवश्यक है ।

दूसरी ओर वन पेड़-पौधे जल भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का अभाव होता जा रहा है । अत: समझदारी इसी में है कि हम अपना परिवार छोटा रखें । परिवार का छोटा आकार हमारी खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक है ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 7

भारत में प्रमुखतया तीन ऋतुएँ वसंत, शीत और ग्रीष्म हैं । इनमें से बसंत को ऋतुओं का राजा या ऋतुराज कहा जाता है । दुनिया के बहुत कम देशों में बसंत ऋतु के दर्शन होते हैं । भारत एक ऐसा देश है जहाँ ऋतुराज बसंत की अपूर्व छटा के दर्शन होते हैं ।

बसंत को ऋतुराज कहा जाता है क्योंकि इस ऋतु में प्रकृति का रंग-रूप पूरी तरह निखरा होता है । इसका आगमन कड़ाके की शीत ऋतु के बाद होता है । बसंत के आगमन के साथ ही प्रकृति और मौसम का मिजाज परिवर्तित होने लगता है ।

चारों ओर का मौसम स्वर्णिम एवं गुलाबी होने लगता है । प्रकृति सुंदर मनमोहक एवं आकर्षक प्रतीत होती है । शीत ऋतु के प्रभाव से आहत वनस्पतियाँ पत्तों एव फूलों के रूप में नए-नए परिधानों से युक्त सुहावने प्रतीत होते हैं ।

खेतों में सरसों के फूल खिल उठते हैं गेहूँ की सुनहरी बालियाँ निकल आती हैं । फूली सरसों का रंग बहुत आकर्षक लगता है जैसे प्रकृति ने पीली चादर ओढ़ ली हो । लताएँ वृक्षों से लिपट कर झूमने लगती हैं । हल्की गरमाहट लिए मंद-मंद बहती वायु नव-विकसित पुष्पों आम्र मंजरियों की भीनी-मधुर सुगंध लिए वातावरण में घुल-मिल जाती है ।

यह सुंगधित वायु मनुष्यों एव जीव-जंतुओं के तन-मन में प्रवेश कर जाती है । खेत-खलिहानों मैदानों एवं बागों में मखमली घास बिछी होती है । घास पर पड़ी ओस की बूँदों के स्पर्श से तलबों में सुखद अनुभूति होती है । उस पर आम के डाल पर बैठी कोयल की पंचम स्वर में ऐसी कूक उठती है कि तन-मन प्रसन्न हो उठता है ।

बच्चे, युवा, वृद्ध सभी उम्र का बंधन तोड़कर बासंती सौंदर्य को निहारने लगते हैं । हालाकि जैसे-जैसे देश का शहरीकरण होता जा रहा है बसंत का मादक प्रभाव भी कहीं खोता जा रहा है । बसंत कब आया और कब चला गया किसी को पता नहीं चल पाता है । परंतु बसंत तो आता है ।

गाँवों में, बाग-बगीचों में, खेतों में और यहाँ तक कि प्रकृति प्रेमियों के लिए महानगरों में भी आता है । जहाँ भी बाग-बगीचे हैं पेड़ हैं लता-कुंज हैं वहाँ बसंत अवश्य आता है । गेंदा, गुलाब, सूरजमुखी, पलास आदि के फूल कहाँ नहीं खिलते । बसंती हवा किसी के साथ भेदभाव नहीं करती ।

वह जहाँ से गुजरती है अपना मादक प्रभाव छोड़ जाती है । बसंत ऋतु पर्व-त्योहारों की भी ऋतु है । हमारा प्रमुख राष्ट्रीय त्योहार ‘गणतंत्र दिवस’ इसी ऋतु के आरंभ काल में मनाया जाता है । देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह को खुशनुमा बनाने में खुले दिन वाले सुनहरे मौसम का बहुत बड़ा योगदान होता है ।

लगभग इसी समय में बसंत पंचमी का त्योहार आता है । लोग वीणापाणी माँ सरस्वती की पूजा-आराधना में जुट जाते हैं । सरस्वती पूजन समारोह एवं वसंत पंचमी के अवसर पर लगने वाले मेले वासंती रंग में रंग जाते हैं । युवतियाँ धनी एवं पीले वस्त्र धारण कर वसत की शोभा में चार चाँद लगा देती हैं ।

ऐसा लगता है जैसे वसंत सजीव होकर इधर-उधर डॉल रहा हो । फिर आता है मदमस्त होली का त्योहार । वसंत ऋतु स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बड़ी हितकारी ऋतु है । इस ऋतु में असाध्य रोगी भी स्वस्थ होने लगते हैं । सामान्य जनों को भी सरदी-ज्वर आदि नहीं होता ।

इस समशीतोष्ण ऋतु में सभी नाचते-गाते और आनंदित होते हैं । गाँवों में ढोल-नगाड़े बज उठते हैं । होली के गीतों की थिरकन से जन-समूह उत्साहित हो उठता है । बसंत का गुणगान करने के लिए कवि की लेखनी चल पड़ती है ।

बसंत में कुछ भी असुंदर नहीं होता । यह ऋतु हमें प्रकृति सौंदर्य से परिचित कराती है । यह मानव को दु:ख-पीड़ा से निकलकर आनंदित होने क्य अवसर प्रदान करती है । पर मानव है कि प्रकृति विनाश के कार्यों में लगा हुआ है ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 8

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । समाज से उसका अंतरंग रिश्ता है । मनुष्य के जन्म के समय सामाजिक उत्सव तथा मृत्यु के समय सामाजिक शोक मनाया जाता है । बच्चा समाज के अन्य हमउम्र सदस्यों के साथ खेलता है पढ़ता-लिखता है ।

जन्मदिन, विवाह आदि अवसरों पर समाज की भागीदारी प्रमुख होती है । संकटकाल में भी समाज ही सहायक होता है । यदि समाज इतना महत्त्वपूर्ण है तो समाजिक उत्थान का कार्य भी बहुत आवश्यक है । समाज की भलाई के लिए जो कार्य किए जाते हैं इन्हें हम समाज सेवा कहते हैं ।

समाज सेवा राष्ट्र सेवा का ही अंग है । बिनोवा जी ने भूदान आंदोलन चलाकर महान समाज सेवा की । करोड़ों ग्रामीण ऐसे थे जिनके पास कृषि-भूमि का एक टुकड़ा न था और कुछ लोग ऐसे थे जिनके पास सौ-पचास एकड़ भूमि थी । भूदान आदोलन के द्वारा यह भारी अंतर पाटने का प्रयास किया गया ।

उन्नीसवीं शताब्दी में राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा बाल विवाह आदि कुप्रथाओं को समाप्त करने में समाज की बड़ी सहायता की थी । मुगलकाल में तुलसीदास जी ने अपने अमर काव्यों के माध्यम से हिंदुओं के बीच सामाजिक चेतना लाने का सफल प्रयास किया ।

कबीरदास जी ने सीधे-सादे विचारों के माध्यम से धर्म की कुरीतियों पर आघात किया । उनके प्रयासों से हिंदुओं और मुसलमानों में सामाजिक एकता की स्थापना हुई । मनुष्य जो कुछ भी ग्रहण करता है वह सब समाज की देन है । अत: हमारा कर्त्तव्य है कि हम समाज की सेवा नि:स्वार्थ भाव से करें ।

आज भी हमारे देश में कई तरह की सामाजिक समस्याएँ हैं । दहेज प्रथा अशिक्षा निर्धनता नशाखोरी आदि समस्याएँ हमें अंदर ही अंदर खोखला कर रही हैं । हमारी सामाजिक मान्यताएँ भी बदल रही हैं । आज का आदमी पहले से कहीं अधिक स्वार्थी और आत्मकेंद्रित हो गया है ।

समाज में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं । सामाजिक अपराध का ग्राफ भी ऊँचा होता जा रहा है । ऐसे में समाज सेवकों का उत्तरदायित्व पहले से कहीं अधिक हो गया । समाज सेवा का दायरा विस्तृत है । बाल मजूदरी का अंत, स्त्री शिक्षा, निर्धन व्यक्तियों के लिए रोजगार का प्रबंध, बेसहारा महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाना आदि कार्य समाज सेवा के कार्य हैं ।

हमारे देश के कुछ क्षेत्रों में पेय जल का भारी अभाव है । यहाँ के लोग मीलों चलकर पानी लाते हैं । समाज सेवा के द्वारा ऐसे लोगों की मदद की जा मकती है । अनाथ बच्चों के लिए अनाथाश्रम खोलना, उन्हें शिक्षित करना तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा में वापस लाना समाज सेवा है ।

अपनों द्वारा परित्यक्त वृद्धों के लिए वृद्धाश्रम खोलना विकलांगों के लिए रोजगार के साधन एवं आश्रय स्थल ढूँढ़ना आदि कार्य समाज के प्रति हमारे दायित्व हैं । एड्‌स के प्रसार को रोकने से संबंधित कार्य भी समाज सेवा के अंतर्गत आता है ।

समाज सेवा का कार्य दिखाऊ नहीं होना चाहिए । धन और सम्मान की प्राप्ति के उद्देश्य से किया गया कार्य समाज सेवा नहीं है । समाज सेवा परोपकार की भावना से की जानी चाहिए । बीमारों वृद्धों, दलितों, शोषितों और आपदा से पीड़ित लोगों के प्रति जिनके मन में दया नहीं है वह समाज सेवा नहीं कर सकता ।

समाज को अपना समझकर तन, मन और धन से किए गए परोपकार के कार्य समाज सेवा के दायरे में आते हैं । अपने लिए तो सभी जीते हैं, बड़प्पन इसी में है कि हम दूसरों की भलाई के लिए जीएँ । यही मानवता है, यही समाज सेवा है ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 9

वर्षा ऋतु बहुत सुहावनी ऋतु होती है । यह मानव पशु-पक्षी और समस्त जीव समुदाय के लिए आनंददायी ऋतु है । ग्रीष्म ऋतु में जब पेडू-पौधे झुलस जाते हैं तब यह ऋतु उनके लिए जीवनदायी जल लेकर आती है ।

प्यासी धरती की प्यास बुझाने वाली वर्षा ऋतु को ऋतुओं की रानी कहा गया है । वर्षा ऋतु का आरंभ जुलाई मास से होता है । सितंबर में इस ऋतु का अत हो जाता है । इन तीन महीनों में आसमान प्राय: बादलों से घिरा रहता है । धूप और छाया का खेल चलता ही रहता है ।

कुछ दिन वर्षा फिर धूप यह क्रम जब चलता है तो किसानों को धान और मक्के की फसल उगाने में बहुत मदद मिलती है । खेतों में पूरा पानी रहता है तालाब लबालब भर जाते हैं । नदी-नालों में पूरा जल आ जाता है । छोटे-छोटे गड्‌ढों में भी पानी भर आता है ।

किसान वर्षा ऋतु का स्वागत करते हैं । वे खेतों में बीज बोते हैं । धान की फसल के लिए खेत जोते जाते हैं । किसान उसका परिवार खेतिहर मजदूर आदि व्यस्त हो जाते हैं । वे भीगते हुए भी कृषि कार्य करते हैं । गाँवों में वर्षा ऋतु आरंभ होने पर लोक गीत गाए जाते हैं ।

श्रावण मास में शिव-भक्ति की लहर फैल जाती है । काँवरिए गेरुआ वस्त्र धारण कर शिव को जल चढ़ाने निकल पड़ते हैं । ग्रामीण स्त्रियाँ कजरी गीत गाती हैं । वर्षा ऋतु के आगमन की प्रतीक्षा आम नागरिक भी करते हैं । जब पहली बारिश होती है तो लोगों को भीषण गरमी से राहत मिलती है ।

खुले बदन पहली बारिश का आनंद लेने वाले भी कम नहीं । कभी अंधी-तूफान के साथ वर्षा होती है तो कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचता है । अत्यधिक वर्षा से जल-प्लावन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है । खेत-खलिहानों मैदानों तथा ऊँची भूमि का पानी नदी-नालों में जमा होने लगता है ।

कई नदियों में बाढ़ आ जाती है । नदी का पानी तटबंध फसलों को नुकसान पहुँचाता है । बाद का पानी आबादी वाले स्थानों में घुसकर भयंकर तबाही मचाता है । बाद से जान-माल की भारी क्षति होती है । सड़कें टूट जाती हैं, यातायात व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है ।

टेलीफोन बिजली आदि के खंभे गिर जाते हैं । कभी जब बादल फटते हैं तब भी काफी नुकसान हो जाता है । वर्षा में गंदे जल के जमाव से मच्छरों, मक्खियों एवं तरह-तरह के कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है । इस ऋतु में पेय जल अस्वच्छ हो जाता है ।

प्रदूषित जल पीने से तथा मच्छरों आदि के काटने से कई प्रकार के संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है । गली-कूचों और गिन में कीचड़ हो जाता है । कच्ची गलियों एवं सड़कों पर चलना कठिन हो जाता है । सड़कों पर भी जल-निकास की उचित व्यवस्था न होने से पानी भर आता है ।

कुछ खामियों और परेशानियों के बावजूद वर्षा ऋतु का स्वागत सर्वत्र किया जाता है । इस ऋतु में पेड़-पौधे हरे-भरे हो जाते हैं । एक कहावत भी है कि सावन के अंधे को सर्वत्र हरा-भरा दिखाई देता है । श्रावणी मास की हरियाली सबका मन मोह लेती है ।

वनों में मोर नृत्य कर वर्षा ऋतु का स्वागत करते हैं । पशुओं के लिए इस ऋतु में हरे चारे की कमी नहीं रहती । प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है । आसमान में यदा-कदा इंद्रधनुष अपनी अछूत छटा बिखेर कर मन को आह्वादित कर देता है ।

मेढक की टर्र-टर्र एवं झींगुर की आवाज से वातावरण गुंजित हो जाता है । साँप भी अपने बिलों से निकल कर हवाखोरी करने लगते हैं । मल्लाह अपनी नौका सँभालकर नदी तट पर आ जाते हैं । बिजली की गड़गड़ाहट और चमक से विरहिणियों का मन डोलने लगता है ।

वर्षा ऋतु का आनंद अनूठा है । इस ऋतु में प्रकृति तरह-तरह की लीलाएँ करती है । हमें इस ऋतु का पूरा आनंद उठाना चाहिए । इस ऋतु में स्वच्छता का पालन अवश्य करना चाहिए । स्वस्थ रहकर ही हम वर्षा ऋतु का पूरा लुल्क उठा सकते हैं ।

Hindi Nibandh for Class 7 (Essay) # 10

एकता में बड़ी शक्ति होती है । यदि परिवार में एकता होती है तो उसके सभी सदस्यों का उचित विकास होता है । यदि समाज में एकता होती है तो समाज उन्नति करता है तथा सामाजिक कार्य आसानी से संपन्न किए जा सकते हैं ।

इसी तरह यदि राष्ट्र के लोगों में एकता होती है तो शत्रु उस राष्ट्र का बाल-बाँका तक नहीं कर पाते । राष्ट्रीय एकता की स्थिति में राष्ट्र का तेजी से विकास होता है । इतिहास गवाह है कि आपसी फूट का फायदा शत्रुओं को मिला है । रावण और विभीषण की आपसी फूट का लाभ राम को मिला ।

जयचंद और पृथ्वीराज की शत्रुता का लाभ मुहम्मद गौरी ने उठाया । सिकंदर ने भारत के राजवंशों के आपसी झगड़े का लाभ उठाकर भारत पर आक्रमण कर दिया । राजपूत राजा आपस में झगड़े तो मुगलों की बन आई । अँगरेजों ने भारतीय राजाओं नवाबों की अनेकता का भरपूर लाभ उठाया और भारत में अपनी प्रभुसत्ता स्थापित कर ली ।

‘फूट डालो और राज करो’ उनकी प्रसिद्ध नीति थी । कांग्रेस में एकता न रही तो देश में अनेक दल बन गए और अंतत: देश का विभाजन हो गया । एकता में असीम बल है । बिखरे हुए लोग किसी बड़े काम को उसके अंजाम तक नहीं पहुँचा सकते ।

कहा भी गया है – ‘अकेला चना भीड़ नहीं फोड़ सकता ।’ यदि सम्मिलित शक्ति से प्रयास किए जाएँ तो असंभव से दिखाई देने वाले कार्य भी पूरे हो सकते हैं । मधुमक्खियाँ एक साथ मिलकर ही मधु संचय कर पाती हैं । सैनिक एकजुट होकर ही शत्रुओं को परास्त कर सकते हैं । नागरिकों की एकजुटता किसी बड़ी क्रांति को जन्म देती है ।

यहाँ तक कि अपराधी भी दल बाँधकर गिरोह बनाकर अपने बुरे मंसूबे में कामयाब हो जाते हैं । लेकिन हमें एकता को शुभ कार्यो में लगाना चाहिए । ऐसी एकता किसी काम की नहीं जिससे दूसरों का बुरा होता हो । एकता का उद्देश्य शुभ होना चाहिए ।

एकता किसी भी समाज अथवा राष्ट्र के लिए संजीवनी शक्ति है । बड़े-बड़े बाँध, कारखाने, आलीशान महल, नहरें, खनन उद्योग, कृषि एवं औद्योगिक विकास की आधारभूमि राष्ट्रीय एकता है । जब राष्ट्र के लोग मिलकर प्रयास करते हैं तो उनकी समस्याओं का अंत होने लगता है ।

स्वतंत्रता आंदोलन के समय राष्ट्रीय एकजुटता अद्वितीय थी इसलिए हम विदेशियों को बाहर करने में सफल हुए । स्वतंत्रता के बाद हमें कई विदेशी आक्रमणों का सामना करना पड़ा हमने सभी आक्रमणों का डट कर एकजुट होकर मुकाबला किया । शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को उसकी सम्मिलित शक्ति का आभास कराया ।

कारगिल विजय हमारी संगठित शक्ति का प्रतिफल था । अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियाँ तथा भारत का परमाणु शक्ति से संपन्न होना हमारे वैज्ञानिकों के सम्मिलित प्रयासों का ही परिणाम कहा जा सकता है । आज पूरी दुनिया आतंकवाद का मुकाबला मिलकर कर रही है क्योंकि कोई अकेला देश अपने प्रयासों से इस समस्या पर काबू नहीं पा सकता ।

सामाजिक एकता के लिए आवश्यक है कि लोग अपनी-अपनी जिद छोड़े और लक्ष्यों का निर्धारण कर उनके प्रति संकल्पित हो जाएँ । लेकिन ‘अपनी डफली अपना राग’ छेड़ने वाला समाज बिखर जाता है, उनमें फूट पड़ जाती है ।

मजदूर और कर्मचारी अपना सघ बनाकर अपनी माँगे मनवाने में सफल हो जाते हैं । परंतु जब उनमें फूट पड़ती है तो नियोक्ताओं को लाभ होता है । एकता के बल की महिमा अनंत है । जिन्हें यह समझ है, वे अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को सुखी-संपन्न और गौरवान्वित कर सकते हैं ।

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Hindi Essay (Hindi Nibandh) 100 विषयों पर हिंदी निबंध लेखन

Hindi Essay (Hindi Nibandh) | 100 विषयों पर हिंदी निबंध लेखन – Essays in Hindi on 100 Topics

हिंदी निबंध: हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है। हमारे हिंदी भाषा कौशल को सीखना और सुधारना भारत के अधिकांश स्थानों में सेवा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। स्कूली दिनों से ही हम हिंदी भाषा सीखते थे। कुछ स्कूल और कॉलेज हिंदी के अतिरिक्त बोर्ड और निबंध बोर्ड में निबंध लेखन का आयोजन करते हैं, छात्रों को बोर्ड परीक्षा में हिंदी निबंध लिखने की आवश्यकता होती है।

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इसलिए, यह जानना और समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि विषय के बारे में संक्षिप्त और कुरकुरा लाइनों के साथ एक आदर्श हिंदी निबन्ध कैसे लिखें। साथ ही, कक्षा 1 से 10 तक के छात्र उदाहरणों के साथ इस पृष्ठ से विभिन्न हिंदी निबंध विषय पा सकते हैं। तो, छात्र आसानी से स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में निबन्ध कैसे लिखें, इसकी तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हिंदी निबंध लेखन की संरचना, हिंदी में एक प्रभावी निबंध लिखने के लिए टिप्स आदि के बारे में कुछ विस्तृत जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। ठीक है, आइए हिंदी निबन्ध के विवरण में गोता लगाएँ।

हिंदी निबंध लेखन – स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में निबन्ध कैसे लिखें?

प्रभावी निबंध लिखने के लिए उस विषय के बारे में बहुत अभ्यास और गहन ज्ञान की आवश्यकता होती है जिसे आपने निबंध लेखन प्रतियोगिता या बोर्ड परीक्षा के लिए चुना है। छात्रों को वर्तमान में हो रही स्थितियों और हिंदी में निबंध लिखने से पहले विषय के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानना चाहिए। हिंदी में पावरफुल निबन्ध लिखने के लिए सभी को कुछ प्रमुख नियमों और युक्तियों का पालन करना होगा।

हिंदी निबन्ध लिखने के लिए आप सभी को जो प्राथमिक कदम उठाने चाहिए उनमें से एक सही विषय का चयन करना है। इस स्थिति में आपकी सहायता करने के लिए, हमने सभी प्रकार के हिंदी निबंध विषयों पर शोध किया है और नीचे सूचीबद्ध किया है। एक बार जब हम सही विषय चुन लेते हैं तो विषय के बारे में सभी सामान्य और तथ्यों को एकत्र करते हैं और अपने पाठकों को संलग्न करने के लिए उन्हें अपने निबंध में लिखते हैं।

तथ्य आपके पाठकों को अंत तक आपके निबंध से चिपके रहेंगे। इसलिए, हिंदी में एक निबंध लिखते समय मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें और किसी प्रतियोगिता या बोर्ड या प्रतिस्पर्धी जैसी परीक्षाओं में अच्छा स्कोर करें। ये हिंदी निबंध विषय पहली कक्षा से 10 वीं कक्षा तक के सभी कक्षा के छात्रों के लिए उपयोगी हैं। तो, उनका सही ढंग से उपयोग करें और हिंदी भाषा में एक परिपूर्ण निबंध बनाएं।

हिंदी भाषा में दीर्घ और लघु निबंध विषयों की सूची

हिंदी निबन्ध विषयों और उदाहरणों की निम्न सूची को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है जैसे कि प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सामान्य चीजें, अवसर, खेल, खेल, स्कूली शिक्षा, और बहुत कुछ। बस अपने पसंदीदा हिंदी निबंध विषयों पर क्लिक करें और विषय पर निबंध के लघु और लंबे रूपों के साथ विषय के बारे में पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त करें।

विषय के बारे में समग्र जानकारी एकत्रित करने के बाद, अपनी लाइनें लागू करने का समय और हिंदी में एक प्रभावी निबन्ध लिखने के लिए। यहाँ प्रचलित सभी विषयों की जाँच करें और किसी भी प्रकार की प्रतियोगिताओं या परीक्षाओं का प्रयास करने से पहले जितना संभव हो उतना अभ्यास करें।

हिंदी निबंधों की संरचना

Hindi Essay Parts

उपरोक्त छवि आपको हिंदी निबन्ध की संरचना के बारे में प्रदर्शित करती है और आपको निबन्ध को हिन्दी में प्रभावी ढंग से रचने के बारे में कुछ विचार देती है। यदि आप स्कूल या कॉलेजों में निबंध लेखन प्रतियोगिता में किसी भी विषय को लिखते समय निबंध के इन हिस्सों का पालन करते हैं तो आप निश्चित रूप से इसमें पुरस्कार जीतेंगे।

इस संरचना को बनाए रखने से निबंध विषयों का अभ्यास करने से छात्रों को विषय पर ध्यान केंद्रित करने और विषय के बारे में छोटी और कुरकुरी लाइनें लिखने में मदद मिलती है। इसलिए, यहां संकलित सूची में से अपने पसंदीदा या दिलचस्प निबंध विषय को हिंदी में चुनें और निबंध की इस मूल संरचना का अनुसरण करके एक निबंध लिखें।

हिंदी में एक सही निबंध लिखने के लिए याद रखने वाले मुख्य बिंदु

अपने पाठकों को अपने हिंदी निबंधों के साथ संलग्न करने के लिए, आपको हिंदी में एक प्रभावी निबंध लिखते समय कुछ सामान्य नियमों का पालन करना चाहिए। कुछ युक्तियाँ और नियम इस प्रकार हैं:

  • अपना हिंदी निबंध विषय / विषय दिए गए विकल्पों में से समझदारी से चुनें।
  • अब उन सभी बिंदुओं को याद करें, जो निबंध लिखने शुरू करने से पहले विषय के बारे में एक विचार रखते हैं।
  • पहला भाग: परिचय
  • दूसरा भाग: विषय का शारीरिक / विस्तार विवरण
  • तीसरा भाग: निष्कर्ष / अंतिम शब्द
  • एक निबंध लिखते समय सुनिश्चित करें कि आप एक सरल भाषा और शब्दों का उपयोग करते हैं जो विषय के अनुकूल हैं और एक बात याद रखें, वाक्यों को जटिल न बनाएं,
  • जानकारी के हर नए टुकड़े के लिए निबंध लेखन के दौरान एक नए पैराग्राफ के साथ इसे शुरू करें।
  • अपने पाठकों को आकर्षित करने या उत्साहित करने के लिए जहाँ कहीं भी संभव हो, कुछ मुहावरे या कविताएँ जोड़ें और अपने हिंदी निबंध के साथ संलग्न रहें।
  • विषय या विषय को बीच में या निबंध में जारी रखने से न चूकें।
  • यदि आप संक्षेप में हिंदी निबंध लिख रहे हैं तो इसे 200-250 शब्दों में समाप्त किया जाना चाहिए। यदि यह लंबा है, तो इसे 400-500 शब्दों में समाप्त करें।
  • महत्वपूर्ण हिंदी निबंध विषयों का अभ्यास करते समय इन सभी युक्तियों और बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, आप निश्चित रूप से किसी भी प्रतियोगी परीक्षाओं में कुरकुरा और सही निबंध लिख सकते हैं या फिर सीबीएसई, आईसीएसई जैसी बोर्ड परीक्षाओं में।

हिंदी निबंध लेखन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मैं अपने हिंदी निबंध लेखन कौशल में सुधार कैसे कर सकता हूं? अपने हिंदी निबंध लेखन कौशल में सुधार करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक किताबों और समाचार पत्रों को पढ़ना और हिंदी में कुछ जानकारीपूर्ण श्रृंखलाओं को देखना है। ये चीजें आपकी हिंदी शब्दावली में वृद्धि करेंगी और आपको हिंदी में एक प्रेरक निबंध लिखने में मदद करेंगी।

2. CBSE, ICSE बोर्ड परीक्षा के लिए हिंदी निबंध लिखने में कितना समय देना चाहिए? हिंदी बोर्ड परीक्षा में एक प्रभावी निबंध लिखने पर 20-30 का खर्च पर्याप्त है। क्योंकि परीक्षा हॉल में हर मिनट बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, सभी वर्गों के लिए समय बनाए रखना महत्वपूर्ण है। परीक्षा से पहले सभी हिंदी निबन्ध विषयों से पहले अभ्यास करें और परीक्षा में निबंध लेखन पर खर्च करने का समय निर्धारित करें।

3. हिंदी में निबंध के लिए 200-250 शब्द पर्याप्त हैं? 200-250 शब्दों वाले हिंदी निबंध किसी भी स्थिति के लिए बहुत अधिक हैं। इसके अलावा, पाठक केवल आसानी से पढ़ने और उनसे जुड़ने के लिए लघु निबंधों में अधिक रुचि दिखाते हैं।

4. मुझे छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ औपचारिक और अनौपचारिक हिंदी निबंध विषय कहां मिल सकते हैं? आप हमारे पेज से कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों के लिए हिंदी में विभिन्न सामान्य और विशिष्ट प्रकार के निबंध विषय प्राप्त कर सकते हैं। आप स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताओं, परीक्षाओं और भाषणों के लिए हिंदी में इन छोटे और लंबे निबंधों का उपयोग कर सकते हैं।

5. हिंदी परीक्षाओं में प्रभावशाली निबंध लिखने के कुछ तरीके क्या हैं? हिंदी में प्रभावी और प्रभावशाली निबंध लिखने के लिए, किसी को इसमें शानदार तरीके से काम करना चाहिए। उसके लिए, आपको इन बिंदुओं का पालन करना चाहिए और सभी प्रकार की परीक्षाओं में एक परिपूर्ण हिंदी निबंध की रचना करनी चाहिए:

  • एक पंच-लाइन की शुरुआत।
  • बहुत सारे विशेषणों का उपयोग करें।
  • रचनात्मक सोचें।
  • कठिन शब्दों के प्रयोग से बचें।
  • आंकड़े, वास्तविक समय के उदाहरण, प्रलेखित जानकारी दें।
  • सिफारिशों के साथ निष्कर्ष निकालें।
  • निष्कर्ष के साथ पंचलाइन को जोड़ना।

निष्कर्ष हमने एक टीम के रूप में हिंदी निबन्ध विषय पर पूरी तरह से शोध किया और इस पृष्ठ पर कुछ मुख्य महत्वपूर्ण विषयों को सूचीबद्ध किया। हमने इन हिंदी निबंध लेखन विषयों को उन छात्रों के लिए एकत्र किया है जो निबंध प्रतियोगिता या प्रतियोगी या बोर्ड परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं। तो, हम आशा करते हैं कि आपको यहाँ पर सूची से हिंदी में अपना आवश्यक निबंध विषय मिल गया होगा।

यदि आपको हिंदी भाषा पर निबंध के बारे में अधिक जानकारी की आवश्यकता है, तो संरचना, हिंदी में निबन्ध लेखन के लिए टिप्स, हमारी साइट LearnCram.com पर जाएँ। इसके अलावा, आप हमारी वेबसाइट से अंग्रेजी में एक प्रभावी निबंध लेखन विषय प्राप्त कर सकते हैं, इसलिए इसे अंग्रेजी और हिंदी निबंध विषयों पर अपडेट प्राप्त करने के लिए बुकमार्क करें।

भारत पर निबंध (Essay On India in Hindi) 10 lines 100, 150, 200, 250, 300, 500, शब्दों मे

essay on india in hindi for class 7

Essay On India in Hindi – भारत क्षेत्रफल के हिसाब से सातवां सबसे बड़ा देश है और एशिया में स्थित दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत के तीन किनारे दक्षिण में हिंद महासागर, दक्षिण पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण पूर्व में बंगाल की खाड़ी से घिरे हुए हैं, यह उत्तर में पाकिस्तान, चीन, नेपाल और भूटान के साथ भूमि सीमा साझा करता है; और बांग्लादेश, और म्यांमार पूर्व में। भारत का राष्ट्रीय पशु रॉयल बंगाल टाइगर है, भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, भारत का राष्ट्रीय फल आम है, भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है, और भारत का राष्ट्रीय गान जन गण मन है।

छात्रों और बच्चों के लिए भारत पर लघु निबंध (Short Essay on India for Students and Kids in Hindi)

एशिया महाद्वीप में स्थित भारत देश क्षेत्रफल के हिसाब से सातवां सबसे बड़ा देश है और दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली। भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। भारत के राष्ट्रीय ध्वज का आकार क्षैतिज है, और यह शीर्ष पर गहरा केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे कठोर हरा रंग और सफेद रंग के बीच में एक अशोक चक्र के साथ तिरंगा है।

भारत की राजधानी नई दिल्ली है। भारत का राष्ट्रीय पशु रॉयल बंगाल टाइगर है, भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, भारत का राष्ट्रीय फल आम है, भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है। भारत का राष्ट्रगान रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित जन गण मन है, और राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” है और राष्ट्रीय खेल हॉकी है। हम भारत में भाषाओं, भोजन, संस्कृतियों, भूमि, तापमान की किस्मों को देख सकते हैं। भारत में इतनी विविधता होने के बावजूद भी भारत के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं।

भारत पर निबंध 10 लाइन (Essay on India 10 lines in Hindi)

  • 1) भारत या ‘भारत गणराज्य’ एशिया का एक प्रायद्वीपीय देश है अर्थात् यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है।
  • 2) 7 पड़ोसी देशों के साथ भारत दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा देश है।
  • 3) चीन के बाद 1.3 अरब लोगों के साथ भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
  • 4) पश्चिमी भाग में ‘अरब सागर’, दक्षिणी भाग में ‘हिंद महासागर’ और पूर्व में ‘बंगाल की खाड़ी’ है।
  • 5) भारत का उत्तरी भाग पहाड़ों से ढका हुआ है और प्रसिद्ध पर्वत श्रृंखलाओं में से एक ‘हिमालय’ है।
  • 6) भारत में बहने वाली कई छोटी और बड़ी नदियाँ हैं, जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, गोदावरी, कावेरी आदि।
  • 7) भारत का राष्ट्रीय ध्वज एक आयताकार तिरंगा झंडा है जिसमें सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरे रंग में बीच में ‘अशोक चक्र’ है।
  • 8) भारत का राष्ट्रीय प्रतीक ‘सारनाथ’ में ‘अशोक की शेर की राजधानी’ है और इसके नीचे “सत्यमेव जयते” लिखा है, जिसका अर्थ है सत्य की ही जीत होती है।
  • 9) भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” है जिसकी रचना रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी।
  • 10) भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” है जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था।

भारत पर निबंध 20 लाइन (Essay on India 20 lines in Hindi)

  • 1) भारत विशाल सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता वाला विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
  • 2) भारत 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों के संघ के साथ एक एकल एकात्मक देश है।
  • 3) भारत में विशाल भौगोलिक विविधताएँ भी हैं – पर्वत श्रृंखलाएँ से लेकर शुष्क रेगिस्तान और सदाबहार वन।
  • 4) वन्यजीवों से समृद्ध भारत एशियाई शेरों, बंगाल के बाघों, हाथियों और विभिन्न अन्य प्रजातियों का घर है।
  • 5) मेघालय के उत्तर पूर्वी राज्य चेरापूंजी में भारत में सबसे अधिक वार्षिक वर्षा होती है।
  • 6) राजस्थान के उत्तर पश्चिमी राज्य में जैसलमेर के रेगिस्तान में बहुत कम या बिल्कुल भी वर्षा नहीं होती है।
  • 7) भारत में हर राज्य की अपनी जातीयता के साथ-साथ सांस्कृतिक और भाषाई विरासत है।
  • 8) सदियों से आक्रमणों को देखने के बावजूद, भारत ने अपनी संस्कृति और मूल्यों को नहीं खोया है।
  • 9) मुंबई में बांद्रा-वर्ली सी लिंक में स्टील के तार हैं जो पृथ्वी की परिधि तक मापते हैं।
  • 10) भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक, सिंधु घाटी सभ्यता का घर रहा है।
  • 11) देश का नाम ‘इंडिया’ अति प्राचीन सिंधु नदी से लिया गया है।
  • 12) भारत गाँवों की भूमि है जहाँ 60 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहती है।
  • 13) संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद भारत में दूसरी सबसे बड़ी कृषि भूमि है और अधिकांश लोग कृषि में कार्यरत हैं।
  • 14) यह वह देश है जहाँ महान वैज्ञानिक, आध्यात्मिक गुरु, गणितज्ञों ने जन्म लिया और महान कार्य किया।
  • 15) भारत विविध संस्कृतियों, रीति-रिवाजों, परंपराओं और भाषाओं का देश है।
  • 16) भारत वह देश है जिसने पूरी दुनिया को सनातन धर्म के नाम से लोकप्रिय जीवन दर्शन के बारे में सिखाया।
  • 17) भारत का ISRO अमेरिका, रूस, चीन और यूरोप के अंतरिक्ष संगठन के बाद पांचवां सबसे बड़ा अंतरिक्ष संगठन है।
  • 18) संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद भारत के पास तीसरी सबसे बड़ी सेना है।
  • 19) इसमें लगभग 600 वन्य जीवन अभयारण्य हैं और पक्षियों की 1400 प्रजातियों का घर है।
  • 20) भारत में कई प्रसिद्ध और प्राचीन ऐतिहासिक इमारतें, विरासत और स्मारक हैं जो दुनिया भर के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

इनके बारे मे जाने

भारत पर निबंध 100 शब्द (Essay on India 100 words in Hindi)

भारत पूरे विश्व में प्रसिद्ध देश है। भौगोलिक दृष्टि से हमारा देश एशिया महाद्वीप के दक्षिण में स्थित है। भारत एक अत्यधिक आबादी वाला देश है और स्वाभाविक रूप से सभी दिशाओं से सुरक्षित भी है। यह अपनी महान संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध देश है। इसमें हिमालय नाम का एक पर्वत है जो दुनिया में सबसे ऊंचा है। यह तीन तरफ से तीन महासागरों से घिरा हुआ है, जैसे दक्षिण में हिंद महासागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पश्चिम में अरेबिका सागर। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जो जनसंख्या के मामले में दूसरे नंबर पर है। भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी है, यद्यपि यहाँ लगभग 14 राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त भाषाएँ बोली जाती हैं।

भारत पर निबंध 150 शब्द (Essay on India 150 words in Hindi)

भारत एक खूबसूरत देश है जो अपनी अलग संस्कृति और परंपरा के लिए जाना जाता है। यह अपनी ऐतिहासिक विरासत और स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के नागरिक स्वभाव से बेहद विनम्र और चकाचौंध वाले हैं। ब्रिटिश शासन के तहत, यह 1947 से पहले एक गुलाम देश था। हालाँकि, हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और समर्पण के कारण, भारत को 1947 में अंग्रेजों से आज़ादी मिली। जब भारत को आज़ादी मिली, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधान मंत्री बने और भारतीय ध्वज फहराया और कहा “जब दुनिया सोती है, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा”।

भारत एक लोकतांत्रिक और लोकतांत्रिक देश है जहां देश के लोगों को देश की भलाई के लिए निर्णय लेने का अधिकार है। भारत इस कथन “विविधता में एकता” के लिए प्रसिद्ध देश है क्योंकि विभिन्न जाति, धर्म, संस्कृति और परंपरा के लोग एक साथ एकता में रहते हैं। अधिकांश भारतीय स्मारक और विरासत स्थल विश्व धरोहर स्थल से जुड़े हुए हैं।

भारत पर निबंध 200 शब्द (Essay on India 200 words in Hindi)

भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है। इसका अर्थ है कि सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान किया जाता है, और प्रत्येक व्यक्ति किसी भी धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां के लोगों के पास सभी बुनियादी मानवाधिकार हैं। भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु भारतीय हाथी है। भारत की राष्ट्रीय नदी गंगा है। गंगा एक पवित्र हिंदू नदी है, जो इतनी पवित्र है कि ऐसा माना जाता है कि यह लोगों के पापों को धो देती है। भारत में सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न है, जिसका अर्थ है ‘भारत का गहना’।

भारत की सबसे प्रमुख हस्तियां जो उत्कृष्टता के साथ सेवा करती हैं, उनका कार्यक्षेत्र समर्पण के साथ है, और कड़ी मेहनत इस पुरस्कार को अर्जित करती है। परमवीर चक्र बहादुरी प्रदर्शित करने के लिए दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है। नागरिकों की रक्षा के लिए अपना जीवन ऑनलाइन करने वाले सैनिक भारत के नायक हैं। भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे, जिन्हें पंडित नेहरू या चाचा नेहरू भी कहा जाता है।

संविधान सभा द्वारा भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे। वह आईएनसी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) के सदस्य थे, और वह एक विद्वान थे। मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें प्यार से बापूजी या महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता है, हमारे राष्ट्रपिता हैं। वह दुनिया भर में सबसे अधिक मान्यता प्राप्त व्यक्ति हैं, जो अहिंसा द्वारा देश की स्वतंत्रता में उनके योगदान के लिए जाने जाते हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1913 में साहित्य में नोबेल पुरस्कार जीता था, और वे भारत के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में से एक हैं।

भारत पर निबंध 250 शब्द (Essay on India 250 words in Hindi)

भारत में राजनीतिक परिदृश्य एक बहुदलीय चुनावी प्रणाली है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) भारत की पहली राजनीतिक पार्टी थी। भारत वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा शासित है। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी हैं, जबकि देश के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद हैं। गृह मंत्रालय का ध्यान अमित शाह द्वारा रखा जाता है, और विदेश मंत्रालय या विदेश मामलों के मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर हैं।

भारत को एक विकासशील देश माना जाता है और इसके वर्ष 2033 में महाशक्तियों की सूची में आने की उम्मीद है। चीन के बाद भारत भारत में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। जुलाई 2019 तक भारत की अनुमानित जनसंख्या 1,296,834,042 है। भारत की उत्तरी सीमा पर हिमालय और देश में बहने वाली गंगा के साथ आश्चर्यजनक विशेषताएं हैं। नई दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है।

भारत में वर्तमान में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश, 2 प्रमुख भाषाएँ और 22 आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त राज्य आधारित भाषाएँ हैं। भारत को एक उपमहाद्वीप कहा जाता है और तीन प्रमुख जल निकायों के साथ इसे तीन तरफ से कवर किया जाता है, अर्थात् बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और महान हिंद महासागर। ब्रिटिश भारत के औपनिवेशिक शासक थे और उन्होंने 200 वर्षों तक देश पर शासन किया। इसकी शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत में व्यापार करने और अधिक लाभ कमाने के लिए सत्ता पर कब्जा करने के लिए कलकत्ता पर कब्जा करने के साथ हुई। यह धीरे-धीरे फैल गया, और भारत वर्ष 1858 में ब्रिटिश महारानी के नियंत्रण में आ गया। भारत दुनिया की सबसे बड़ी सेना रखने में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। इसकी FPF रैंक गिरकर चौथे स्थान पर आ गई है क्योंकि इस मामले में अमेरिका और रूस चीन और भारत से आगे हैं।

भारत पर निबंध 300 शब्द (Essay on India 300 words in Hindi)

भारत मेरी मातृभूमि है जहां मैंने जन्म लिया है। मैं भारत से प्यार करता हूं और मुझे इस पर गर्व है। भारत एक बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जो जनसंख्या के बाद चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। इसका समृद्ध और गौरवशाली इतिहास रहा है। इसे विश्व की पुरानी सभ्यता के देश के रूप में देखा जाता है। यह सीखने की भूमि है जहां दुनिया के कोने-कोने से छात्र यहां के विश्वविद्यालयों में पढ़ने आते हैं।

यह देश अपनी अनूठी और विविध संस्कृति और कई धर्मों के लोगों की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति से आकर्षित होने के कारण विदेशों में रहने वाले लोग भी यहां की संस्कृति और परंपरा का पालन करते हैं। कई हमलावर यहां आए और यहां की खूबसूरती और बेशकीमती चीजें चुरा लीं। कुछ ने इसे अपना गुलाम मान लिया, देश के कई महान नेताओं के संघर्ष और बलिदान के कारण 1947 में हमारी मातृभूमि अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त हो गई।

उसी दिन से हमारी मातृभूमि हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में आजाद हुई। पंडित नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने। प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भूमि होते हुए भी यहां के निवासी गरीब हैं। रवींद्रनाथ टैगोर, सर जगदीश चंद्र बोस, सर सीवी रमन, श्री एचएन भाभा आदि जैसे उत्कृष्ट लोगों के कारण यह प्रौद्योगिकी, विज्ञान और साहित्य के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है।

यह एक शांतिपूर्ण देश है जहां लोग बिना किसी हस्तक्षेप के अपने त्योहार मनाते हैं और विभिन्न धर्मों के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा का पालन करते हैं। यहां कई बेहतरीन ऐतिहासिक इमारतें, विरासत, स्मारक और खूबसूरत नजारे हैं जो हर साल अलग-अलग देशों का मन मोह लेते हैं। भारत में, ताजमहल एक महान स्मारक और प्रेम का प्रतीक है और कश्मीर पृथ्वी के स्वर्ग के रूप में है।

भारत पर निबंध 500 शब्द (Essay on India 500 words in Hindi)

भारत हमारा देश ‘अनेकता में एकता’ का बेहतरीन उदाहरण है। विभिन्न पृष्ठभूमि और धर्मों के लोग यहां शांति और सद्भाव से रहते हैं। इसके अलावा, हमारा देश विभिन्न भाषाओं के लिए जाना जाता है। यहां तक ​​कि आपको हमारे देश में हर 100 किलोमीटर पर एक अलग भाषा मिल जाएगी। हमारे देश पर निबंध के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि भारत क्या है।

अनेकता में एकता- हमारा देश निबंध

भारत एक अनूठा देश है जो विभिन्न प्रकार के लोगों को आश्रय देता है जो विभिन्न भाषाएं बोलते हैं, विभिन्न खाद्य पदार्थ खाते हैं और विभिन्न प्रकार के कपड़े पहनते हैं। हमारे देश को जो खास बनाता है वह यह है कि इतने सारे मतभेदों के बावजूद लोग हमेशा शांति से एक साथ रहते हैं।

हमारा देश भारत दक्षिण एशिया में स्थित है। यह एक बड़ा देश है जो लगभग 139 करोड़ लोगों का घर है। इसके अलावा, भारत पूरी दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक होने के कारण, यह एक बहुत समृद्ध देश है।

हमारे देश में उपजाऊ मिट्टी है जो इसे पूरी दुनिया में सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक बनाती है। भारत ने साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध हस्तियों को जन्म दिया है। उदाहरण के लिए, रवींद्रनाथ टैगोर, सीवी रमन, डॉ अब्दुल कलाम और अन्य भारतीय हैं।

यह एक ऐसा देश है जो हजारों गांवों का घर है। इसी प्रकार, भारत के खेतों को शक्तिशाली नदियों द्वारा सिंचित किया जाता है। उदाहरण के लिए, गंगा, कावेरी, यमुना, नर्मदा और अन्य भारत की नदियाँ हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे देश के तटों की रक्षा गहरे महासागर करते हैं और शक्तिशाली हिमालय हमारी प्राकृतिक सीमाएँ हैं। एक धर्मनिरपेक्ष राज्य होने के नाते, भारत में विभिन्न प्रकार के धर्म हैं जो एक साथ खुशी से फलते-फूलते हैं।

हमारे देश की प्रसिद्ध चीजें निबंध

हमारे देश की संस्कृति दुनिया भर में बेहद समृद्ध और प्रसिद्ध है। हम जो अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं और जिन अलग-अलग देवताओं की हम पूजा करते हैं, वे हमारे बीच मतभेद पैदा नहीं करते हैं। हम सभी एक ही भावना साझा करते हैं।

भारत की आत्मा पूरे देश में चलती है। इसके अलावा, भारत बहुत सारे पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। उदाहरण के लिए, ताजमहल, कुतुब मीनार, गेटवे ऑफ इंडिया, हवा महल, चारमीनार और बहुत कुछ काफी लोकप्रिय हैं।

ये आकर्षण दुनिया भर के लोगों को एक साथ लाते हैं। इसी तरह, हमारे पास कश्मीर है जिसे धरती पर स्वर्ग के रूप में जाना जाता है। कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, शक्तिशाली नदियाँ और भव्य घाटियाँ वास्तव में इसे स्वर्ग बनाती हैं।

इसके अलावा, भारत एक बहुत समृद्ध खाद्य संस्कृति होने के लिए प्रसिद्ध है। हमारे देश में इतने सारे व्यंजन पाए जाते हैं कि एक बार में सब कुछ खाना संभव नहीं है। समृद्धि के कारण हमें सब कुछ सर्वोत्तम मिलता है।

हमारे देश निबंध का निष्कर्ष

कुल मिलाकर हमारे देश की एक हजार साल पुरानी संस्कृति है। इसे दुनिया ने योग और आयुर्वेद की देन भी दी है। इसके अलावा, भारत ने विज्ञान, संगीत, गणित, दर्शन और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह विश्व स्तर पर लगभग हर क्षेत्र में एक आवश्यक देश है।

भारत पर अनुच्छेद पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह कौन सी है.

भारत में देखने लायक कई जगहें हैं, यह ध्यान में रखते हुए कि देश कितना खूबसूरत है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बैंगलोर यात्रा करने के लिए सबसे अच्छे भारतीय शहरों में से कुछ हैं। भारत में सबसे अच्छे समुद्र तट पुरी, ओडिशा और गोवा में वागा बीच हैं।

भारत में सबसे अधिक साक्षर राज्य कौन सा है?

केरल, प्रायद्वीप के दक्षिणी किनारे पर स्थित एक राज्य, भारत में सबसे अधिक साक्षरता दर वाला राज्य है। इसकी साक्षरता दर 91.58% है।

भारत का सबसे बड़ा राज्य कौन सा है?

उत्तर प्रदेश या यूपी भारत का सबसे बड़ा राज्य है, इसके क्षेत्रफल को देखते हुए।

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भारत पर निबंध | Essay on India in Hindi 1000 Words | PDF

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Essay on India in Hindi class 6, 7, 8, 9, 10 (Downlaod PDF) भारत पर निबंध – भारत अपने कई अलग-अलग रूप और विविधताओं के लिए जाना जाता है – जैसे – भाषाएं, संस्कृति, भोजन, विशाल आबादी, इसकी प्राकृतिक परिदृश्य, शास्त्रीय नृत्य, बॉलीवुड या हिंदी फिल्म उद्योग, योग का जन्मस्थान, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिकता, आदि। भारत के कई राज्यों का कुछ दसक में विभाजन हो चूका है।  आइये जानते है भारत के बारे में कुछ विशेषताएं इस निबंध के माध्यम से – Essay on India in Hindi

भारत एक महान देश है और हमारी जन्मभूमि है, यहां के लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं लेकिन राष्ट्रभाषा हिंदी है। इसलिए भारत हमें जान से भी प्यारा है। भारत विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों, जातियों, पंथों से भरा है लेकिन सभी एक साथ रहते हैं। प्रत्येक देशभक्त व्यक्ति अपने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहता है क्योंकि यह उसे सबसे प्रिय है। यही कारण है कि भारत “विविधता में एकता” की आम कहावत के लिए प्रसिद्ध है।

वास्तव में भारत सबसे महान देश है। हमारी संस्कृति महान है। ऋषियों का कहना है कि इस पवित्र भूमि पर जन्म लेने के लिए देवता भी स्वर्ग में तरसते हैं क्योंकि यह भूमि मोक्ष और उच्च श्रेणी को प्राप्त करने का मार्ग है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है और इसके 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।

ऐतिहासिक परिचय

प्राचीन काल में भारत नाम का एक प्रतापी राजा था, जिसका प्रताप सूर्य की भांति समस्त पृथ्वी पर व्याप्त था। उन्होंने अपने बल और विक्रम से अखण्ड भारत की स्थापना की। जम्बू द्वीप या आर्यव्रत के सभी निवासी एकता के सूत्र में बंधे थे। सभी लोगों को अपने बेटे की तरह प्यार करता था। उन्हें वत्सल कहा जाता था। आर्यव्रत या जम्बूद्वीप का नाम भारत में उनके नाम पर रखा गया था।

भारत की भावी संतान को भारत कहा गया। तब से अब तक इस देश को भारत के नाम से पुकारा जाता है। मुस्लिम शासन के दौरान इस देश को हिंदुस्तान कहा जाता था। अंग्रेजों ने इसका नाम इंडिया रखा। स्वतंत्र भारत के संविधान में इस देश का नाम भारत रखा गया। इसके अलावा यह “भारत” के रूप में प्रसिद्ध है।

भूगोल और संस्कृति

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आबादी वाला देश है। हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, जैन धर्म, सिख धर्म, ईसाई धर्म और यहूदी धर्म जैसे विभिन्न धर्मों के लोग प्राचीन काल से यहां एक साथ रहते आए हैं। “वंदे मातरम” भारत का राष्ट्रीय गीत है और “जन गण मन” भारत का राष्ट्रगान है। भारत तीन तरफ से महासागरों से घिरा हुआ है जो पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण में हिंद महासागर हैं।

ये भी देखें – Essay on Zoo visit in Hindi

इसे भारत, हिंदुस्तान और आर्यावर्त के नाम से भी जाना जाता है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। आम भारत का राष्ट्रीय फल है। यह ऐतिहासिक इमारतों, स्मारकों, संग्रहालयों, मकबरों, चर्चों, मंदिरों, वन्यजीव अभयारण्यों, प्राकृतिक सुंदरता, वास्तुकला से समृद्ध है।

भारत का ध्वज

भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है जिसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग शामिल हैं। ध्वज में पहला रंग, जो केसरिया है, पवित्रता का प्रतीक है। दूसरा रंग, जो ध्वज के बीच में सफेद रंग है, शांति का प्रतीक है। तीसरा रंग जो झंडे में सबसे नीचे है वह हरा है और यह हरियाली का प्रतीक है। ध्वज के बीच में नीला अशोक चक्र है, जिसमें चौबीस तीलियाँ हैं और समान रूप से विभाजित हैं।

महापुरुषों की भूमि

प्राचीन काल से ही यह देश ऋषियों और महापुरुषों की पवित्र भूमि रही है। यहां ऐसे तत्वदर्शी महर्षि हुए जिनकी व्यापक प्रतिभा से उन्हें त्रिकालदर्शी कहा जाता है। ऐसे विद्वान पुरुषों ने इस देश को सुशोभित किया। यह विधा का ठिकाना बन गया। ऐसा कोई अनुशासन या कला नहीं है जिसका ज्ञान यहां उच्च स्तर पर नहीं था।

कोई भी विषय हमारे ऋषियों से अछूता नहीं रहा। साहित्य की रचना किसी अन्य भूमि पर नहीं हुई है, जितनी प्राचीन काल में यहाँ होती थी। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, पुराण इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में यहां के ऋषियों ने ऐसे आविष्कार किए जो आज भी संभव नहीं हैं। आयुर्वेद इसका प्रत्यक्ष गवाह है।

प्राचीन काल में भी यहाँ की वस्तु कला अपने चरम पर थी। विज्ञान उन्नत अवस्था में था। वायुयान, जहाज की चर्चा पुराने ग्रंथों में सर्वत्र उपलब्ध है। अस्त्र-शस्त्रों के क्षेत्र में यह इतना उन्नत था कि यहाँ पर विनाशकारी अस्त्रों का भी आविष्कार हो चुका था।

यहां के महापुरुषों ने भारत का सर्वांगीण विकास किया। व्यास, वाल्मीकि, कालिदास, माघ, भवभूति जैसे कवि यहाँ रहते थे। अशोक, हर्ष, चंद्रगुप्त, अकबर, महाराजा रणजीत सिंह, शिवाजी जैसे शासक यहां थे जिन्होंने देश को व्यवस्थित शासन दिया। बुद्ध, महावीर, नानक, कबीर, दयानंद सरस्वती, विवेकानंद जैसे समाज सुधारक यहीं पैदा हुए थे, जिन पर आज भी भारत को गर्व है।

प्रकृति ने भारत को अपने संसाधनों से समृद्ध बनाया है। लेकिन आजादी मिलने के बाद भी भारत उतनी प्रगति नहीं कर पाया है, जितनी उसे होनी चाहिए थी। क्योंकि कुशल और देशभक्त शासकों के अभाव में कोई भी देश उन्नति नहीं कर सकता।

आज स्थिति ऐसी हो गई है कि भारत की 50 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है, जिन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है। दूसरी ओर पूंजीपतियों की पूंजी बढ़ती जा रही है। अमीर और अमीर होते जा रहे हैं, गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। उच्च दर्जे के लोगों में भ्रष्टाचार, बेईमानी, धोखाधड़ी, अधिक बढ़ गई है। एक तरफ देश की दौलत बढ़ती जा रही है।

आज गरीबों और अमीरों की आय का अनुपात एक और लाख में है। ऐसी असमानता दुनिया के किसी भी देश में देखने को नहीं मिलती। इसका कारण यह है कि हमारे राजनेताओं और अधिकारियों में राष्ट्रीय भावना का अभाव है। हमारे शासक और प्रशासक ब्रिटिश शासकों के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। अंग्रेजी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त कर आगे आने वाले ही आज भारत में उच्च पदों पर जा सकते हैं। अंग्रेजी योगिता की कसौटी बना ली गई है।

ये भी देखें – Essay on Terrorism problem in India in Hindi

जिन बच्चों ने विदेशी भाषा के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया है और उनमें देश के प्रति स्नेह और आत्मीयता नहीं हो सकती है। जिन लोगों में लोगों के प्रति आत्मीयता और प्रेम नहीं है, उनमें राष्ट्रवाद की भावना नहीं हो सकती। भ्रष्टाचार, कदाचार, बेईमानी, धोखाधड़ी, राष्ट्रीय भावना के अभाव में ही फलता-फूलता है। आज अंग्रेजी जीवन के हर क्षेत्र के लिए योग्यता का आधार बन गई है, इसलिए भारत प्रगति की दौड़ में पिछड़ रहा है।

आज हमें तरक्की की ओर बढ़ने के लिए अपने नैतिक मूल्यों को ऊपर उठाना होगा। जब तक प्रशासक अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा से प्रेम नहीं करते, वे राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं रख सकते। देश को प्रगति के शिखर पर ले जाने के लिए हमें हर क्षेत्र में राष्ट्रीय भावना के साथ लगन से काम करना होगा। भारत के प्रत्येक नागरिक को हर समय जागरूक रहना चाहिए। हमें आपसी भेदभाव को मिटाकर देश की प्रगति में शामिल होना चाहिए। आज भी हमें भारत को विश्व गुरु बनाना चाहिए और इसकी ख्याति फैलानी चाहिए।

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Q&A. on India in Hindi

भारत किस लिए प्रसिद्ध है.

उत्तर – भारत के कई अलग-अलग रूप और विविधताओं के लिए जाना जाता है – जैसे – भाषाएं, संस्कृति, भोजन, विशाल आबादी, इसकी प्राकृतिक परिदृश्य, शास्त्रीय नृत्य, बॉलीवुड या हिंदी फिल्म उद्योग, योग का जन्मस्थान, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिकता, आदि।

भारत में कितने राज्य है?

उत्तर – भारत के कई राज्यों का कुछ दसक में विभाजन हो चूका है, इसलिए आज भारत में 28  राज्य है।

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भारतीय त्योहार पर निबंध (Indian Festivals Essay in Hindi)

विश्व भर में भारत ही एक ऐसा देश है जिसे त्योहारों का देश कहा जाता है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। हर धर्म के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुसार अपने त्योहार मनाते है। भारत को धर्मनिरपेक्ष देश भी कहा जाता है। यहां सभी लोग एक साथ मिलजुल कर भाईचारे के साथ रहते है। वे अपने और अन्य धर्मों के त्योहार को भी बड़ी धूमधाम से मनाते है। इनका हर्षोल्लास इन त्योहारों के समय देखा जा सकता है। हर धर्म के त्योहारों का अपना महत्व और विशेषताएं होती है। महिलाओं और बच्चों में त्योहार का एक अलग उत्साह और जोश देखा जा सकता है।

भारतीय त्योहारों पर दीर्घ निबंध (Long Essay on Indian Festivals in Hindi, Bhartiya Tyohar par Nibandh Hindi mein)

भारतीय त्योहारों पर निबंध – 1 (250 – 300 शब्द).

भारत त्योहारों का देश है, यहाँ अनेक त्यौहार मनाये जाते है। सभी त्योहारों को मनाने की खास विधि और परम्परा है। मकर संक्रांति, होली और दीपावली कुछ प्रमुख त्योहार है, जो बड़े धूम धाम से मनाये जाते है।आइये इन त्योहारों को विस्तार से जानें –

मकर संक्रान्तिका त्यौहार

यह त्यौहार नए वर्ष के आगमन का प्रतीक है। जिस दिन सूर्य मकर रेखा में प्रवेश करता है, उस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देवता की पूजा की जाती है। इस पर्व के माध्यम से सूर्य को धन्यवाद अर्पित किया जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है।

होली का त्यौहार

होली का त्यौहार रंगो का त्यौहार है। यह त्यौहार भक्त प्रह्लाद की जीत की ख़ुशी में मनाया जाता है। यह त्यौहार हमें सन्देश देता है की हमें अपनी भक्ति और श्रद्धा के द्वारा अपने जीवन के दुःख को समाप्त कर ख़ुशी के रंग भरने चाहिए।

दीपावली  का त्यौहार

दीपावली दीपों और प्रकाश कात्यौहार है। यह त्यौहार भगवान राम के लंका विजय के बाद, अयोध्या लौटने की ख़ुशी में मनाई जाती है। यह त्यौहार राम रूपी प्रकाश द्वारा रावण रूपी अंधकार पर विजय का सन्देश देती है। अंधेरों और अज्ञानता को दूर भगाने के लिए दीयों और मोमबत्तियों से चारों ओर रोशनी की जाती है। सभी इस महान त्योहार को बहुत ही उत्साह और ख़ुशी के साथ मिलजुल कर मनाते है।

अतः यह स्पष्ट है की त्योहारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। त्यौहार हमारे जीवन को खुशियों से भर देते है और हमें सदा खुश रहने की प्रेरणा देते है। अतः हमें जीवन का हर दिन एक त्यौहार की तरह जीना चाहिए।

भारतीय त्योहारों पर दीर्घ निबंध (1200 शब्द)

भारत विभिन्न धर्मों के साथ अनेकता में एकता का देश है। त्यौहार चाहे किसी भी धर्म का हो, सभी धर्म और जाती के लोग इन्हें मिल जुलकर मनाते हैं। सभी लोग आपसी भेदभाव को भुलाकर इन त्योहारों का एक साथ आनंद लेते है। लोग उसी धर्म और संस्कृति के रंग में रंगकर उस त्योहार को बड़े ही उत्साह और आनंद के साथ मनाते है। इसके साथ ही आपसी प्यार और सद्भाव की भावना देखने को मिलती है।

भारतीय त्योहारों की श्रेणिया

भारत में विभिन्न धर्मों के त्योहारों का अपना एक महत्त्व है। त्योहारों को मनाये जाने का एक विशेष कारण भी होता है फिर चाहे वो कारण धार्मिक, सांस्कृतिक या पारम्परिक भी हो सकता है। भारतीय त्योहारों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

  • धार्मिक त्योहार

भारत में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई व अन्य धर्म को मानने वाले लोग रहते है, और सभी एक साथ मिलकर त्योहारों को मानते है। यहां जैसा की नाम से पता चल रहा है, इस प्रकार के त्योहार विभिन्न धर्मों और उनकी परम्पराओं के अनुसार होती है। इन त्योहारों में जैसे – होली, दिवाली, दशहरा, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, इत्यादि अन्य त्योहार हिन्दुओं के मुख्य त्योहार है। ईद-उल-फितर, बारावफात, मुहर्रम, इत्यादि मुसलमानों के मुख्य त्योहार है। क्रिसमस, गुडफ्राइडे, ईस्टर जैसे त्योहार ईसाइयों के है। मैंने इनमें से कुछ त्योहारों के बारे में निचे चर्चा कीया है।

दिवाली या दीपावली को हम दीयों या रौशनी के त्योहार के नाम से भी जानते है। इसे हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक जाना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन भगवन रामचंद्र ने अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस आये थे। वनवास के दौरान राक्षस राज रावण ने सीता को धोखे से अगवा कर लिया था, इसी कड़ी में श्री रामचंद्र ने रावण को मारकर सीता को उसके चंगुल से आज़ाद करवाया था। अयोध्या वासियों ने श्री राम को अपने राज्य में वापस आने की खुशी में पुरे राज्य को दीयों से सजाया था। एक परंपरा के अनुसार अंधेरों और अज्ञानता को दूर भागने के लिए दीयों और मोमबत्तियों से चारों ओर रोशनी की जाती है। सभी इस महान त्योहार को बहुत ही उत्साह और ख़ुशी के साथ मिलजुल कर मनाते है।

ईसाई धर्म के लोगों के लिए यह सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार होता है। लोग इसे ईसा मशीह के जन्मदिवस के रूप में पुरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाते है। इस दिन क्रिसमस के पेड़ को खाश तौर पर सजाया जाता है, और चर्च में प्रार्थनाएं की जाती है। बाद में लोग आपस में मिलकर प्यार और सद्भाव को बाटते है और एक दूसरे को उपहार और बधाइयाँ भी देते है। इस दिन सांता क्लॉस बच्चों के लिए उपहार लाता है और बच्चे उपहार पाकर बहुत ही प्रसन्न होते है।

मुख्य रूप से मुसलमानों का यह एक बड़ा त्योहार है। यह रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाता है। इस दिन बच्चे, बड़े सभी मस्जिदों में नमाज अदा करते है और एक दूसरे को शुभकामनाएं और बधाइयां देते है। बड़े बच्चों को ईदी के रूप में उपहार देते है और बच्चे बहुत ही प्रसन्न होते है। इस दिन उनके घरों में सेवइयां और विभिन्न प्रकार के पकवान बनाये जाते है और सभी अपने मित्रों, रिश्तेदारों को दावत के लिए आमंत्रित करते है।

  • राष्ट्रीय पर्व

राष्ट्रीय त्योहार हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों की देश भक्ति और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान की याद में मनाया जाता है। ऐसे त्योहारों में उनके कार्य और बलिदान की कृत्यज्ञता और उन्हें सम्मान देने के लिए मनाते है। राष्ट्रीय पर्व को सभी धर्मों के लोग मिल कर मनाते है।

  • गाँधी जयंती

यह पर्व प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर के दिन महात्मा गांधी के जन्म समारोह के रूप में मनाते है। इस दिन महात्मा गाँधी के उनके अद्भुत कार्य और उनके बलिदान की याद में समर्पित किया जाता है। गांधी जयंती के दिन सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके महान कार्य को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

  • स्वतंत्रता दिवस

प्रतिवर्ष 15 अगस्त को हमारे देश के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर झंडा फहराकर स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा देश के प्रति किये गए कार्य और बलिदान को याद किया जाता है। इस दिन सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में भी भारतीय झंडे को फहराया जाता है और इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया जाता है। इनके सम्मान में भाषण और अन्य कार्यकर्मों का भी आयोजन किया जाता हैं।

  • गणतंत्र दिवस

26 जनवरी 1950 के दिन हमारे देश का संविधान लागु हुआ था, तब से इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मानते है और देश के स्वतंत्रता सेनानियों और डॉ. भीमराव अम्बेडकर जिन्होंने हमारे देश के संविधान को लिखा था उन्हें याद किया जाता है। स्कूलों में कई कार्यक्रम आयोजित होते है और बच्चों में मिठाईया बांटी जाती हैं।

  • भारत के मौसमी त्योहार

भारत में कई प्रकार के मौसमी त्योहार फसलों की कटाई या मौसमों के परिवर्तन के लिए मनाये जाते है। इनमें से कुछ पारम्परिक तो कुछ सांस्कृतिक त्योहारों को दर्शाते है। जिनमें से कुछ इस प्रकार है –

वसंत पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। आमतौर पर यह फरवरी-मार्च के महीने में होता है। वसंत पंचमी इस बात का प्रतिक है की इस दिन से वसंत ऋतू और होली के पर्व का शुभारम्भ होता है। इस दिन लोग “माँ सरस्वती” की पूजा करते है, गीत संगीत के साथ इस पर्व को धूमधाम से मानते है।

  • पोंगल/ मकर संक्रान्ति

भारत के उत्तरी हिस्से में 14 जनवरी के दिन मकर-संक्रांति के रूप में तो वही देश के दक्षिण इलाके में पोंगल के रूप में मनाते है। इस दिन नयी उपज से पैदा अन्न के पकवान बनाकर भगवान को अर्पित कर उनसे समृद्धि और आशीर्वाद मांगते है। इस दिन सूर्य देवता की पूजा की जाती है। इस पर्व के माध्यम से सूर्य को धन्यवाद और उनकी पूजा भी की जाती है। परम्परा के अनुसार सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करने के रूप में भी मनाया जाता है।

बिहू पर्व असम राज्य की फसल कटाई के पर्व के रूप में मनाई जाती है। इस दिन फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भगवान से प्रार्थना की जाती है और घरों की साफ़ सफाई कर हल-कुदाल इत्यादि उपकरणों की पूजा नए वस्त्र पहनकर की जाती है। गीत-संगीत के साथ इस पर्व में लोग आपस में मिलकर एक-दूसरे को बधाइयाँ और उपहार बाटते है।

यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखण्ड, और उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है। इस पर्व में उगते और डूबते सूरज की आराधना और आर्ग दी जाती है। परिवार में अपनों की सलामती के लिए यह पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार दीवाली से छः दिन पश्चात हर वर्ष मनाया जाता है।

विश्व भर में मनाये जाने वाले सभी पर्वों में भारत सबसे ज्यादा पर्व वाला देश है। ये पर्व देश के सांस्कृतिक और समृद्धि का भी प्रतिक है। भारत में अनेक धर्म के लोग अपने धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रचार-प्रसार करने के लिए बड़ी ही धूमधाम से एक साथ मिलकर मानते है। ये सभी पर्व हमारे देश की अनेकता में एकता का सन्देश सारे विश्व में देते है।

Essay on Indian Festivals

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हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) - छात्र जीवन में विभिन्न विषयों पर हिंदी निबंध (essay in hindi) लिखने की आवश्यकता होती है। हिंदी निबंध लेखन (essay writing in hindi) के कई फायदे हैं। हिंदी निबंध से किसी विषय से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप देना आ जाता है तथा विचारों को अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित होता है। हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखने की गतिविधि से इन विषयों पर छात्रों के ज्ञान के दायरे का विस्तार होता है जो कि शिक्षा के अहम उद्देश्यों में से एक है। हिंदी में निबंध या लेख लिखने से विषय के बारे में समालोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। साथ ही अच्छा हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखने पर अंक भी अच्छे प्राप्त होते हैं। इसके अलावा हिंदी निबंध (hindi nibandh) किसी विषय से जुड़े आपके पूर्वाग्रहों को दूर कर सटीक जानकारी प्रदान करते हैं जिससे अज्ञानता की वजह से हम लोगों के सामने शर्मिंदा होने से बच जाते हैं।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि हिंदी में निबंध की परिभाषा (definition of essay) क्या होती है?

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हिंदी निबंध (Hindi Nibandh / Essay in Hindi) - हिंदी निबंध लेखन, हिंदी निबंध 100, 200, 300, 500 शब्दों में

कुछ सामान्य विषयों (common topics) पर जानकारी जुटाने में छात्रों की सहायता करने के उद्देश्य से हमने हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) और भाषणों के रूप में कई लेख तैयार किए हैं। स्कूली छात्रों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हिंदी निबंध (hindi nibandh), भाषण तथा कविता (useful essays, speeches and poems) से उनको बहुत मदद मिलेगी तथा उनके ज्ञान के दायरे में विस्तार होगा। ऐसे में यदि कभी परीक्षा में इससे संबंधित निबंध आ जाए या भाषण देना होगा, तो छात्र उन परिस्थितियों / प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर पाएँगे।

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छात्र जीवन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के सबसे सुनहरे समय में से एक होता है जिसमें उसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। वास्तव में जीवन की आपाधापी और चिंताओं से परे मस्ती से भरा छात्र जीवन ज्ञान अर्जित करने को समर्पित होता है। छात्र जीवन में अर्जित ज्ञान भावी जीवन तथा करियर के लिए सशक्त आधार तैयार करने का काम करता है। नींव जितनी अच्छी और मजबूत होगी उस पर तैयार होने वाला भवन भी उतना ही मजबूत होगा और जीवन उतना ही सुखद और चिंतारहित होगा। इसे देखते हुए स्कूलों में शिक्षक छात्रों को विषयों से संबंधित अकादमिक ज्ञान से लैस करने के साथ ही विभिन्न प्रकार की पाठ्येतर गतिविधियों के जरिए उनके ज्ञान के दायरे का विस्तार करने का प्रयास करते हैं। इन पाठ्येतर गतिविधियों में समय-समय पर हिंदी निबंध (hindi nibandh) या लेख और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना शामिल है।

करियर संबंधी महत्वपूर्ण लेख :

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निबंध, गद्य विधा की एक लेखन शैली है। हिंदी साहित्य कोष के अनुसार निबंध ‘किसी विषय या वस्तु पर उसके स्वरूप, प्रकृति, गुण-दोष आदि की दृष्टि से लेखक की गद्यात्मक अभिव्यक्ति है।’ एक अन्य परिभाषा में सीमित समय और सीमित शब्दों में क्रमबद्ध विचारों की अभिव्यक्ति को निबंध की संज्ञा दी गई है। इस तरह कह सकते हैं कि मोटे तौर पर किसी विषय पर अपने विचारों को लिखकर की गई अभिव्यक्ति ही निबंध है।

अन्य महत्वपूर्ण लेख :

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आइए अब जानते हैं कि निबंध के कितने अंग होते हैं और इन्हें किस प्रकार प्रभावपूर्ण ढंग से लिखकर आकर्षक बनाया जा सकता है। किसी भी हिंदी निबंध (Essay in hindi) के मोटे तौर पर तीन भाग होते हैं। ये हैं - प्रस्तावना या भूमिका, विषय विस्तार और उपसंहार।

प्रस्तावना (भूमिका)- हिंदी निबंध के इस हिस्से में विषय से पाठकों का परिचय कराया जाता है। निबंध की भूमिका या प्रस्तावना, इसका बेहद अहम हिस्सा होती है। जितनी अच्छी भूमिका होगी पाठकों की रुचि भी निबंध में उतनी ही अधिक होगी। प्रस्तावना छोटी और सटीक होनी चाहिए ताकि पाठक संपूर्ण हिंदी लेख (hindi me lekh) पढ़ने को प्रेरित हों और जुड़ाव बना सकें।

विषय विस्तार- निबंध का यह मुख्य भाग होता है जिसमें विषय के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। इसमें इसके सभी संभव पहलुओं की जानकारी दी जाती है। हिंदी निबंध (hindi nibandh) के इस हिस्से में अपने विचारों को सिलसिलेवार ढंग से लिखकर अभिव्यक्त करने की खूबी का प्रदर्शन करना होता है।

उपसंहार- निबंध का यह अंतिम भाग होता है, इसमें हिंदी निबंध (hindi nibandh) के विषय पर अपने विचारों का सार रखते हुए पाठक के सामने निष्कर्ष रखा जाता है।

ये भी देखें :

अग्निपथ योजना रजिस्ट्रेशन

अग्निपथ योजना एडमिट कार्ड

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अंत में यह जानना भी अत्यधिक आवश्यक है कि निबंध कितने प्रकार के होते हैं। मोटे तौर निबंध को निम्नलिखित श्रेणियों में रखा जाता है-

वर्णनात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में किसी घटना, वस्तु, स्थान, यात्रा आदि का वर्णन किया जाता है। इसमें त्योहार, यात्रा, आयोजन आदि पर लेखन शामिल है। इनमें घटनाओं का एक क्रम होता है और इस तरह के निबंध लिखने आसान होते हैं।

विचारात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में मनन-चिंतन की अधिक आवश्यकता होती है। अक्सर ये किसी समस्या – सामाजिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत- पर लिखे जाते हैं। विज्ञान वरदान या अभिशाप, राष्ट्रीय एकता की समस्या, बेरोजगारी की समस्या आदि ऐसे विषय हो सकते हैं। इन हिंदी निबंधों (hindi nibandh) में विषय के अच्छे-बुरे पहलुओं पर विचार व्यक्त किया जाता है और समस्या को दूर करने के उपाय भी सुझाए जाते हैं।

भावात्मक निबंध - ऐसे निबंध जिनमें भावनाओं को व्यक्त करने की अधिक स्वतंत्रता होती है। इनमें कल्पनाशीलता के लिए अधिक छूट होती है। भाव की प्रधानता के कारण इन निबंधों में लेखक की आत्मीयता झलकती है। मेरा प्रिय मित्र, यदि मैं डॉक्टर होता जैसे विषय इस श्रेणी में रखे जा सकते हैं।

इसके साथ ही विषय वस्तु की दृष्टि से भी निबंधों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, खेल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसी बहुत सी श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

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जिस प्रकार बातचीत को आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए लोग मुहावरे, लोकोक्तियों, सूक्तियों, दोहों, कविताओं आदि की मदद लेते हैं, ठीक उसी तरह निबंध को भी प्रभावी बनाने के लिए इनकी सहायता ली जानी चाहिए। उदाहरण के लिए मित्रता पर हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखते समय तुलसीदास जी की इन पंक्तियों की मदद ले सकते हैं -

जे न मित्र दुख होंहि दुखारी, तिन्हिं बिलोकत पातक भारी।

यानि कि जो व्यक्ति मित्र के दुख से दुखी नहीं होता है, उनको देखने से बड़ा पाप होता है।

हिंदी या मातृभाषा पर निबंध लिखते समय भारतेंदु हरिश्चंद्र की पंक्तियों का प्रयोग करने से चार चाँद लग जाएगा-

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।

प्रासंगिकता और अपने विवेक के अनुसार लेखक निबंधों में ऐसी सामग्री का उपयोग निबंध को प्रभावी बनाने के लिए कर सकते हैं। इनका भंडार तैयार करने के लिए जब कभी कोई पंक्ति या उद्धरण अच्छा लगे, तो एकत्रित करते रहें और समय-समय पर इनको दोहराते रहें।

उपरोक्त सभी प्रारूपों का उपयोग कर छात्रों के लिए हमने निम्नलिखित हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) तैयार किए हैं -

सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुभाष चंद्र बोस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के नेता थे और बाद में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया। इसके माध्यम से भारत में सभी ब्रिटिश विरोधी ताकतों को एकजुट करने की पहल की थी। बोस ब्रिटिश सरकार के मुखर आलोचक थे और स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए और अधिक आक्रामक कार्रवाई की वकालत करते थे। विद्यार्थियों को अक्सर कक्षा और परीक्षा में सुभाष चंद्र बोस जयंती (subhash chandra bose jayanti) या सुभाष चंद्र बोस पर हिंदी में निबंध (subhash chandra bose essay in hindi) लिखने को कहा जाता है। यहां सुभाष चंद्र बोस पर 100, 200 और 500 शब्दों का निबंध दिया गया है।

भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस के सम्मान में स्कूलों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। गणतंत्र दिवस के दिन सभी स्कूलों, सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में झंडोत्तोलन होता है। राष्ट्रगान गाया जाता है। मिठाईयां बांटी जाती है और अवकाश रहता है। छात्रों और बच्चों के लिए 100, 200 और 500 शब्दों में गणतंत्र दिवस पर निबंध पढ़ें।

26 जनवरी, 1950 को हमारे देश का संविधान लागू किया गया, इसमें भारत को गणतांत्रिक व्यवस्था वाला देश बनाने की राह तैयार की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण (रिपब्लिक डे स्पीच) देने के लिए हिंदी भाषण की उपयुक्त सामग्री (Republic Day Speech Ideas) की यदि आपको भी तलाश है तो समझ लीजिए कि गणतंत्र दिवस पर भाषण (Republic Day speech in Hindi) की आपकी तलाश यहां खत्म होती है। इस राष्ट्रीय पर्व के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक बनाने और उनके ज्ञान को परखने के लिए गणतत्र दिवस पर निबंध (Republic day essay) लिखने का प्रश्न भी परीक्षाओं में पूछा जाता है। इस लेख में दी गई जानकारी की मदद से Gantantra Diwas par nibandh लिखने में भी मदद मिलेगी। Gantantra Diwas par lekh bhashan तैयार करने में इस लेख में दी गई जानकारी की मदद लें और अच्छा प्रदर्शन करें।

मोबाइल फ़ोन को सेल्युलर फ़ोन भी कहा जाता है। मोबाइल आज आधुनिक प्रौद्योगिकी का एक अहम हिस्सा है जिसने दुनिया को एक साथ लाकर हमारे जीवन को बहुत प्रभावित किया है। मोबाइल हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। मोबाइल में इंटरनेट के इस्तेमाल ने कई कामों को बेहद आसान कर दिया है। मनोरंजन, संचार के साथ रोजमर्रा के कामों में भी इसकी अहम भूमिका हो गई है। इस निबंध में मोबाइल फोन के बारे में बताया गया है।

भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा ने जनभाषा हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया। इस दिन की याद में हर वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। वहीं हिंदी भाषा को सम्मान देने के लिए 10 जनवरी को प्रतिवर्ष विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Diwas) मनाया जाता है। इस लेख में राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर) और विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी) के बारे में चर्चा की गई है।

मकर संक्रांति का त्योहार यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में 14 जनवरी को मनाया जाता है। इसे खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान के बाद पूजा करके दान करते हैं। इस दिन खिचड़ी, तिल-गुड, चिउड़ा-दही खाने का रिवाज है। प्रयागराज में इस दिन से कुंभ मेला आरंभ होता है। इस लेख में मकर संक्रांति के बारे में बताया गया है।

पर्यावरण से संबंधित मुद्दों की चर्चा करते समय ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा अक्सर होती है। ग्लोबल वार्मिंग का संबंध वैश्विक तापमान में वृद्धि से है। इसके अनेक कारण हैं। इनमें वनों का लगातार कम होना और ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन प्रमुख है। वनों का विस्तार करके और ग्रीन हाउस गैसों पर नियंत्रण करके हम ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठा सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध- कारण और समाधान में इस विषय पर चर्चा की गई है।

भारत में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। समाचारों में अक्सर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले प्रकाश में आते रहते हैं। सरकार ने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए कई उपाय किए हैं। अलग-अलग एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई करती रहती हैं। फिर भी आम जनता को भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। हालांकि डिजीटल इंडिया की पहल के बाद कई मामलों में पारदर्शिता आई है। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले कम हुए है, समाप्त नहीं हुए हैं। भ्रष्टाचार पर निबंध के माध्यम से आपको इस विषय पर सभी पहलुओं की जानकारी मिलेगी।

समय-समय पर ईश्वरीय शक्ति का एहसास कराने के लिए संत-महापुरुषों का जन्म होता रहा है। गुरु नानक भी ऐसे ही विभूति थे। उन्होंने अपने कार्यों से लोगों को चमत्कृत कर दिया। गुरु नानक की तर्कसम्मत बातों से आम जनमानस उनका मुरीद हो गया। उन्होंने दुनिया को मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। भारत, पाकिस्तान, अरब और अन्य जगहों पर वर्षों तक यात्रा की और लोगों को उपदेश दिए। गुरु नानक जयंती पर निबंध से आपको उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी मिलेगी।

कुत्ता हमारे आसपास रहने वाला जानवर है। सड़कों पर, गलियों में कहीं भी कुत्ते घूमते हुए दिख जाते हैं। शौक से लोग कुत्तों को पालते भी हैं। क्योंकि वे घर की रखवाली में सहायक होते हैं। बच्चों को अक्सर परीक्षा में मेरा पालतू कुत्ता विषय पर निबंध लिखने को कहा जाता है। यह लेख बच्चों को मेरा पालतू कुत्ता विषय पर निबंध लिखने में सहायक होगा।

स्वामी विवेकानंद जी हमारे देश का गौरव हैं। विश्व-पटल पर वास्तविक भारत को उजागर करने का कार्य सबसे पहले किसी ने किया तो वें स्वामी विवेकानंद जी ही थे। उन्होंने ही विश्व को भारतीय मानसिकता, विचार, धर्म, और प्रवृति से परिचित करवाया। स्वामी विवेकानंद जी के बारे में जानने के लिए आपको इस लेख को पढ़ना चाहिए। यह लेख निश्चित रूप से आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन करेगा।

हम सभी ने "महिला सशक्तिकरण" या नारी सशक्तिकरण के बारे में सुना होगा। "महिला सशक्तिकरण"(mahila sashaktikaran essay) समाज में महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ बनाने और सभी लैंगिक असमानताओं को कम करने के लिए किए गए कार्यों को संदर्भित करता है। व्यापक अर्थ में, यह विभिन्न नीतिगत उपायों को लागू करके महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित है। प्रत्येक बालिका की स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित करना और उनकी शिक्षा को अनिवार्य बनाना, महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस लेख में "महिला सशक्तिकरण"(mahila sashaktikaran essay) पर कुछ सैंपल निबंध दिए गए हैं, जो निश्चित रूप से सभी के लिए सहायक होंगे।

भगत सिंह एक युवा क्रांतिकारी थे जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ते हुए बहुत कम उम्र में ही अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। देश के लिए उनकी भक्ति निर्विवाद है। शहीद भगत सिंह महज 23 साल की उम्र में शहीद हो गए। उन्होंने न केवल भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि वह इसे हासिल करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को भी तैयार थे। उनके निधन से पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रबल हो गई। उनके समर्थकों द्वारा उन्हें शहीद के रूप में सम्मानित किया गया था। वह हमेशा हमारे बीच शहीद भगत सिंह के नाम से ही जाने जाएंगे। भगत सिंह के जीवन परिचय के लिए अक्सर छोटी कक्षा के छात्रों को भगत सिंह पर निबंध तैयार करने को कहा जाता है। इस लेख के माध्यम से आपको भगत सिंह पर निबंध तैयार करने में सहायता मिलेगी।

वसुधैव कुटुंबकम एक संस्कृत वाक्यांश है जिसका अर्थ है "संपूर्ण विश्व एक परिवार है"। यह महा उपनिषद् से लिया गया है। वसुधैव कुटुंबकम वह दार्शनिक अवधारणा है जो सार्वभौमिक भाईचारे और सभी प्राणियों के परस्पर संबंध के विचार को पोषित करती है। यह वाक्यांश संदेश देता है कि प्रत्येक व्यक्ति वैश्विक समुदाय का सदस्य है और हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, सभी की गरिमा का ध्यान रखने के साथ ही सबके प्रति दयाभाव रखना चाहिए। वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पोषित करने की आवश्यकता सदैव रही है पर इसकी आवश्यकता इस समय में पहले से कहीं अधिक है। समय की जरूरत को देखते हुए इसके महत्व से भावी नागरिकों को अवगत कराने के लिए वसुधैव कुटुंबकम विषय पर निबंध या भाषणों का आयोजन भी स्कूलों में किया जाता है। कॅरियर्स360 के द्वारा छात्रों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वसुधैव कुटुंबकम विषय पर यह लेख तैयार किया गया है।

गाय भारत के एक बेहद महत्वपूर्ण पशु में से एक है जिस पर न जाने कितने ही लोगों की आजीविका आश्रित है क्योंकि गाय के शरीर से प्राप्त होने वाली हर वस्तु का उपयोग भारतीय लोगों द्वारा किसी न किसी रूप में किया जाता है। ना सिर्फ आजीविका के लिहाज से, बल्कि आस्था के दृष्टिकोण से भी भारत में गाय एक महत्वपूर्ण पशु है क्योंकि भारत में मौजूद सबसे बड़ी आबादी यानी हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए गाय आस्था का प्रतीक है। ऐसे में विद्यालयों में गाय को लेकर निबंध लिखने का कार्य दिया जाना आम है। गाय के इस निबंध के माध्यम से छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले गाय पर निबंध को लिखने में भी सहायता मिलेगी।

क्रिसमस (christmas in hindi) भारत सहित दुनिया भर में मनाए जाने वाले बेहद महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह ईसाइयों का प्रमुख त्योहार है। प्रत्येक वर्ष इसे 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस का महत्व समझाने के लिए कई बार स्कूलों में बच्चों को क्रिसमस पर निबंध (christmas in hindi) लिखने का कार्य दिया जाता है। क्रिसमस पर एग्जाम के लिए प्रभावी निबंध तैयार करने का तरीका सीखें।

रक्षाबंधन हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व पूरी तरह से भाई और बहन के रिश्ते को समर्पित त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांध कर उनके लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों को कोई तोहफा देने के साथ ही जीवन भर उनके सुख-दुख में उनका साथ देने का वचन देते हैं। इस दिन छोटी बच्चियाँ देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को राखी बांधती हैं। रक्षाबंधन पर हिंदी में निबंध (essay on rakshabandhan in hindi) आधारित इस लेख से विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के त्योहार पर न सिर्फ लेख लिखने में सहायता प्राप्त होगी, बल्कि वे इसकी सहायता से रक्षाबंधन के पर्व का महत्व भी समझ सकेंगे।

होली त्योहार जल्द ही देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला है। होली आकर्षक और मनोहर रंगों का त्योहार है, यह एक ऐसा त्योहार है जो हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन की सीमा से परे जाकर लोगों को भाई-चारे का संदेश देता है। होली अंदर के अहंकार और बुराई को मिटा कर सभी के साथ हिल-मिलकर, भाई-चारे, प्रेम और सौहार्द्र के साथ रहने का त्योहार है। होली पर हिंदी में निबंध (hindi mein holi par nibandh) को पढ़ने से होली के सभी पहलुओं को जानने में मदद मिलेगी और यदि परीक्षा में holi par hindi mein nibandh लिखने को आया तो अच्छा अंक लाने में भी सहायता मिलेगी।

दशहरा हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। बच्चों को विद्यालयों में दशहरा पर निबंध (Essay in hindi on Dussehra) लिखने को भी कहा जाता है, जिससे उनकी दशहरा के प्रति उत्सुकता बनी रहे और उन्हें दशहरा के बारे पूर्ण जानकारी भी मिले। दशहरा पर निबंध (Essay on Dussehra in Hindi) के इस लेख में हम देखेंगे कि लोग दशहरा कैसे और क्यों मनाते हैं, इसलिए हिंदी में दशहरा पर निबंध (Essay on Dussehra in Hindi) के इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें।

हमें उम्मीद है कि दीवाली त्योहार पर हिंदी में निबंध उन युवा शिक्षार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगा जो इस विषय पर निबंध लिखना चाहते हैं। हमने नीचे दिए गए निबंध में शुभ दिवाली त्योहार (Diwali Festival) के सार को सही ठहराने के लिए अपनी ओर से एक मामूली प्रयास किया है। बच्चे दिवाली पर हिंदी के इस निबंध से कुछ सीख कर लाभ उठा सकते हैं कि वाक्यों को कैसे तैयार किया जाए, Class 1 से 10 तक के लिए दीपावली पर निबंध हिंदी में तैयार करने के लिए इसके लिंक पर जाएँ।

बाल दिवस पर भाषण (Children's Day Speech In Hindi), बाल दिवस पर हिंदी में निबंध (Children's Day essay In Hindi), बाल दिवस गीत, कविता पाठ, चित्रकला, खेलकूद आदि से जुड़ी प्रतियोगिताएं बाल दिवस के मौके पर आयोजित की जाती हैं। स्कूलों में बाल दिवस पर भाषण देने और बाल दिवस पर हिंदी में निबंध लिखने के लिए उपयोगी सामग्री इस लेख में मिलेगी जिसकी मदद से बाल दिवस पर भाषण देने और बाल दिवस के लिए निबंध तैयार करने में मदद मिलेगी। कई बार तो परीक्षाओं में भी बाल दिवस पर लेख लिखने का प्रश्न पूछा जाता है। इसमें भी यह लेख मददगार होगा।

हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। भारत देश अनेकता में एकता वाला देश है। अपने विविध धर्म, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के साथ, भारत के लोग सद्भाव, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं। भारत में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाओं में, हिंदी सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और बोली जाने वाली भाषा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में अपनाया गया था। हमारी मातृभाषा हिंदी और देश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है। हिंदी दिवस पर भाषण के लिए उपयोगी जानकारी इस लेख में मिलेगी।

हिन्दी में कवियों की परम्परा बहुत लम्बी है। हिंदी के महान कवियों ने कालजयी रचनाएं लिखी हैं। हिंदी में निबंध और वाद-विवाद आदि का जितना महत्व है उतना ही महत्व हिंदी कविताओं और कविता-पाठ का भी है। हिंदी दिवस पर विद्यालय या अन्य किसी आयोजन पर हिंदी कविता भी चार चाँद लगाने का काम करेगी। हिंदी दिवस कविता के इस लेख में हम हिंदी भाषा के सम्मान में रचित, हिंदी का महत्व बतलाती विभिन्न कविताओं की जानकारी दी गई है।

15 अगस्त, 1947 को हमारा देश भारत 200 सालों के अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। यही वजह है कि यह दिन इतिहास में दर्ज हो गया और इसे भारत के स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते तो हैं ही और साथ ही इसके बाद वे पूरे देश को लालकिले से संबोधित भी करते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री का पूरा भाषण टीवी व रेडियो के माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाता है। इसके अलावा देश भर में इस दिन सभी कार्यालयों में छुट्टी होती है। स्कूल्स व कॉलेज में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस से संबंधित संपूर्ण जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी जो निश्चित तौर पर आपके लिए लेख लिखने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रदूषण पृथ्वी पर वर्तमान के उन प्रमुख मुद्दों में से एक है, जो हमारी पृथ्वी को व्यापक स्तर पर प्रभावित कर रहा है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो लंबे समय से चर्चा में है, 21वीं सदी में इसका हानिकारक प्रभाव बड़े पैमाने पर महसूस किया जा रहा है। हालांकि विभिन्न देशों की सरकारों ने इन प्रभावों को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इससे कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं में गड़बड़ी आती है। इतना ही नहीं, आज कई वनस्पतियां और जीव-जंतु या तो विलुप्त हो चुके हैं या विलुप्त होने की कगार पर हैं। प्रदूषण की मात्रा में तेजी से वृद्धि के कारण पशु तेजी से न सिर्फ अपना घर खो रहे हैं, बल्कि जीने लायक प्रकृति को भी खो रहे हैं। प्रदूषण ने दुनिया भर के कई प्रमुख शहरों को प्रभावित किया है। इन प्रदूषित शहरों में से अधिकांश भारत में ही स्थित हैं। दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली, कानपुर, बामेंडा, मॉस्को, हेज़, चेरनोबिल, बीजिंग शामिल हैं। हालांकि इन शहरों ने प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ और बहुत ही तेजी के साथ किए जाने की जरूरत है।

वायु प्रदूषण पर हिंदी में निबंध के ज़रिए हम इसके बारे में थोड़ा गहराई से जानेंगे। वायु प्रदूषण पर लेख (Essay on Air Pollution) से इस समस्या को जहाँ समझने में आसानी होगी वहीं हम वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पहलुओं के बारे में भी जान सकेंगे। इससे स्कूली विद्यार्थियों को वायु प्रदूषण पर निबंध (Essay on Air Pollution) तैयार करने में भी मदद होगी। हिंदी में वायु प्रदूषण पर निबंध से परीक्षा में बेहतर स्कोर लाने में मदद मिलेगी।

एक बड़े भू-क्षेत्र में लंबे समय तक रहने वाले मौसम की औसत स्थिति को जलवायु की संज्ञा दी जाती है। किसी भू-भाग की जलवायु पर उसकी भौगोलिक स्थिति का सर्वाधिक असर पड़ता है। पृथ्वी ग्रह का बुखार (तापमान) लगातार बढ़ रहा है। सरकारों को इसमें नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे। जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए सरकारों को सतत विकास के उपायों में निवेश करने, ग्रीन जॉब, हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण की ओर आगे बढ़ने की जरूरत है। पृथ्वी पर जीवन को बचाए रखने, इसे स्वस्थ रखने और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर ईमानदारी से काम करना होगा। ग्लोबल वार्मिंग या जलवायु परिवर्तन पर निबंध के जरिए छात्रों को इस विषय और इससे जुड़ी समस्याओं और समाधान के बारे में जानने को मिलेगा।

हमारी यह पृथ्वी जिस पर हम सभी निवास करते हैं इसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1972 में मानव पर्यावरण पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मलेन के दौरान हुई थी। पहला विश्व पर्यावरण दिवस (Environment Day) 5 जून 1974 को “केवल एक पृथ्वी” (Only One Earth) स्लोगन/थीम के साथ मनाया गया था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने भी भाग लिया था। इसी सम्मलेन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की भी स्थापना की गई थी। इस विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) को मनाने का उद्देश्य विश्व के लोगों के भीतर पर्यावरण (Environment) के प्रति जागरूकता लाना और साथ ही प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करना भी है। इसी विषय पर विचार करते हुए 19 नवंबर, 1986 को पर्यवरण संरक्षण अधिनियम लागू किया गया तथा 1987 से हर वर्ष पर्यावरण दिवस की मेजबानी करने के लिए अलग-अलग देश को चुना गया।

आज के युग में जब हम अपना अधिकतर समय पढाई पर केंद्रित करने का प्रयास करते नजर आते हैं और साथ ही अपना ज़्यादातर समय ऑनलाइन रह कर व्यतीत करना पसंद करते हैं, ऐसे में हमारे जीवन में खेलों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। खेल हमारे लिए केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं, अपितु हमारे सर्वांगीण विकास का एक माध्यम भी है। हमारे जीवन में खेल उतना ही जरूरी है, जितना पढाई करना। आज कल के युग में मानव जीवन में शारीरिक कार्य की तुलना में मानसिक कार्य में बढ़ोतरी हुई है और हमारी जीवन शैली भी बदल गई है, हम रात को देर से सोते हैं और साथ ही सुबह देर से उठते हैं। जाहिर है कि यह दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं है और इसके साथ ही कार्य या पढाई की वजह से मानसिक तनाव पहले की तुलना में वृद्धि महसूस की जा सकती है। ऐसी स्थिति में जब हमारे जीवन में शारीरिक परिश्रम अधिक नहीं है, तो हमारे जीवन में खेलो का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है।

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हमेशा से कहा जाता रहा है कि ‘आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है’, जैसे-जैसे मानव की आवश्यकता बढती गई, वैसे-वैसे उसने अपनी सुविधा के लिए अविष्कार करना आरंभ किया। विज्ञान से तात्पर्य एक ऐसे व्यवस्थित ज्ञान से है जो विचार, अवलोकन तथा प्रयोगों से प्राप्त किया जाता है, जो कि किसी अध्ययन की प्रकृति या सिद्धांतों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किए जाते हैं। विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिए भी किया जाता है, जो तथ्य, सिद्धांत और तरीकों का प्रयोग और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करता है।

शिक्षक अपने शिष्य के जीवन के साथ साथ उसके चरित्र निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। कहा जाता है कि सबसे पहली गुरु माँ होती है, जो अपने बच्चों को जीवन प्रदान करने के साथ-साथ जीवन के आधार का ज्ञान भी देती है। इसके बाद अन्य शिक्षकों का स्थान होता है। किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करना बहुत ही बड़ा और कठिन कार्य है। व्यक्ति को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना भी उसी प्रकार का कार्य है, जैसे कोई कुम्हार मिट्टी से बर्तन बनाने का कार्य करता है। इसी प्रकार शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ उसके व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 1908 में हुई थी, जब न्यूयॉर्क शहर की सड़को पर हजारों महिलाएं घंटों काम के लिए बेहतर वेतन और सम्मान तथा समानता के अधिकार को प्राप्त करने के लिए उतरी थीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का प्रस्ताव क्लारा जेटकिन का था जिन्होंने 1910 में यह प्रस्ताव रखा था। पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में मनाया गया था।

हम उम्मीद करते हैं कि स्कूली छात्रों के लिए तैयार उपयोगी हिंदी में निबंध, भाषण और कविता (Essays, speech and poems for school students) के इस संकलन से निश्चित तौर पर छात्रों को मदद मिलेगी।

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बाल श्रम को बच्चो द्वारा रोजगार के लिए किसी भी प्रकार के कार्य को करने के रूप में परिभाषित किया गया है जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डालता है और उन्हें मूलभूत शैक्षिक और मनोरंजक जरूरतों तक पहुंच से वंचित करता है। एक बच्चे को आम तौर व्यस्क तब माना जाता है जब वह पंद्रह वर्ष या उससे अधिक का हो जाता है। इस आयु सीमा से कम के बच्चों को किसी भी प्रकार के जबरन रोजगार में संलग्न होने की अनुमति नहीं है। बाल श्रम बच्चों को सामान्य परवरिश का अनुभव करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और उनके शारीरिक और भावनात्मक विकास में बाधा के रूप में देखा जाता है। जानिए कैसे तैयार करें बाल श्रम या फिर कहें तो बाल मजदूरी पर निबंध।

एपीजे अब्दुल कलाम की गिनती आला दर्जे के वैज्ञानिक होने के साथ ही प्रभावी नेता के तौर पर भी होती है। वह 21वीं सदी के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक हैं। कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति बने, अपने कार्यकाल में समाज को लाभ पहुंचाने वाली कई पहलों की शुरुआत की। मेरा प्रिय नेता विषय पर अक्सर परीक्षा में निबंध लिखने का प्रश्न पूछा जाता है। जानिए कैसे तैयार करें अपने प्रिय नेता: एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध।

हमारे जीवन में बहुत सारे लोग आते हैं। उनमें से कई को भुला दिया जाता है, लेकिन कुछ का हम पर स्थायी प्रभाव पड़ता है। भले ही हमारे कई दोस्त हों, उनमें से कम ही हमारे अच्छे दोस्त होते हैं। कहा भी जाता है कि सौ दोस्तों की भीड़ के मुक़ाबले जीवन में एक सच्चा/अच्छा दोस्त होना काफी है। यह लेख छात्रों को 'मेरे प्रिय मित्र'(My Best Friend Nibandh) पर निबंध तैयार करने में सहायता करेगा।

3 फरवरी, 1879 को भारत के हैदराबाद में एक बंगाली परिवार ने सरोजिनी नायडू का दुनिया में स्वागत किया। उन्होंने कम उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। उन्होंने कैम्ब्रिज में किंग्स कॉलेज और गिर्टन, दोनों ही पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी की। जब वह एक बच्ची थी, तो कुछ भारतीय परिवारों ने अपनी बेटियों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। हालाँकि, सरोजिनी नायडू के परिवार ने लगातार उदार मूल्यों का समर्थन किया। वह न्याय की लड़ाई में विरोध की प्रभावशीलता पर विश्वास करते हुए बड़ी हुई। सरोजिनी नायडू से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

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Frequently Asked Question (FAQs)

किसी भी हिंदी निबंध (Essay in hindi) को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है- ये हैं- प्रस्तावना या भूमिका, विषय विस्तार और उपसंहार (conclusion)।

हिंदी निबंध लेखन शैली की दृष्टि से मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-

वर्णनात्मक हिंदी निबंध - इस तरह के निबंधों में किसी घटना, वस्तु, स्थान, यात्रा आदि का वर्णन किया जाता है।

विचारात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में मनन-चिंतन की अधिक आवश्यकता होती है।

भावात्मक निबंध - ऐसे निबंध जिनमें भावनाओं को व्यक्त करने की अधिक स्वतंत्रता होती है।

विषय वस्तु की दृष्टि से भी निबंधों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, खेल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसी बहुत सी श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

निबंध में समुचित जगहों पर मुहावरे, लोकोक्तियों, सूक्तियों, दोहों, कविता का प्रयोग करके इसे प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। हिंदी निबंध के प्रभावी होने पर न केवल बेहतर अंक मिलेंगी बल्कि असल जीवन में अपनी बात रखने का कौशल भी विकसित होगा।

कुछ उपयोगी विषयों पर हिंदी में निबंध के लिए ऊपर लेख में दिए गए लिंक्स की मदद ली जा सकती है।

निबंध, गद्य विधा की एक लेखन शैली है। हिंदी साहित्य कोष के अनुसार निबंध ‘किसी विषय या वस्तु पर उसके स्वरूप, प्रकृति, गुण-दोष आदि की दृष्टि से लेखक की गद्यात्मक अभिव्यक्ति है।’ एक अन्य परिभाषा में सीमित समय और सीमित शब्दों में क्रमबद्ध विचारों की अभिव्यक्ति को निबंध की संज्ञा दी गई है। इस तरह कह सकते हैं कि मोटे तौर पर किसी विषय पर अपने विचारों को लिखकर की गई अभिव्यक्ति निबंध है।

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Application Date : 29 December,2023 - 09 March,2024

Jharkhand Academic Council 10th Examination

Exam Date : 28 February,2024 - 11 March,2024

Jharkhand Academic Council 12th Examination

Madhya pradesh board 10th examination.

Exam Date : 05 March,2024 - 20 March,2024

Madhya Pradesh Board 12th Examination

Explore career options (by industry).

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Data Administrator

Database professionals use software to store and organise data such as financial information, and customer shipping records. Individuals who opt for a career as data administrators ensure that data is available for users and secured from unauthorised sales. DB administrators may work in various types of industries. It may involve computer systems design, service firms, insurance companies, banks and hospitals.

Bio Medical Engineer

The field of biomedical engineering opens up a universe of expert chances. An Individual in the biomedical engineering career path work in the field of engineering as well as medicine, in order to find out solutions to common problems of the two fields. The biomedical engineering job opportunities are to collaborate with doctors and researchers to develop medical systems, equipment, or devices that can solve clinical problems. Here we will be discussing jobs after biomedical engineering, how to get a job in biomedical engineering, biomedical engineering scope, and salary. 

Geotechnical engineer

The role of geotechnical engineer starts with reviewing the projects needed to define the required material properties. The work responsibilities are followed by a site investigation of rock, soil, fault distribution and bedrock properties on and below an area of interest. The investigation is aimed to improve the ground engineering design and determine their engineering properties that include how they will interact with, on or in a proposed construction. 

The role of geotechnical engineer in mining includes designing and determining the type of foundations, earthworks, and or pavement subgrades required for the intended man-made structures to be made. Geotechnical engineering jobs are involved in earthen and concrete dam construction projects, working under a range of normal and extreme loading conditions. 

Operations Manager

Individuals in the operations manager jobs are responsible for ensuring the efficiency of each department to acquire its optimal goal. They plan the use of resources and distribution of materials. The operations manager's job description includes managing budgets, negotiating contracts, and performing administrative tasks.

Cartographer

How fascinating it is to represent the whole world on just a piece of paper or a sphere. With the help of maps, we are able to represent the real world on a much smaller scale. Individuals who opt for a career as a cartographer are those who make maps. But, cartography is not just limited to maps, it is about a mixture of art , science , and technology. As a cartographer, not only you will create maps but use various geodetic surveys and remote sensing systems to measure, analyse, and create different maps for political, cultural or educational purposes.

GIS officer work on various GIS software to conduct a study and gather spatial and non-spatial information. GIS experts update the GIS data and maintain it. The databases include aerial or satellite imagery, latitudinal and longitudinal coordinates, and manually digitized images of maps. In a career as GIS expert, one is responsible for creating online and mobile maps.

Remote Sensing Technician

Individuals who opt for a career as a remote sensing technician possess unique personalities. Remote sensing analysts seem to be rational human beings, they are strong, independent, persistent, sincere, realistic and resourceful. Some of them are analytical as well, which means they are intelligent, introspective and inquisitive. 

Remote sensing scientists use remote sensing technology to support scientists in fields such as community planning, flight planning or the management of natural resources. Analysing data collected from aircraft, satellites or ground-based platforms using statistical analysis software, image analysis software or Geographic Information Systems (GIS) is a significant part of their work. Do you want to learn how to become remote sensing technician? There's no need to be concerned; we've devised a simple remote sensing technician career path for you. Scroll through the pages and read.

Database Architect

If you are intrigued by the programming world and are interested in developing communications networks then a career as database architect may be a good option for you. Data architect roles and responsibilities include building design models for data communication networks. Wide Area Networks (WANs), local area networks (LANs), and intranets are included in the database networks. It is expected that database architects will have in-depth knowledge of a company's business to develop a network to fulfil the requirements of the organisation. Stay tuned as we look at the larger picture and give you more information on what is db architecture, why you should pursue database architecture, what to expect from such a degree and what your job opportunities will be after graduation. Here, we will be discussing how to become a data architect. Students can visit NIT Trichy , IIT Kharagpur , JMI New Delhi . 

Budget Analyst

Budget analysis, in a nutshell, entails thoroughly analyzing the details of a financial budget. The budget analysis aims to better understand and manage revenue. Budget analysts assist in the achievement of financial targets, the preservation of profitability, and the pursuit of long-term growth for a business. Budget analysts generally have a bachelor's degree in accounting, finance, economics, or a closely related field. Knowledge of Financial Management is of prime importance in this career.

Finance Executive

Data analyst.

The invention of the database has given fresh breath to the people involved in the data analytics career path. Analysis refers to splitting up a whole into its individual components for individual analysis. Data analysis is a method through which raw data are processed and transformed into information that would be beneficial for user strategic thinking.

Data are collected and examined to respond to questions, evaluate hypotheses or contradict theories. It is a tool for analyzing, transforming, modeling, and arranging data with useful knowledge, to assist in decision-making and methods, encompassing various strategies, and is used in different fields of business, research, and social science.

Product Manager

A Product Manager is a professional responsible for product planning and marketing. He or she manages the product throughout the Product Life Cycle, gathering and prioritising the product. A product manager job description includes defining the product vision and working closely with team members of other departments to deliver winning products.  

Investment Banker

An Investment Banking career involves the invention and generation of capital for other organizations, governments, and other entities. Individuals who opt for a career as Investment Bankers are the head of a team dedicated to raising capital by issuing bonds. Investment bankers are termed as the experts who have their fingers on the pulse of the current financial and investing climate. Students can pursue various Investment Banker courses, such as Banking and Insurance , and  Economics to opt for an Investment Banking career path.

Underwriter

An underwriter is a person who assesses and evaluates the risk of insurance in his or her field like mortgage, loan, health policy, investment, and so on and so forth. The underwriter career path does involve risks as analysing the risks means finding out if there is a way for the insurance underwriter jobs to recover the money from its clients. If the risk turns out to be too much for the company then in the future it is an underwriter who will be held accountable for it. Therefore, one must carry out his or her job with a lot of attention and diligence.

Commercial Manager

A Commercial Manager negotiates, advises and secures information about pricing for commercial contracts. He or she is responsible for developing financial plans in order to maximise the business's profitability.

Welding Engineer

Welding Engineer Job Description: A Welding Engineer work involves managing welding projects and supervising welding teams. He or she is responsible for reviewing welding procedures, processes and documentation. A career as Welding Engineer involves conducting failure analyses and causes on welding issues. 

Transportation Planner

A career as Transportation Planner requires technical application of science and technology in engineering, particularly the concepts, equipment and technologies involved in the production of products and services. In fields like land use, infrastructure review, ecological standards and street design, he or she considers issues of health, environment and performance. A Transportation Planner assigns resources for implementing and designing programmes. He or she is responsible for assessing needs, preparing plans and forecasts and compliance with regulations.

Landscape Architect

Having a landscape architecture career, you are involved in site analysis, site inventory, land planning, planting design, grading, stormwater management, suitable design, and construction specification. Frederick Law Olmsted, the designer of Central Park in New York introduced the title “landscape architect”. The Australian Institute of Landscape Architects (AILA) proclaims that "Landscape Architects research, plan, design and advise on the stewardship, conservation and sustainability of development of the environment and spaces, both within and beyond the built environment". Therefore, individuals who opt for a career as a landscape architect are those who are educated and experienced in landscape architecture. Students need to pursue various landscape architecture degrees, such as  M.Des , M.Plan to become landscape architects. If you have more questions regarding a career as a landscape architect or how to become a landscape architect then you can read the article to get your doubts cleared. 

Urban Planner

Urban Planning careers revolve around the idea of developing a plan to use the land optimally, without affecting the environment. Urban planning jobs are offered to those candidates who are skilled in making the right use of land to distribute the growing population, to create various communities. 

Urban planning careers come with the opportunity to make changes to the existing cities and towns. They identify various community needs and make short and long-term plans accordingly.

An expert in plumbing is aware of building regulations and safety standards and works to make sure these standards are upheld. Testing pipes for leakage using air pressure and other gauges, and also the ability to construct new pipe systems by cutting, fitting, measuring and threading pipes are some of the other more involved aspects of plumbing. Individuals in the plumber career path are self-employed or work for a small business employing less than ten people, though some might find working for larger entities or the government more desirable.

Construction Manager

Individuals who opt for a career as construction managers have a senior-level management role offered in construction firms. Responsibilities in the construction management career path are assigning tasks to workers, inspecting their work, and coordinating with other professionals including architects, subcontractors, and building services engineers.

Environmental Engineer

Individuals who opt for a career as an environmental engineer are construction professionals who utilise the skills and knowledge of biology, soil science, chemistry and the concept of engineering to design and develop projects that serve as solutions to various environmental problems. 

Naval Architect

A Naval Architect is a professional who designs, produces and repairs safe and sea-worthy surfaces or underwater structures. A Naval Architect stays involved in creating and designing ships, ferries, submarines and yachts with implementation of various principles such as gravity, ideal hull form, buoyancy and stability. 

Orthotist and Prosthetist

Orthotists and Prosthetists are professionals who provide aid to patients with disabilities. They fix them to artificial limbs (prosthetics) and help them to regain stability. There are times when people lose their limbs in an accident. In some other occasions, they are born without a limb or orthopaedic impairment. Orthotists and prosthetists play a crucial role in their lives with fixing them to assistive devices and provide mobility.

Veterinary Doctor

Pathologist.

A career in pathology in India is filled with several responsibilities as it is a medical branch and affects human lives. The demand for pathologists has been increasing over the past few years as people are getting more aware of different diseases. Not only that, but an increase in population and lifestyle changes have also contributed to the increase in a pathologist’s demand. The pathology careers provide an extremely huge number of opportunities and if you want to be a part of the medical field you can consider being a pathologist. If you want to know more about a career in pathology in India then continue reading this article.

Speech Therapist

Gynaecologist.

Gynaecology can be defined as the study of the female body. The job outlook for gynaecology is excellent since there is evergreen demand for one because of their responsibility of dealing with not only women’s health but also fertility and pregnancy issues. Although most women prefer to have a women obstetrician gynaecologist as their doctor, men also explore a career as a gynaecologist and there are ample amounts of male doctors in the field who are gynaecologists and aid women during delivery and childbirth. 

An oncologist is a specialised doctor responsible for providing medical care to patients diagnosed with cancer. He or she uses several therapies to control the cancer and its effect on the human body such as chemotherapy, immunotherapy, radiation therapy and biopsy. An oncologist designs a treatment plan based on a pathology report after diagnosing the type of cancer and where it is spreading inside the body.

Audiologist

The audiologist career involves audiology professionals who are responsible to treat hearing loss and proactively preventing the relevant damage. Individuals who opt for a career as an audiologist use various testing strategies with the aim to determine if someone has a normal sensitivity to sounds or not. After the identification of hearing loss, a hearing doctor is required to determine which sections of the hearing are affected, to what extent they are affected, and where the wound causing the hearing loss is found. As soon as the hearing loss is identified, the patients are provided with recommendations for interventions and rehabilitation such as hearing aids, cochlear implants, and appropriate medical referrals. While audiology is a branch of science that studies and researches hearing, balance, and related disorders.

Healthcare Social Worker

Healthcare social workers help patients to access services and information about health-related issues. He or she assists people with everything from locating medical treatment to assisting with the cost of care to recover from an illness or injury. A career as Healthcare Social Worker requires working with groups of people, individuals, and families in various healthcare settings such as hospitals, mental health clinics, child welfare, schools, human service agencies, nursing homes, private practices, and other healthcare settings.  

For an individual who opts for a career as an actor, the primary responsibility is to completely speak to the character he or she is playing and to persuade the crowd that the character is genuine by connecting with them and bringing them into the story. This applies to significant roles and littler parts, as all roles join to make an effective creation. Here in this article, we will discuss how to become an actor in India, actor exams, actor salary in India, and actor jobs. 

Individuals who opt for a career as acrobats create and direct original routines for themselves, in addition to developing interpretations of existing routines. The work of circus acrobats can be seen in a variety of performance settings, including circus, reality shows, sports events like the Olympics, movies and commercials. Individuals who opt for a career as acrobats must be prepared to face rejections and intermittent periods of work. The creativity of acrobats may extend to other aspects of the performance. For example, acrobats in the circus may work with gym trainers, celebrities or collaborate with other professionals to enhance such performance elements as costume and or maybe at the teaching end of the career.

Video Game Designer

Career as a video game designer is filled with excitement as well as responsibilities. A video game designer is someone who is involved in the process of creating a game from day one. He or she is responsible for fulfilling duties like designing the character of the game, the several levels involved, plot, art and similar other elements. Individuals who opt for a career as a video game designer may also write the codes for the game using different programming languages.

Depending on the video game designer job description and experience they may also have to lead a team and do the early testing of the game in order to suggest changes and find loopholes.

Radio Jockey

Radio Jockey is an exciting, promising career and a great challenge for music lovers. If you are really interested in a career as radio jockey, then it is very important for an RJ to have an automatic, fun, and friendly personality. If you want to get a job done in this field, a strong command of the language and a good voice are always good things. Apart from this, in order to be a good radio jockey, you will also listen to good radio jockeys so that you can understand their style and later make your own by practicing.

A career as radio jockey has a lot to offer to deserving candidates. If you want to know more about a career as radio jockey, and how to become a radio jockey then continue reading the article.

Videographer

Multimedia specialist.

A multimedia specialist is a media professional who creates, audio, videos, graphic image files, computer animations for multimedia applications. He or she is responsible for planning, producing, and maintaining websites and applications. 

An individual who is pursuing a career as a producer is responsible for managing the business aspects of production. They are involved in each aspect of production from its inception to deception. Famous movie producers review the script, recommend changes and visualise the story. 

They are responsible for overseeing the finance involved in the project and distributing the film for broadcasting on various platforms. A career as a producer is quite fulfilling as well as exhaustive in terms of playing different roles in order for a production to be successful. Famous movie producers are responsible for hiring creative and technical personnel on contract basis.

Fashion Blogger

Fashion bloggers use multiple social media platforms to recommend or share ideas related to fashion. A fashion blogger is a person who writes about fashion, publishes pictures of outfits, jewellery, accessories. Fashion blogger works as a model, journalist, and a stylist in the fashion industry. In current fashion times, these bloggers have crossed into becoming a star in fashion magazines, commercials, or campaigns. 

Copy Writer

In a career as a copywriter, one has to consult with the client and understand the brief well. A career as a copywriter has a lot to offer to deserving candidates. Several new mediums of advertising are opening therefore making it a lucrative career choice. Students can pursue various copywriter courses such as Journalism , Advertising , Marketing Management . Here, we have discussed how to become a freelance copywriter, copywriter career path, how to become a copywriter in India, and copywriting career outlook. 

Careers in journalism are filled with excitement as well as responsibilities. One cannot afford to miss out on the details. As it is the small details that provide insights into a story. Depending on those insights a journalist goes about writing a news article. A journalism career can be stressful at times but if you are someone who is passionate about it then it is the right choice for you. If you want to know more about the media field and journalist career then continue reading this article.

For publishing books, newspapers, magazines and digital material, editorial and commercial strategies are set by publishers. Individuals in publishing career paths make choices about the markets their businesses will reach and the type of content that their audience will be served. Individuals in book publisher careers collaborate with editorial staff, designers, authors, and freelance contributors who develop and manage the creation of content.

In a career as a vlogger, one generally works for himself or herself. However, once an individual has gained viewership there are several brands and companies that approach them for paid collaboration. It is one of those fields where an individual can earn well while following his or her passion. 

Ever since internet costs got reduced the viewership for these types of content has increased on a large scale. Therefore, a career as a vlogger has a lot to offer. If you want to know more about the Vlogger eligibility, roles and responsibilities then continue reading the article. 

Individuals in the editor career path is an unsung hero of the news industry who polishes the language of the news stories provided by stringers, reporters, copywriters and content writers and also news agencies. Individuals who opt for a career as an editor make it more persuasive, concise and clear for readers. In this article, we will discuss the details of the editor's career path such as how to become an editor in India, editor salary in India and editor skills and qualities.

Advertising Manager

Advertising managers consult with the financial department to plan a marketing strategy schedule and cost estimates. We often see advertisements that attract us a lot, not every advertisement is just to promote a business but some of them provide a social message as well. There was an advertisement for a washing machine brand that implies a story that even a man can do household activities. And of course, how could we even forget those jingles which we often sing while working?

Photographer

Photography is considered both a science and an art, an artistic means of expression in which the camera replaces the pen. In a career as a photographer, an individual is hired to capture the moments of public and private events, such as press conferences or weddings, or may also work inside a studio, where people go to get their picture clicked. Photography is divided into many streams each generating numerous career opportunities in photography. With the boom in advertising, media, and the fashion industry, photography has emerged as a lucrative and thrilling career option for many Indian youths.

Social Media Manager

A career as social media manager involves implementing the company’s or brand’s marketing plan across all social media channels. Social media managers help in building or improving a brand’s or a company’s website traffic, build brand awareness, create and implement marketing and brand strategy. Social media managers are key to important social communication as well.

Quality Controller

A quality controller plays a crucial role in an organisation. He or she is responsible for performing quality checks on manufactured products. He or she identifies the defects in a product and rejects the product. 

A quality controller records detailed information about products with defects and sends it to the supervisor or plant manager to take necessary actions to improve the production process.

Production Manager

Reliability engineer.

Are you searching for a Reliability Engineer job description? A Reliability Engineer is responsible for ensuring long lasting and high quality products. He or she ensures that materials, manufacturing equipment, components and processes are error free. A Reliability Engineer role comes with the responsibility of minimising risks and effectiveness of processes and equipment. 

Safety Manager

A Safety Manager is a professional responsible for employee’s safety at work. He or she plans, implements and oversees the company’s employee safety. A Safety Manager ensures compliance and adherence to Occupational Health and Safety (OHS) guidelines.

Corporate Executive

Are you searching for a Corporate Executive job description? A Corporate Executive role comes with administrative duties. He or she provides support to the leadership of the organisation. A Corporate Executive fulfils the business purpose and ensures its financial stability. In this article, we are going to discuss how to become corporate executive.

Azure Administrator

An Azure Administrator is a professional responsible for implementing, monitoring, and maintaining Azure Solutions. He or she manages cloud infrastructure service instances and various cloud servers as well as sets up public and private cloud systems. 

AWS Solution Architect

An AWS Solution Architect is someone who specializes in developing and implementing cloud computing systems. He or she has a good understanding of the various aspects of cloud computing and can confidently deploy and manage their systems. He or she troubleshoots the issues and evaluates the risk from the third party. 

Computer Programmer

Careers in computer programming primarily refer to the systematic act of writing code and moreover include wider computer science areas. The word 'programmer' or 'coder' has entered into practice with the growing number of newly self-taught tech enthusiasts. Computer programming careers involve the use of designs created by software developers and engineers and transforming them into commands that can be implemented by computers. These commands result in regular usage of social media sites, word-processing applications and browsers.

ITSM Manager

Information security manager.

Individuals in the information security manager career path involves in overseeing and controlling all aspects of computer security. The IT security manager job description includes planning and carrying out security measures to protect the business data and information from corruption, theft, unauthorised access, and deliberate attack 

Big Data Analytics Engineer

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[500 शब्द] Essay on My Country India in Hindi – For class 6, 7, 8

Table of content, भौगोलिक स्थिति, भारत में विदेशी आक्रमण, भारत सोने की चिड़या, भारत की प्राकृतिक विशेषताएं, अनेकता में एकता, मेरा देश भारत से संबंधित सवाल – जवाब.

In this article we are sharing essay on My Country India in Hindi . This article is about “मेरा देश भारत पर निबंध 500 शब्दों में.”

This post can help the students who are looking “My Country India par nibandh in Hindi” . This post is briefing about “My Country India ka nibandh” which is very useful for school student.

This essay on My Country India is generally useful for class 7, class 8, class 9 and 10 .

My Country India par nibandh

मेरा देश भारत पर निबंध – My Country India ka nibandh

हमारा महान देश भारत है। भारत देश में अनेकानेक मानव प्रजातियों का संगम हुआ है। भारत आर्य, यूनानी, शक, हूण और तुर्क प्रजातियों का शरण स्थल रहा है। इन समुदायों ने भारतीय सभ्यता के विकास में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान भी दिया है।

भारत उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र तक फैला हुआ है। इसका नाम प्रसिद्ध राजा ‘भरत’ के नाम पर पड़ा ऐसा कहा जाता है। इसका प्राचीन नाम ‘जम्बूद्वीप’ भी है। यूनानियों ने भारत के लिए ‘इण्डिया’ शब्द का प्रयोग किया। मध्यकालीन लेखकों ने इस देश को ‘हिन्द’ तथा ‘हिन्दुस्तान’ का नाम दिया। सिन्ध नदी के तट पर भारत के स्थित होने के कारण इसका ‘हिन्द’ नाम पड़ना प्रमाणिक है क्योंकि जिन लोगों ने इसे ‘हिन्द’ कहा वे ‘स’ शब्द को ‘ह’ के रूप में उच्चारित करते थे।

प्राचीन काल से ही हमारा देश भारत प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण रहा है जिसके कारण हमारे देश में विदेशियों का आक्रमण अधिक हुआ है। कुछ विदेशी आक्रमणकारी यहीं बस गए और कुछ यहां से धन लूट कर चले गए।

यूनानी सम्राट सिकन्दर का भी आक्रमण हुआ, मुहम्मद गौरी, मुहम्मद गजनवी भी लुटेरों के रूप में आये। मुगल शासक ने भी राज्य किया, अंग्रेजों ने भी हमें दासता की जंजीरों में जकड़ा। पर गर्व है कि हम आज आजाद देश के नागरिक हैं।

दुनिया की नज़रों में भारत की स्थिति सम्मानजनक है। इस तरह हमारा देश भारत महान् है। हमें अपने देश पर गर्व है । भारत की सभ्यता और संस्कृति बहुत प्राचीन है। प्राकृतिक सम्पदाओं से परिपूर्ण हमारा देश विश्व में धनी ‘सोने की चिड़िया’ कहलाया करता था। आज हम विकासशील देशों की श्रेणी में खड़े हैं।

यद्यपि अंग्रेजों ने अपनी हुकूमत करते हुए भी इस देश की सम्पदा को जी भरकर लूटा। पर यहां प्रकृति ने बेशुमार प्राकृतिक सम्पदा दी है। यहां वन है; नदियां हैं, पर्वतमालाएं हैं, सागर हैं, घने जंगल हैं। इस देश की भूमि उर्वरा है। देश के नागरिक परिश्रमी हैं-फसलें खेतों में लहलहाती हैं। इस देश मे ऋतुएं बदलती रहती है। जाड़ा, गर्मी, बरसात, बसन्त आता है और अपने आगमन का संदेश फसलों के द्वारा सुना जाता है।

भारत देश की प्रमुख विशेषता इसकी अनेकता में एकता है। यहां अनेक धर्म और सम्प्रदाय के लोग निवास करते हैं। अपने-अपने धर्म भी मान्यता के अनुसार चलते हैं, फिर भी सब भारतवासी हैं।

हमारे देश में धार्मिक स्वतंत्रता की पूर्ण आजादी है क्योंकि यह ऋषि-मुनियों का देश है। हमारे देश के वैज्ञानिक भास्कार रेड्डी, सी० वी० रमन पूरे विश्व में भारत की पहचान स्थापित करते हैं। हमारे देश में मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारों की शोभा देखने की मिलती है।

ऐतिहासिक प्राचीन इमारतों की इस देश में कमी नहीं। साहित्य, कला के क्षेत्र में भी भारत की प्रसिद्धि कम नहीं। गुरुनानक, गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी-इस देश में जन्में और पड़ोसी देशों में उनका धर्म फैला। हम अपने देश के गाँधी, नेहरू, सुभाषचन्द्र बोस, भगत सिंह आदि पर गर्व करते हैं।

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दिल्ली शहर भारत देश में स्थित है।

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मुंबई शहर भारत देश में स्थित है।

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essay on india in hindi for class 7

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ESSAY KI DUNIYA

HINDI ESSAYS & TOPICS

Essay in Hindi Language – निबंध

December 12, 2017 by essaykiduniya

Essay in Hindi –   These Hindi essays are for Nursery Class, Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12. We provide various types of essay in Hindi such as education, speech, science and technology, India, festival, national day, environmental issues, social issues, social awareness, ethical values, nature and health etc in 100, 200, 300, 400, 500, 600, 700, 800, 900, 1000, 1100, 1200, 1300, 1400, 1500 and 1600 words.

ये हिंदी निबंध नर्सरी कक्षा से कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के लिए हैं। हम शिक्षा, भाषण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, एनीमा, भारत, त्योहार, राष्ट्रीय दिवस, पर्यावरण मुद्दों, सामाजिक मुद्दे, सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, प्रकृति और स्वास्थ्य आदि जैसे विभिन्न प्रकार के निबंधों को हिंदी में प्रदान करते हैं।

हर कोई इन निबंध को आसानी से समझ सकता है क्योंकि हमने  इनमें बहुत सरल और आसान शब्दों का इस्तेमाल किया है। । ये किसी छात्र द्वारा आसानी से समझे जा सकते है| ऐसे निबंध छात्रों को भारतीय संस्कृति, विरासत, स्मारकों, प्रसिद्ध स्थानों, शिक्षकों, माताओं, पशुओं, पारंपरिक त्योहारों, घटनाओं, अवसरों, प्रसिद्ध व्यक्तित्वों, किंवदंतियों, सामाजिक मुद्दों और इतने सारे अन्य विषयों के बारे में जानने में मदद और प्रेरित कर सकते हैं। हमने बहुत विशिष्ट और सामान्य विषय निबंध प्रदान किए हैं। 

ESSAY IN HINDI – निबंध

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त्योहारों पर निबंध – Essay on Festivals

महान व्यक्तियों पर निबंध – Essay on great personalities 

पर्यावरण के मुद्दें और जागरूकता पर निबंध – Essay on Environment 

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भारत के त्यौहार पर निबंध (Indian Festivals Essay In Hindi)

भारत के त्यौहार पर निबंध (Indian Festivals Essay In Hindi)

आज   हम भारत के त्यौहार पर निबंध (Essay On Festivals Of India In Hindi) लिखेंगे। भारत के त्यौहार पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

भारतीय त्यौहार  पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Indian Festivals In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे , जिन्हे आप पढ़ सकते है।

Table of Contents

हमारा देश भारत विभिन्नता का एक ऐसा समूह है, जो अत्यंत अदभुत ओर दुर्लभ भी है। इस दुर्लभता ओर अद्भुत स्वरूप को देखकर मन मे खुशियों का उल्लास छा जाता है। हमारे देश भारत मे जो भी त्योहार मनाए जाते है, उनमें अनेक रूप दिखाई देते है।

जैसे कि कोई त्योहार ऋतु ओर मौसम पर आधारित है, तो कुछ सांस्कृतिक या किसी घटना विशेष से सम्बंधित होकर सम्पन्न होते है। हमारे देश मे तो जैसे त्योहारों का जाल सा बिछा है।

हमारे देश के त्योहार

हमारे देश के त्योहारों के बारे में ये कहना अत्युक्ति अथवा अनुचित बात नहीं होंगी की यंहा आये दिन कोई न कोई त्योहार पड़ता ही रहता है। ऐसा इसलिए कि हमारे देश के ये त्योहार किसी एक ही वर्ग, जाती या सम्प्रदाय से ही सम्बंधित नहीँ होते है। अपितु ये विभिन्न वर्गों, जातियों और सम्प्रदायो के द्वारा सम्पन्न ओर आयोजित होते रहते है।

जिसे हम सभी मिलकर खुशयो के साथ मनाते है। ये त्योहार धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक होते है। इन सभी प्रकार के त्योहारों का कुछ ना कुछ विशिष्ट अर्थ होता है।इस विशिष्ट अर्थ के साथ इनका कोई न कोई महत्व भी अवश्य होता है। इस महत्व में मानव की प्रकृति और दशा किसी न किसी रूप में अवश्य झलकती हैं।

मानवीय मूल्यों और मानविय आदर्श के त्योहार

मानवीय मूल्यों और मानवीय आदर्शो को स्थापित करने वाले हमारे देश के त्योहार तो श्रंखलाबद्ध है। जैसे ही एक त्योहार समाप्त हुआ कि दूसरा त्योहार आ धमकता है। कहने का मतलब बस इतना है कि हमारे देश मे पूरे साल ही त्योहार चलते रहते है।

हमें इन त्योहार से फुरसत तो समझो मिल ही नहीं सकती। हमारे देश के प्रमुख त्योहार में दीपावली, रक्षाबंधन, होली, जन्माष्ठमी, बैसाखी, रथयात्रा, दशहरा, ईद, मुहर्रम, बकरी ईद, क्रिसमस, ओणाम, नागपंचमी, बुद्ध -पूर्णिमा, राम-नवमी आदि है।

रक्षाबंधन के त्योहार का महत्व प्राचीन परंपरा के अनुसार गुरु-महत्व को प्रतिपादित करने से है। लोगो की यह मान्यता है कि इस दिन गुरु अपने शिष्य यथाशक्ति दान – दक्षिणा देकर अपनी श्रद्धा – निष्ठा को प्रकट करता है।

आज की परंपरा के अनुसार बहने अपने भाईयों के हाथ मे राखी का बंधन बांधकर उससे परस्पर प्रेम के निर्वाह का वचन दान लेती है। भाद्र मास जन्माष्टमी का त्योहार श्रीकृष्ण जनमोत्स्व के रूप में मनाया जाता है।

दशहरा का त्योहार पूरे देश मे आश्विनी मास में मनाया जाता है। यधपि इस त्योहार के मनाने के विभिन्न तोर तरीके है, जिनसे हमारी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई है। यह त्योहार लगातार आश्विन मास के पूरे शुक्ल-पक्ष तक परम् हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है।

वही नागपंचमी शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पूजा उत्सव के रूप में पूरे देश मे धूम-धाम से मनाया जाता है। नागपंचमी के दिन शेषनाग के प्रति श्रद्धा भक्ति व्यक्त करते है। लोगो का मानना है कि इस दिन नाग देवता प्रसन्न होते है। इससे हमारे धार्मिक संस्कार जागृत होते है।

फिर इन त्योहारो में दिवाली के त्योहार को कैसे भूल सकते है। दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या के अंधकार को पराजित करने के लिए आयोजित करते है। यह अज्ञान को छिन्न भिन्न करके ज्ञान की स्थापना करता है।

मान्यतानुसार इस दीन श्रीराम जी ने रावण को पराजित करके अपने घर अयोध्या लौटे थे और उनके स्वागत में अनगिनत दीपो को जलाकर, अमावस्या का अंधेरा मिटाकर श्रीराम जी का अयोध्या में स्वागत किया गया था।

होली जैसे त्योहार के बारे में कोन नहीँ जानता। इस आनंद ओर उमंग के त्योहार को प्रत्येक प्रकार की कटुता भुलाकर हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। इसी प्रकार ईद, क्रिसमस, बकरी ईद इनसभी त्योहार का अपना – अपना महत्व है।

हमारे देश भारत के त्योहार के ज्वार

हमारे देश मे त्योहारों का ज्वार आये दिन उमड़ता ही रहता है। कोई भी ऐसा दिन नहीँ होता, जो किसी तिथि, पर्व या त्योहार का दिन न हो। हमारे इन पर्वो, तिथियों ओर त्योहारो से हमारी सांस्कृतिक एकता की तरंगें उछलती, कूदती ओर उमड़ती हुई हमारे देश के कण-कण को स्नेह सुधा से सिंचित करती चलती है।

हमारे देश का चाहे उत्तरी भाग हो या दक्षिणी, पूर्वी हो या पश्चिमी अथवा ह्रदय स्थल ही क्यों ना हो। सभी को संजीवनी प्रदान करने वाले हमारे तिथि, त्योहार ओर पर्व ही है। जिस प्रकार से हमारे देश में जातीय भिन्नता ओर भौगोलिक असमानता है, उसी प्रकार से हमारे यहाँ सम्पन्न होने वाले त्यौहारों की एकरूपता नही है।

कोई इतना बड़ा त्योहार होता है की उसे पूरा देश खुशी से गले लगता है। तो कोई इतना छोटा है कि वह केवल सीमित स्थान में ही जनप्रिय होता है। होली, दशहरा, दिवाली जँहा व्यापक रूप से पूरे देश मे बड़े धूमधाम के साथ मनाते है। वही क्षेत्रीय त्योहार जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार का घट त्यौहार, तमिलनाडु का पोंगल, पंजाब की बैसाखी आदि है।

भारत देश के त्यौहार का आगमन

हमारे देश के त्योहार का आगमन या आयोजन ऋतुचक्र से होता है। हमारी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतिनिधि के रूप में है। जिससे हमारी सामाजिक और राष्टीय मान्यताएं झांकती हुई दिखाई देती है। हमारी मनोवर्तिया इससे सपष्ट होती है। हमारी जातियां दिखाई देती है।

हम क्या है और हमारी अवधारणाएं क्या है। हम दूसरों की अपेक्षा क्या है या हम दूसरों को क्या समझते है, इन सभी प्रश्नों का उत्तर और स्पष्टीकरण इन त्योहारों के माध्यम से होता है।अतएव हमें अपने यहां सम्पन्न होने वाले त्यौहारों का यथोचित उल्लेख करना आवश्यक प्रतीत होता है।

रक्षाबंधन का त्योहार राखी, रखड़ी, कई नामो से चर्चित है। जो वर्षाऋतु के श्रावण पूर्णिमा के दिन श्रद्धा विश्वास ओर प्रेम के त्रिकोण से प्रकट होता हैं। प्राचीनकाल से इसके प्रति अनेक धारणाएं रही है, लेकिन आधुनिक इस त्यौहार का खुला ओर सच्चा रूप भाई-बहन के परस्पर स्नेह और मंगल भावनाओ के द्वारा सामने आता हैं।

पूरे देश मे यह हर्ष ओर उल्लास के साथ मनाया जाता हैं। विजय का प्रेरक ओर दृढ़ संकल्प का प्रतीक दशहरा का त्योहार आश्विन मास के शुक्लपक्ष की दशमी को अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध लड़ने का पाठ पढ़ाता है।

दशहरा के त्यौहार को श्री राम द्वारा प्राप्त रावण पर विजय के रूप में सम्पूर्ण देश मे व्यापक ढंग से मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर निष्ठा और श्रद्धा के रूप में मनाया जाने वाला त्योहार दीपावली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

दिवाली का त्यौहार समशीतोष्ण ऋतु की मुस्कान को दीपो की सुंदर और मनमोहक लो के साथ प्रस्तुत करके हमारे ज्ञान दिप को प्रज्ज्वलित करने की सचेतना प्रदान करता है। राष्टीय स्तर पर मनाए जाने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के त्योहारों में ईद, मुहर्रम ओर क्रिसमस के त्योहार भी हममें परस्पर मेल-मिलाप ओर बन्दुत्व की भावना को जाग्रत करते है। जिन्हे हम सभी मिलजुल कर मनाते हैं।

हमारे देश भारत में त्योहार के महत्व

हमारे देश भारत के त्योहार का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसमें परस्पर एकता, एकरूपता ओर एकात्मकता का पाठ पड़ाते है। यही कारण है कि हम हिन्दू, मुसलमानों, ईसाइयों, सिक्खों आदि के त्योहार ओर पर्वो को अपना त्योहार ओर पर्व मानकर उसमे भाग लेते है और आपस मे एक दुसरो को ह्रदय से लगाते है।

इसी तरह से मुसलमान, सिक्ख, ईसाई भी हमारे हिन्दू त्योहारों को पर्वो को तन और मन से अपनाकर के अभिन्न भावनाओ को प्रकट करते है। अतएव हमारे देश के त्योहार का महत्व धार्मिक, सास्कृतिक, सामाजिक ओर आद्यात्मिक दृष्टि से बहुत अधिक है।

राष्टीय महत्व की दृष्टि से 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्टूबर, 14 नबंवर का महत्व अधिक है। संक्षेप में हम कह सकते है कि हमारे देश के त्योहार विशुद्ध प्रेम, भेदभाव ओर सहानुभूति का महत्व रखते है।

इनसे आपस मे मित्रता, एकता और सद्भावना प्रकट होती है। एक प्रकार से अगर ये त्योहार नहीं होते तो समझ लीजिए हमारा जीवन कितना बेरंग ओर नीरस होता। हमें एक दूसरे से कोई मतलब नही होता। पर इन त्योहारों की बजह से ही हम भारतीय आपस मे जुड़े हुए है ओर इन त्योहारों की खुशियों को आपस मे मिलकर बाटते है।

हमारा देश भारत त्योहारों का देश है। यहां कोई भी त्योहार हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हमारे देश मे सभी लोग हर जाति और धर्म को भुलाकर त्यौहारों का आनन्द उठाते है। हमारे देश में धर्म का इतना कोई महत्व नहीं है, जितना त्योहारों का है।

इसलिये भारत देश ऐसे ही नही पूरे विश्व मे अपनी साम्प्रदायिकता ओर अखंडता के लिए त्योहारों के नाम से विख्यात है। ये त्योहारों से जुड़ी एकता केवल हमारे देश भारत मे ही देखने को मिलती है।

सबसे बड़ी बात तो यह होती है कि ये त्योहार अपने जन्मकाल से लेकर अब तक उसी पवित्रता और सात्विकता की भावना को संजोए हुए है। युग बदले, कई परिवर्तन हुए है और हो भी रहे है, पर इन त्योहारों पर इसका कोई प्रभाव नही पड़ा।

इन त्योहार का रूप चाहे बड़ा हो, चाहे छोटा, चाहे एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित हो या चाहे सम्पूर्ण समाज और राष्ट को प्रभावित करने वाला हो। ये त्योहार शुद्धता, नैतिकता और विश्वास का प्रतीक है, ये भारत के त्योहार है।

List Of Festivals Of India In Hindi

तो यह था भारत के त्यौहार पर निबंध (Festivals Of India Essay In Hindi) , आशा करता हूं कि भारतीय त्यौहार  पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Indian Festivals) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है , तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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Essay on India For Students and Children

500+ words essay on india.

India is a great country where people speak different languages but the national language is Hindi. India is full of different castes, creeds, religion, and cultures but they live together. That’s the reasons India is famous for the common saying of “ unity in diversity “. India is the seventh-largest country in the whole world.

Geography and Culture

India has the second-largest population in the world. India is also knowns as Bharat, Hindustan and sometimes Aryavart. It is surrounded by oceans from three sides which are Bay Of Bengal in the east, the Arabian Sea in the west and Indian oceans in the south. Tiger is the national animal of India. Peacock is the national bird of India. Mango is the national fruit of India. “ Jana Gana Mana ” is the national anthem of India . “Vande Mataram” is the national song of India. Hockey is the national sport of India. People of different religions such as Hinduism, Buddhism , Jainism, Sikhism, Islam, Christianity and Judaism lives together from ancient times. India is also rich in monuments, tombs, churches, historical buildings, temples, museums, scenic beauty, wildlife sanctuaries , places of architecture and many more. The great leaders and freedom fighters are from India.

F lag of India

The indian flag has tricolors.

The first color that is uppermost color in the flag which is the saffron color, stands for purity. The second color i.e. the middle color in the flag is the white color and it stands for peace. The third color that is the lowest color in the flag is the green color and it stands for fertility. The white color has an Ashoka Chakra of blue color on it. Ashoka Chakra contains twenty-four spokes which are equally divided. India has 29 states and 7 union territories.

essay on india map

Follow this link to get a Physical and state-wise Map of India

My Favorite States from India are as follows –

Rajasthan itself has a glorious history. It is famous for many brave kings, their deeds, and their art and architecture. It has a sandy track that’s why the nuclear test was held here. Rajasthan is full of desert, mountain range, lakes, dense forest, attractive oases, and temples, etc. Rajasthan is also known as “Land Of Sacrifice”. In Rajasthan, you can see heritage things of all the kings who ruled over there and for that, you can visit Udaipur, Jodhpur, Jaisalmer, Chittaurgarh, etc.

Madhya Pradesh

Madhya Pradesh is bigger than a foreign (Italy) country and smaller than Oman. It also has tourists attractions for its places. In Madhya Pradesh, you can see temples, lakes, fort, art and architecture, rivers, jungles, and many things. You can visit in Indore, Jabalpur, Ujjain, Bhopal, Gwalior and many cities. Khajuraho, Sanchi Stupa, Pachmarhi, Kanha national park, Mandu, etc. are the places must visit.

Jammu and Kashmir

Jammu and Kashmir are known as heaven on earth . We can also call Jammu and Kashmir as Tourists Paradise. There are many places to visit Jammu and Kashmir because they have an undisturbed landscape, motorable road, beauty, lying on the banks of river Jhelum, harmony, romance, sceneries, temples and many more.

In Jammu and Kashmir, u can enjoy boating, skiing, skating, mountaineering, horse riding, fishing, snowfall, etc. In Jammu and Kashmir, you can see a variety of places such as Srinagar, Vaishnav Devi, Gulmarg, Amarnath, Patnitop, Pahalgam, Sonamarg, Lamayuru, Nubra Valley, Hemis, Sanasar,  Anantnag,  Kargil, Dachigam National Park, Pulwama, Khilanmarg, Dras, Baltal, Bhaderwah, Pangong Lake, Magnetic Hill, Tso Moriri, Khardung La, Aru Valley, Suru Basin,Chadar Trek, Zanskar Valley, Alchi Monastery, Darcha Padum Trek, Kishtwar National Park, Changthang Wildlife Sanctuary, Nyoma, Dha Hanu, Uleytokpo, Yusmarg, Tarsar Marsar Trek and many more.

It is known as the ‘God’s Own Country’, Kerala is a state in India, situated in the southwest region, it is bordered by a number of beaches; covered by hills of Western Ghats and filled with backwaters, it is a tourist destination attracting people by its natural beauty. The most important destinations which you can see in Kerela are the museum, sanctuary, temples, backwaters, and beaches. Munnar, Kovalam, Kumarakom, and Alappad.

India is a great country having different cultures, castes, creed, religions but still, they live together. India is known for its heritage, spices, and of course, for people who live here. That’s the reasons India is famous for the common saying of “unity in diversity”. India is also well known as the land of spirituality , philosophy, science, and technology.

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निबंध (Essay) एक गद्य रचना को कहते हैं जिस में हम किसी भी विषय का वर्णन करते हैं। निबंध’ दो शब्दों से मिलकर बना है- "नि" और "बंध"। जिसका अर्थ है अच्छी तरह बंधी हुई वर्णन करना। निबंध के माध्यम से लेखक किसी भी विषय के बारे में अपने विचारों और भावों को बड़े प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने की कोशिश करता है। निबंध लिखना और पढ़ना एक महत्वपूर्ण विषय है सभी के लिए। एक श्रेष्ठ निबंध लेखक को विषय का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, उसकी भाषा पर अच्छी पकड़ होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की अपनी अभिव्यक्ति होती है। इसलिए एक ही विषय पर हमें अलग-अलग तरीकों से लिखे गए निबंध मिलते हैं। इसीलिए निबंधों के इस महत्व को ध्यान में रखते हुए हमने इन निबंधों का संग्रह तैयार किया है ।

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  • NCERT Solutions For Class 7 Hindi
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NCERT Solutions for Class 7 Hindi - Free PDF Download

Class 7 Hindi has a vivid syllabus comprising two important sections. The first part is Class 7 Hindi Vasant and the second part is Class 7 Hindi Mahabharata. These two sections are quite crucial to study for scoring good marks and developing language skills. To make it easier, download the Class 7 Hindi Question Answer for all the chapters.

These solutions have been framed by the experts by following the latest CBSE guidelines and syllabus. Enjoy the highest convenience of finding the right answers to all exercise questions and develop your conceptual foundation.

NCERT books are the essence of many schools in India. All the solutions to questions mentioned in NCERT books are provided by Vedantu. Vedantu assists all its students by providing study materials such as previous year question papers, sample papers, and chapter summary and solutions in the free PDF format. NCERT Class 7 Hindi Mahabharat Solutions are equipped with chapter-wise answers to free students from the last minute burden of studying. NCERT Solutions is for providing quality education to school children. NCERT Solutions for Class 7 Hindi is a significant material as students get a firm grip on the basics with the help of these solutions. Subjects like Science, Maths, English will become easy to study if you have access to NCERT Solution for Class 7 Science , Maths solutions and solutions of other subjects. You can also download NCERT Solutions for Class 7 Maths to help you to revise the complete syllabus and score more marks in your examinations.

Detailed Overview of Class 7 Hindi NCERT Solutions

Ncert solutions for class 6 hindi - chapter-wise list.

Given below are the chapter-wise NCERT Solutions for Class 6 Hindi. These solutions are provided by the Hindi experts at Vedantu in a detailed manner. Go through these chapter-wise solutions to be thoroughly familiar with the concepts.

Arrow-right

Class 7 Hindi NCERT Solutions

The subject is taught using two books, Mahabharat and Vasant . Both these books are well thought of so that they can be studied by students of Class 7 . The two books are compiled to give a taste of Hindi Literature to the students.

NCERT Hindi Mahabharat Katha is one of the two prescribed textbooks for Class 7. Mahabharat is one of the greatest mythological epics in Hindu mythology. Every person belonging to this country would greatly benefit from knowing this wonderful tale. It teaches a lot of life lessons which one can carry through their future. Through this textbook, one can understand the different characters in the epic. Students will greatly benefit if they read not only from the textbook but also from other reference materials so that they can easily get to know all the hidden meanings and references mentioned in the story.

NCERT Hindi Vasant for Class 7 is the second book prescribed by the board. This book is a collection of various essays, stories, and literary works by many important authors. The chapters in this book would make the students fall in love with the language as they slowly begin to understand the deeper meanings that each of them represents. The chapters selected while compiling the book not only draws the interest of the students but also makes them think and let their imaginations soar, which is the most important goal of any language.

There are 20 chapters in this book, and each one of them is equally important. One must make sure that they learn the deeper meanings of the chapters as well. This is where Vedantu’s Solutions for NCERT Class 7 comes into play.

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Mahabharat are provided in the free PDF format which helps students to go through the solutions in a step-by-step format. You can find NCERT books solutions Class 7 on Vedantu. NCERT books are highly recommended by educational experts and subject experts to help students prepare for the examination.

Vedantu’s Hindi NCERT Mahabharat Class 7 Solutions PDF will help you to have a firm grip on the answers to the questions and serve as a helping hand for you to boost your exam preparations. It is advisable to not only refer to a single book but also to refer to other sources for preparation. NCERT Solutions for Class 7 Hindi Mahabharat is important reference material. One must gain full knowledge of the subject. It is also necessary to have a stronghold of the subject from the scratch, focusing on practising more and more questions. This will further help in scoring well in exams.

NCERT Class 7 Hindi Mahabharat is one of the major Hindu mythological Sanskrit epics of India. It is a narration of the great 18 days of the Kurukshetra war . This great epic has hundreds of stories for students as well as adults. A lot of life lessons can be learned from these beautifully mentioned characters and stories. It explains all the fascinating characters of Mahabharat namely Devvrut, Bhishm, queen Amba and Ambika, Vidhur, Kunti, Bheem, Karn, Dhronacharya, etc. It also includes small excerpts related to the characters of Mahabharat like how Shakuni played  his role, how the game of Chausar was played between Kauravs and Pandavas, and other related stories are briefly described in NCERT Class 7 Hindi Mahabharat PDF.

Vedantu’s solutions for both Mahabharat and Vasant are very beautiful and organised, so the students can understand and make the most out of it. These solutions are formulated by expert teachers and instructors who know the language very well. So, one need not worry about the credibility of these answers. The answers are also written with the NCERT syllabus in mind so that students need to study only what’s needed.

Hindi is one such subject that requires additional input from other sources. It can either be very scoring or can end up pulling the overall score of the student. Hence, it must be dealt with very carefully. This is especially true for those whose native language is not Hindi. This is where Vedantu’s solutions play a very important role. With the help of these systematically written notes, one can easily learn all there is to know about the lesson. It also plays an important role while revising just before exams.

Importance of CBSE Class 7 Hindi Book Solution

There are 20 chapters in Class 7 Hindi Vasant. Apart from these prose and poem chapters, the epic of Mahabharata has been included in the syllabus in different concise segments. The entire syllabus is covered in a year. Hence, students will need the assistance of a profound study material where the context of the chapters is defined exceptionally.

In this study material, there should be accurate answers to the exercise questions. To assist the students in preparing their syllabi, the experts of Vedantu have framed accurate solutions for all the chapters. The students can now download the solutions and refer to them as study material along with the 7th standard Hindi Notes to complete preparing all the chapters.

The answering formats and language used in these solutions are up to the level of Class 7 for easy comprehension. The answers are precise and can be used to study the exercise questions to prepare a chapter properly. It will become a lot easier for the students to develop Hindi language and comprehension skills by using these solutions.

Benefits of Chapter Wise List of NCERT Solutions Class 7 Hindi

After understanding the NCERT Solutions Class 7 Hindi Overview, you can download the solutions files for specific chapters according to your curricular need. In this way, you can access the files whenever you want and take a step ahead in completing preparing an exam syllabus.

Focus on how simply the experts have answered the questions in the exercises. Learn to follow the same format and practise answering the same. This is how you can score more in the exams.

Resolve doubts related to the chapter exercises and find out where you need to work more. Compare your answers to the solutions and evaluate your preparation level.

Download Chapter Wise List of NCERT Solutions Class 7 Hindi PDF

Get the free PDF version of the solutions of Class 7 Hindi chapters and make your study sessions more productive. Save your time by referring to these solutions for finding the right answers to the exercise questions. Use these solutions to complete revising important chapters of this syllabus before an exam and stay ahead of the competition.

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NCERT Books for Class 7

Important Questions for CBSE Class 7

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CBSE Class 7 Syllabus

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CBSE Class 7 Hindi Important Questions

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FAQs on NCERT Solutions For Class 7 Hindi

1. How does Class 7 Hindi NCERT Solutions guide you to excellence?

NCERT Hindi book Class 7 solutions PDF prepares you to answer every question regarding Hindi literature. The PDF course material is comprehensive, easy to memorise, and imparts the necessary knowledge to obtain the class's topmost rank. The chapter improves your vocabulary, writing skills, and the notes are important for your academic success. Getting organised is important for success in every sphere of life, including study. The study materials help you to be organised and follow routines.

2. How does it help you in preparation?

Practice makes you perfect; the more you practise, the more doors of achievement open in front of you. The most feasible and easiest way to prepare for the exam is to study CBSE Solutions for Class 7 Hindi carefully and thoroughly. Decision-making ability is the cornerstone of success, be active, and start exploring the material with full concentration. The chapter is prepared by experienced teachers, explaining, analysing the Hindi literature most thoroughly. When you understand the subject, you become confident and will not be anxious during exams.

3. How many books are there for CBSE Class 7 Hindi Vasant?

For the Hindi syllabus in Class 7, NCERT has recommended two textbooks. According to the NCERT board, the Hindi syllabus consists of two books: Mahabharat and Vasant. These textbooks are covered in Vedantu's Solutions for NCERT Class 7 Hindi in a convenient and straightforward language. Students can refer to them and acquire the answers that are expected of them. The solutions will show pupils how to write responses in a straightforward and easy-to-remember format.

4. How to download the solutions for Class 7 Hindi Vasant?

To get the Class 7 Hindi Vasant offline solutions for free, follow the instructions below:

On Vedantu 's official website, go to the page for " NCERT Class 7 Hindi Vasant ."

Locate the exercise for which you require a solution and click the "Download PDF" button.

To sign in, enter your phone number or email address.

The solutions will also be downloaded to your computer. You'll also get a message/email with a link to your preferred solution's direct download.

If you want to study the solutions on your phone free of cost, go to the Google Play store and download the Vedantu app.

5. What kind of chapters are there in Class 7 Hindi Vasant?

Literature is usually a challenging topic to study. It contains a lot of hidden meanings and undertones. As a result, some boards have incorporated chapters critical for pupils to acquire a passion for the topic. Different chapters rich with inner meanings are integrated into Class 7 Hindi Vasant Literature is no different. NCERT book's Class 7 Hindi Vasant solutions have been prepared by qualified teachers from famous schools across India to help students grasp the subject.

6. What are the benefits of downloading Vedantu Class 7 Hindi Vasant solutions?

Class 7 Hindi Vasant is a fantastic collection of chapters that are simple to comprehend if students study the subject thoroughly. NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant have been made available on the internet to help them with their homework. The general picture of the topic is discussed in these solution sets. Each phrase's secret meaning is also explained.

As a result, pupils will be able to understand both the big picture and the finer points. These notes also include module questions and answers at the end of each chapter, which is useful. These responses can help students learn how to compose replies that will get them the best grades.

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कक्षा 7 के लिए दीपावली पर निबंध: दीपावली का महत्व और मनाने के तरीके

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Essay on Diwali in Hindi for Class Seven

दीपावली पर निबंध कक्षा 7 के लिए.

जो छात्र कक्षा 7 मे पढ़ते है, उनको अपने स्कूल मे दीपावली पर निबंध  कक्षा 7 Essay On Diwali Hindi for Class Seven लिखने को दिया जाता है, तो उन विद्यार्थियो के लिए इस पोस्ट मे दीपावली पर निबंध कक्षा 7 के लिए बताने जा रहे है, जिसकी सहायता से आप अपने क्लास मे दिवाली पर निबंध Essay On Diwali Hindi for Class Seven लिख सकते है। और दिवाली के बारे मे जानकारी देने के लिए इस दीपावली पर निबंध कक्षा 7 Essay on Diwali Hindi for Class Six को शेयर भी कर सकते है, और इसे पढ़कर दिवाली के महत्व को भी बता सकते है,

  • दीपावली पर निबंध कक्षा 7

Essay on Diwali Hindi for Class Seven

दीपावली जिसे दीपों का त्यौहार या रोशनी का त्यौहार कहा जाता है, जो की यह दीपावली शरद ऋतू के कार्तिक महीने के अमावस्या के दिन हर वर्ष मनाया जाता है, दीपावली हिंदुओं का सबसे पवित्र और सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है दीपावली या दीवाली किसी भी नाम से पुकारे ये त्यौहार आनंद और प्रकाश ही फैलता है।

Table of Contents

दिवाली जो की भारतीय संस्कृति का सर्वप्रमुख त्यौहार है यह प्रतिवर्ष कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय ‘अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइये यह अपने उपनिषदों की आज्ञा मानी जाती है अर्थात प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन के गम के अंधेरों को खत्म करके उजाले की ओर जाए अपने मन के अंधेरों को भी खत्म करे यही दीपावली का त्यौहार है।

भारत त्योहारों और मेलों का देश है। दिवाली या दीपावली भारत के सबसे महत्वपूर्ण और रंगीन त्योहारों में से एक है। इसे रोशनी का त्योहार कहा जाता है। दीवाली 14 साल के वनवास में रहने के बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की अयोध्या वापसी का जश्न मनाती है।

अयोध्या के लोग बड़ी संख्या में उनका स्वागत करने के लिए खुशी से झूम उठे। यह पर्व भगवान राम के समय से ही मनाया जाता रहा है। लोग अपने घरों, दुकानों और अन्य इमारतों की सफेदी और पेंटिंग करके महान त्योहार की तैयारी करते हैं।

यह त्यौहार 5 दिनों तक की लंबी अवधि तक चलने वाला त्यौहार है। पहले दिन लोग धनतेरस के रूप में मनाते हैं इस दिन में बाजार से कुछ वस्तुएं खरीद के लाते है दीपावली का दूसरा दिन नारक चतुर्दशी या छोटी दिपावली के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का परचम लहराया था।

इस त्यौहार का तीसरा दिन बहुत प्रमुख होता है क्योंकि इसी दिन दीपावली का ऐतिहासिक पर्व मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या में पधारे थे इसलिए अयोध्या वासियों ने अपने भगवान राम को खुश करने के लिए उनके स्वागत में सभी जगह फूलों की बरसात कर दी और जी के दीपक जला दिए।

दीपावली की रात को, धन की देवी भगवान गणेश और लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पटाखों और फुलझड़ियों से खेल रहे लोग। धन, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना। यह त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है। सभी लोग, चाहे वे किसी भी जाति के हों या उत्सव में शामिल हों। इस त्योहार को मनाने के लिए दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय भी इस त्योहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते दिवाली का पर्व मनाते है।

अन्य त्यौहारों की तरह दीपावली के साथ भी कई धार्मिक तथा ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं। समुद्र-मंथन करने से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थी। इसके अलावा जैन मत के अनुसार तीर्थंकर महावीर का महानिर्वाण भी इसी दिन हुआ था। भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरुष श्री राम लंका नरेश रावण पर विजय प्राप्त कर सीता लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे उनके अयोध्या आगमन पर अयोध्यावासियों ने भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए घरों को सजाया व रात्रि में दीपमालिका की।

ऐतिहासिक दृष्टि से इस दिन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में सिक्खों के छठे गुरु हरगोविन्दसिंह मुगल शासक औरंगजेब की कारागार से मुक्त हुए थे। राजा विक्रमादित्य इसी दिन सिंहासन पर बैठे थे। सर्वोदयी नेता आचार्य विनोबा भावे दीपावली के दिन ही स्वर्ग सिधारे थे। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द तथा प्रसिद्ध वेदान्ती स्वामी रामतीर्थ जैसे महापुरुषों ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था।

यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोगों द्वारा दीपों व मोमबत्तियाँ जलाने से हुए प्रकाश से कार्तिक मास की अमावस्या की रात पूर्णिमा की रात में बदल जाती है। इस त्यौहार के आगमन की प्रतीक्षा हर किसी को होती है। सामान्यजन जहां इस पर्व के आने से माह भर पहले ही घरों की साफ-सफाई, रंग-पुताई में जुट जाते हैं।

दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी को धन-धान्य एवं सुख संपदा की देवी माना जाता है और साथ में भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा भी की जाती है।

दीपावली त्योहार के पीछे सबसे पुराना आर्थिक महत्व इस बात पर जुड़ा हुआ है कि भारत में लगभग सभी फसलें मानसून पर निर्भर करती है इसलिए गर्मियों की फसल इस त्यौहार के पर्व से कुछ दिन पहले ही पक कर तैयार हो जाती है तो किसान इस फसल को काटकर बाजारों में बेचकर आमदनी कमाता है।

वहीं व्यापारी तथा दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानें सजाने लगते हैं। इसी त्यौहार से व्यापारी लोग अपने बही-खाते शुरू किया करते हैं। इस दिन बाजार में मेले जैसा माहौल होता है। बाजार तोरणद्वारों तथा रंग-बिरंगी पताकाओं से सजाये जाते है, मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं। इस दिन खील-बताशों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियां तथा अन्य आतिशबाजी खरीदते हैं।

दिवाली के दिन घरों, दुकानों और अन्य इमारतों को मोमबत्ती, दीयों और छोटे बल्बों से सजाया जाता है। हम चारों तरफ रोशनी देख सकते हैं। दिवाली के दिन, लोग अच्छे कपड़े पहनते हैं, वे खुश दिखते हैं और उत्सव के मूड में होते हैं। वे मिलते हैं और अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ बधाई का आदान-प्रदान करते हैं। वे मिठाइयों का आदान-प्रदान भी करते हैं।

उपसंहार –

इस त्योहार से हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहती है यह त्यौहार हमें सिखाता है कि कभी भी अंधकार से नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक छोटे से दीपक की लौ भी काले अंधकार को प्रकाश में बदल सकती है। इसलिए समय हमेशा जीवन में आशावादी रहना चाहिए और अपने जीवन में हमेशा खुश रहना चाहिए।

दीपावली के प्रकाश से हमारा घर-आँगन और तन-मन दोनों ही आलोकित उठते हैं। हमारे दिल से मनमुटाव दूर हो जाते हैं। हमारे ह्रदय स्नेह और सदभाव से भर जाते हैं। इससे सामाजिक जीवन को नई चेतना मिलती है और लोगों को नूतन वर्ष के कर्तव्यों को पूरा करने का बल मिलता है।

 कक्षा 7 दीपावली पर निबंध से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

Faq on diwali in hindi – essay on diwali in hindi for class seven.

प्रश्न:- दिवाली कब मनाया जाता है ?

उत्तर:- दीपावली शरद ऋतू के कार्तिक महीने के अमावस्या के दिन हर वर्ष मनाया जाता है,

प्रश्न:- दिवाली कैसे मनाया जाता है ?

उत्तर:- दिवाली के पहले घरो की रंगाई पुताई करके दिवाली के दिन घरो को दियो, लाइट से सजाकर, नए वस्त्र पहनकर गणेश जी और माँ लक्ष्मी की पूजा करके एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।

प्रश्न:- दिवाली पर किसकी पूजा की जाती है ?

उत्तर:- दिवाली पर भगवान श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

प्रश्न:- दिवाली पर घरो को कैसे सजाते है ?

उत्तर:- दिवाली के दिये घरो को दियो और लाइट से सजाते है, और रंगीन झालर भी लगाते है।

प्रश्न:- इस साल 2023 मे दिवाली कब है ?

उत्तर:- इस साल 2023 मे दिवाली 12 नवंबर को है, जिस दिन रविवार है।

प्रश्न:- दिवाली को क्यो मनाया जाता है ?

उत्तर:- दिवाली के दिन ही भगवान श्रीराम जी 14 वर्षो के वनवास के पश्चात वापस अपने घर अयोध्या लौटे थे, जिनके लौटने की खुशी मे हर घर दिये जलाए गए थे, जिस कारण से तब से हर साल दिवाली मनाया जाता है।

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Hindi Yatra

Essay on Peacock in Hindi – भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध

दोस्तो आज हमने Essay on Peacock in Hindi लिखा है मोर पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है. Peacock Essay in Hindi की सहायता से विद्यार्थी अपनी जानकारी बढ़ा सकते है. इस निबंध के माध्यम से हमने बताया है कि मोर कितना महत्वपूर्ण और पक्षी है इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी है और यह हमारे देश का राष्ट्रीय कब और क्यों बना.

Essay on Peacock in Hindi for Class 2

मोर भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है यह पक्षियों में सबसे सुंदर है. मोर का आकार सभी पक्षियों में सबसे बड़ा होता है. मोर आमतौर पर पीपल बरगद और नीम के पेड़ पर पाया जाता है मोर को ऊंची जगह पर बैठना बहुत पसंद है. मोर के इतना सुंदर होने के पीछे उसका कई रंगों से सुसज्जित होना है.

Essay on Peacock in Hindi

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मोर का मुंह है और गला बैंगनी रंग का होता है इसके पंखों का रंग हरा होता है जिसमें चांद जैसी बैंगनी, आसमानी, हरे, पीला, रंगों से बनी आकृति होती है.

मोर के पंख इतने कोमल होते हैं कि जैसे कि कोई मखमल का वस्त्र हो. मोर की गर्दन पतली और सुराहीदार जैसी होती है . मौत के पैरों का रंग मटमैला सफेद होता है. मोर की आंखें और मोहे छोटा होता है.

Peacock के बढ़ते शिकार के कारण भारत सरकार ने वन्य-जीवन (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूर्ण संरक्षण दिया है जिसके बाद मोरों की शिकार में कमी आई है.

Essay on National Bird Peacock in Hindi

मोर बहुत ही शांत और शर्मिला किस्म का पक्षी होता है. मोर हमेशा तीन -चार मोरों के साथ रहता है . मोर सामान्यतः पूरे भारत देश में पाया जाता है लेकिन इस की प्रजाति ज्यादा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा में फैली हुई है. मोर हमेशा इंसानों से दूर ही रहना पसंद करता है यह अक्सर बड़े पेड़ों की ऊंची डाल पर या फिर जंगलों में पाया जाता है.

मोर की आवाज बहुत तेज होती है जिसको 2 किलोमीटर दूर से ही सुना जा सकता है लेकिन इसकी आवाज कर्कस भरी होती है. मोर के शरीर का रंग चटक नीले और बैंगनी कलर का होता है.

यह पक्षियों में सबसे बड़ा पक्षी होता है इसके पंख बहुत बड़े होते हैं जिसके कारण यह ज्यादा दूरी तक उड़ने ही पाता है और यह है ज्यादातर चलना ही पसंद करता है.

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इसके पंख खोखले होते है साथ ही पंखों पर पेड़ों के पत्तों की तरह छोटी-छोटी पंखुड़ियां होती है, पंखों के अंत में चटक रंगों की चांद जैसी आकृति बनी होती है जो कि देखने में बहुत ही सुंदर लगती है. Peacock प्राकृतिक आपदा आने से पहले ही जोर-जोर से आवाज करके उसके बारे में अवगत करा देता है.

मोर बारिश के मौसम में बहुत खुश होता है और इतनी खुशी के कारण वह अपने पंख फैलाकर धीरे-धीरे गोल-गोल घूम कर नाचता है. मोर के नाचते समय के पंखों की आकृति आधे चांद के जैसी होती है. मोर इतना सुंदर पक्षी होता है कि इसको देख कर कोई भी मोहित हो सकता है.

Essay on Peacock in Hindi for Class 3, 4,5,6,7,8

मोर कई चटकीले रंगों से सुसज्जित एक सुंदर पक्षी होता है. मोर ज्यादातर सभी देश और विदेशों में पाया जाता है लेकिन सबसे सुंदर प्रजाति इसकी भारत देश में ही पाई जाती है. मोर का जीवनकाल 15 से 25 वर्ष की अवधि का होता है . मोर राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बहुतायत में पाया जाता है. मोर भोजन में अनाज, सब्जियां और कीट-पतंगों को खाता है इसके साथ-साथ समय आने पर वह जहरीले सांप को भी मार कर खा सकता है.

मोर के कानों की सुनने की क्षमता बहुत अधिक होती है एक छोटी सी भी आहट हो बहुत दूरी से सुन सकता है. मोर आम पक्षियों की तरह इंसानों के साथ घुलता मिलता नहीं है वह शर्मीले स्वभाव का होता है जिसके कारण वह ज्यादातर पेड़ों और जंगलों में ही पाया जाता है.

मोर पुल्लिंग होता है जबकि मोरनी स्त्रीलिंग होती है. मोर का शरीर नीली और बैंगनी रंग से सजा हुआ होता है , जब की मोरनी इतनी सुंदर नहीं होती है उसके बड़े-बड़े पंख भी नहीं होते हैं साथ ही वह भूरे और मटमैले सफेद रंग की होती है.

मोर बारिश के दिनों में बारिश आने से पहले ही जोर जोर से आवाज करके उसका संकेत दे देता है और साथ ही जब बारिश का मौसम आता है तो मोर अपने पंख फैलाकर ऐसे नाचता है कि मानो वह बारिश का स्वागत कर रहा हो.

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मोर का नृत्य धीमी गति का होता है वह एक ही जगह पर पंख फैलाकर धीरे-धीरे घूमकर अपना नृत्य दिखाता है.

Peacock के सिर पर चांद जैसी आकृति में छोटी-छोटी पंखुड़ियां बनी हुई होती हैं लोगों के अनुसार यह उसका ताज है इसीलिए पक्षियों में इसे राजा कहा जाता है. मोर का वजन भारी होने के कारण यह है ज्यादा ऊंचाई तक और ज्यादा देर तक उड़ नहीं पाता है इसलिए यह ज्यादातर चलना ही पसंद करता है.

मोर बहुत अधिक सुंदर पक्षी है इसलिए इसके पंखों का इस्तेमाल सजावट के लिए भी किया जाता है और साथ ही इसके पंखों से कुछ दवाइयां भी बनाई जाती हैं इसलिए इसका शिकार बहुत अधिक बढ़ गया है इसलिए बार सरकार ने मोर को संरक्षण देते हुए वन्य अधिनियम 1972 के तहत इसके शिकार को गैरकानूनी करार कर दिया गया और शिकार करने पर सजा का प्रावधान भी है.

इस कानून के बनने के बाद मोर की शिकार में कुछ हद तक कमी आई है लेकिन लोग आप भी इसका शिकार कर रहे है.

Essay on Peacock Information in Hindi

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 26 जनवरी 1963 में घोषित किया गया था क्योंकि मोर भारत के सभी हिस्सों में पाया जाता है और यह देखने में भी बहुत सुंदर है साथ ही इसकी भारतीय परंपराओं और संस्कृति में इसकी झलक दिखाई देती है. मोर देखने में इतना सुंदर है कि कोई भी इसको एक बार देख ले तो इसकी सुंदरता पर मोहित हो जाता है.

मोर की अलग-अलग देशों में अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती हैं लेकिन सबसे सुंदर प्रजाति भारत में ही पाई जाती है. मोर पक्षियों में सबसे बड़ा पक्षी है और साथ ही यह वजन में भी सबसे भारी है. मोर का मुंह छोटा होता है लेकिन शरीर बहुत बड़ा होता है. मोर की गर्दन सुराही की तरह पतली और लंबी होती है.

मोर ज्यादातर शुष्क क्षेत्रों में ही रहना पसंद करता है इसलिए यह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्यों में बहुतायत में पाया जाता है. मोर मौसम और वातावरण के अनुसार अपने आप को ढाल सकता है इसीलिए बर्फीले और पहाड़ी क्षेत्रों में भी बड़ी ही सहजता से अपना जीवन यापन करता है.

Peacock का वजन 5 से 10 किलो का होता है. यह सुंदर होने के साथ-साथ चतुर, सतर्क और शर्मीले स्वभाव का होता है यह ज्यादातर अकेले रहना ही पसंद करता है यह हमेशा इंसानों से एक निश्चित दूरी बनाए रखता है. उसके पैरों का रंग मटमैले सफेद रंग का होता है और इसके पंजे तीखे और नुकीले होते है.

इसके शरीर का रंग नीले और बैंगनी रंग से मिलकर बना होता है जो की बहुत ही चमकीला होता है. गर्दन के इस नीले रंग के कारण मोर को नीलकंठ भी कहा जाता है. इसकी आंखें छोटी और काले रंग की होती है. इसके सिर पर छोटे-छोटे पंखों का आधे चांद के आकार का ताज बना होता है

इसीलिए इसे पक्षियों का राजा भी कहा जाता है . मोर ज्यादातर हरियाली वाले क्षेत्र और खेतों में ही पाया जाता है और यह पानी के निश्चित स्त्रोत के पास अक्सर नजर आता है इसलिए यह भारतीय गांव में ज्यादा देखा जाता है. मोर किसानों का अच्छा दोस्त भी होता है क्योंकि यह फसलों में लगने वाले कीट-पतंगों को खा जाता है.

मोर का जीवनकाल 15 से 25 वर्ष का होता है इसके पंखों की लंबाई करीब 1 मीटर से भी ज्यादा होती है. मोर के लगभग 200 पंख होते हैं जिनके अंत में चांद के आकार की आकृति बनी हुई होती है जिसमें सतरंगी रंग भरे हुए होते है. इसके पंख खोखले होते हैं जिनको पुराने जमाने में स्याही में डुबोकर लिखने के काम में भी लिया जाता था. इसके पंख कितने कोमल होते हैं जैसे कि कोई मखमल का कपड़ा हो.

यह सामान्यत: ऊंचे पेड़ों की शाखाओं पर जैसे पीपल, बरगद, नीम पर ही बैठते है यह समूह में रहने वाला पक्षी है. मोर का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है क्योंकि मोर के पंख को भगवान श्री कृष्ण ने अपने सिर पर धारण किया हुआ है और मोर भगवान शिव के बेटे कार्तिक का वाहन भी है.

मुगल सम्राट शाहजहां ने मोर की सुंदरता से प्रभावित होकर मोर के पंखों की तरह ही सिहासन बनाने का आदेश दिया था यह सिहासन बनने में कुल 6 साल लगे इसमें देश और विदेश से लाकर बहुमूल्य रतन जड़े गए थे. सिहासन को तख्त ए ताऊस नाम दिया गया.

इसके हर साल नए पंख आते हैं और पुराने पंख झड़ जाते हैं उसके पंखों का उपयोग सजावटी गुलदस्तों, गर्मियों में हवा खाने के लिए हाथ पंखे बनाए जाते है और आजकल तो इसका उपयोग तरह-तरह की मॉडर्न डिज़ाइनों में भी उपयोग किया जाता है इसके साथ ही इसके पंखों से कुछ जड़ी बूटियां भी बनाई जाती है जिसके कारण इनके पंखों की बाजार में मांग रहती है.

इसीलिए लोग इनका शिकार करने लगे और धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होने लगी तब भारत सरकार ने मोर को संरक्षण देते हुए वन्य अधिनियम 1972 के तहत इसके शिकार पर रोक लगा दी अब अगर कोई शिकार करता है तो उसको जुर्माने के साथ कठोर कारावास की सजा होती है. लेकिन आज भी इस पक्षी का शिकार किया जाता है इस पर सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

मोर नर होता है जबकि मोरनी मादा होती है मोरनी दिखने में इतनी सुंदर नहीं होती है उसके बड़े-बड़े पंख भी नहीं होते हैं मोरनी के पंख छोटे होते हैं और उनका रंग भूरा घुसर होता है. यह शरीर में भी मोर से छोटी होती है. मोरनी के गर्दन का थोड़ा सा हिस्सा हरे रंग का पाया जाता है. मोरनी हर साल दो बार 4 से 5 अंडे देती है जिनमें से एक या दो ही सही सलामत रह पाते है.

भारत में जब मानसून आता है तो मोर बहुत खुश होता है और वह खुश होकर अपने पंखों को फैलाकर धीमी गति से नाचता है जो कि देखने में बहुत ही सुंदर लगता है साथ ही जल्दी से मादा मोरनी को खुश करना होता है तो यह उसके सामने पंख फैलाकर नाचता है यह नृत्य करते समय नाचने में इतना मगन हो जाता है कि उसे आसपास क्या हो रहा है इसका पता नहीं रहता है और शिकारी इसी का फायदा उठाकर मोर को पकड़ लेते है.

मोर पक्षी इतना सतर्क होता है जी जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो उसका उसे पहले ही पता चल जाता है और वह तेज आवाज में आवाज करके सभी पक्षियों और लोगों को इस बारे में सूचित कर देता है आपने देखा होगा भी कई बार भूकंप आने से पहले और तेज आवाज में बोलने लग जाता है.

मोर पक्षी चतुर भी होता है वह रात को या फिर उसे जब भी खतरा महसूस होने पर वह पेड़ों की ऊंची शाखाओं पर जाकर बैठ जाता है जिसे शिकारी उसका शिकार नहीं कर पाते है.

मोर पर कवियों द्वारा कविताओं के माध्यम से इसकी सुंदरता का जिक्र किया गया है और साथ ही भारत की पुरानी संस्कृति में इसकी झलक दिखाई देती है

मोर हमारे भारत देश की आन-बान और शान है कृपया इसका शिकार होने से बचाएं क्योंकि दिन-प्रतिदिन इनकी संख्या कम होती जा रही है इसलिए लोगों को मोर के महत्व के बारे में आप लोग अवगत कराएं.

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24 thoughts on “Essay on Peacock in Hindi – भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध”

it was helpful me for a project thank you so much mam or sir and mam gave me full marks in my activities

Thank you Pratheeka K for appreciation.

It is awesome it help my exam to score better the result is 50/50

Congratulations Annantika, Thank you for appreciation.

आपने बहुत अच्छा निबंध लिखा है मुझे बहुत मदद मिली है आपका धन्यवाद

Thank you rohit for appreciation

It helped with my class project grade 6. Thx so much 😁😁

Welcome Prisha goon and thank you for appreciation.

Your writing skills are amazing it is unbale to express in words

Thank you Vedant for appreciation

मेरे,बचेका,निबंद,पुरा,होगया,नमसते

Santosh Biradar ji आप को निबंध अच्छा लगा हमें खुशी हुई, ऐसे ही हिंदी यात्रा पर आते रहे धन्यवाद.

It’s amazing I love the way you have written

Thank you Sweta for appreciation.

Please write hindi eassy on all common animals for grade 3 – 4 TIA

Dear Afshan, We have written essays on some animals, links are given below, you can see them and soon we will write essays on other animals as well.

Diasha Datta It helped in my project Grade – 6th It was a project of 10 marks . I was the only one to get 10 on 10 , just for you. Thankyou 😍 🤗 very much . I love your nibandhs .

Thank you Diasha Datta for appreciation.

yeh meri class 7 ki exam mey bohut help karena.Thanks😊.Aur jitni jaldi ho “varsa ritu” par nibandh post karna…..😊😊

Welcome Debraj, hame khushi hai ki aap ko peacock par nibandh pasand aaya or hamne varsa ritu par nibandh likha hua hai aap es link वर्षा ऋतु पर निबंध par click kar ke padh sakte hai

Bahut bahut dhanyavad mere bacche 3th class ka project complet ho gya..

Rupesh kumar vishwakarma aap ko nibandh pasand aaya ye hame bhut khushi hui, aise hi hindiyatra par aate rahe, dhanyavad.

It helped in my project 8th std

Thank you Aniketan for appreciation, keep visiting hindi yatra

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Jagran Josh

Top 30+ CBSE Class 10 Social Science MCQs for Board Exam 2024 with Answers, Download PDF Here

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CBSE Board Class 10 Social Science MCQs (With Answers) 2024: The CBSE Class 10 Social Science board exam 2023–24 is scheduled to be conducted on March 7, 2024. At this stage of exam preparation, it is crucial for students to revise all chapters of social science thoroughly and practice a good number of social science multiple-choice questions to assess their level of preparation.

In this article, we have provided the top 30 multiple-choice questions (MCQs) in social science for CBSE Class 10 students. These questions are created in accordance with the latest CBSE Social Science syllabus for 2023–2024, previous year question papers, and sample papers. Through practicing these MCQs, students can evaluate their level of preparation and develop an efficient time management strategy for the final exam day.

CBSE Class 10 Social Science Paper: Highlights

Cbse class 10 social science exam pattern and marking scheme 2024.

Students must check the CBSE Class 10 Social Science Exam Pattern and Marking Scheme before they appear for the CBSE Board Exam 2024 since it will help them in developing an efficient exam preparation strategy, assist them in their study plan. As per the latest CBSE Class 10 Exam Pattern 2023-24, the structure of the Social Science question paper will be as follows:

  • The question paper comprises Six Sections – A, B, C, D, E and F. There are 37 questions in the Question paper. All questions are compulsory.
  • Section A – From questions 1 to 20 are MCQs of 1 mark each.
  • Section B – Question no. 21 to 24 are Very Short Answer Type Questions, carrying 2 marks each. Answer to each question should not exceed 40 words.
  • Section C contains Q.25to Q.29 are Short Answer Type Questions, carrying 3 marks each. Answer to each question should not exceed 60 words
  • Section D – Question no. 30 to 33 are long answer type questions, carrying 5 marks each. Answer to each question should not exceed 120 words.
  • Section-E - Questions no from 34 to 36 are case based questions with three sub-questions and are of 4 marks each. Answer to each question should not exceed 100 words.
  • Section F – Question no. 37 is map based, carrying 5 marks with two parts, 37a from History (2 marks) and 37b from Geography (3 marks).
  • There is no overall choice in the question paper. However, an internal choice has been provided in a few questions. Only one of the choices in such questions has to be attempted.

CBSE Class 10 Social Science Top 30 MCQs

Q. The process of integration between different countries is known as:

A. Competition 

B. Privatization 

C. Globalization 

D. Liberalization

 Answer. (C) Globalization

Q. Which one of the following is an example of Ferrous Metal?

B. Tin 

Answer. (D) Nickel

Q. Which one of the following sectors contribute highest in the GDP of India?

B. Secondary 

C. Tertiary 

D. Quaternary

Answer. (C) Tertiary

Q. When power is shared among different organs of the government,it is referred to     as:

A. Horizontal distribution of power

B. Vertical distribution of power

C. Federal distribution of powe r

D. None of the above

 Answer. (A) Horizontal distribution of power

Q. What was the outcome of the Bretton Woods Conference? It led to the establishment of:

A. ILO (International Labour Organization)

B. International Monetary Fund

Answer. (B) International Monetary Fund

Q. The Civil Code of 1804 in France is usually known as:

A. The French Revolutionary Code 

B. Napoleonic Code

C. European Imperial Code

D. The French Civil Code

Answer: (B) Napoleonic Code

Q. Who was the architect of unification of Germany?

A. Victor Emmanuel II

B. Otto Von Bismarck 

C. Count Cavour 

D. Kaiser William I of Prussia

Answer: (B) Otto Von Bismarck

Q. Which one of the following is responsible for sheet erosion?

A. Water 

B. Wind 

C. Glacier 

D. Underground Water

Answer. (A) Water

Q. Which one of the following is the main cause of land degradation in Madhya Pradesh?

A. Mining 

B. Overgrazing 

C. Deforestation 

D. Over Irrigation

 Answer. (B) Overgrazing

Q. Forest and wastelands belonging to both private individuals and government are known as:

A. Sacred groves 

B. Protected forest

C. Reserved forests 

D. Unclassed forests

Answer. (D) Unclassed forests

Q. In which of the following states is Bandhavgarh National Park located?

B. Gujarat 

C. Assam 

D. Madhya Pradesh 

Answer: (D) Madhya Pradesh

Q. In which year ‘Project Tiger’ was launched? 

A. 1951 

B. 1973 

C. 1993 

Answer. (B) 1973

Q. Which one is considered as Primary Producers in an ecological system?

B. Forest 

C. Animals 

Answer. (B) Forest

Q. Periyar tiger reserve is located in which state?

A. Chhattisgarh

B. Kerala 

C. Tamil Nadu 

D. West Bengal

Answer.(B) Kerala

Q. Bhakra Nangal river valley project is made on the river.

A. Ravi-Chenab

B. Sutlej-Beas  

C. Ganga 

Answer. (B) Sutlej- Beas

Q. The Indian Wildlife protection Act was implemented in: 

Answer: (C) 1972

Q. Which one of the following is not correct? A. Rajasthan - Rana Pratap Sagar 

B. Uttarakhand - Tehri

C. Karnataka -Salaulim 

D. Odisha – Hirakud Answer. (C) Karnataka -Salaulim 

Q. Jawaharlal Nehru proudly declared the dam as the: 

A. Future of India 

B. Saviours of India Tem

C. Temples of modern India

D. Complexes of India

Answer. (C) Temples of modern India

Q. What is Primitive Subsistence Farming known as in North-Eastern states like Assam, Meghalaya,

Mizoram and Nagaland?

B. Jhumming 

Answer. (B) Jhumming 

Q. Industrial locations are influenced by availability of:  A. Raw material

B. Market 

C. Labour 

D. All of these Ans: (D) All of these.

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  18. NCERT Solutions For Class 7 Hindi

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  19. Class 7 Hindi Question Paper 2023 (PDF)

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  20. कक्षा 7 के लिए दीपावली पर निबंध: दीपावली का महत्व और मनाने के तरीके

    Essay on Diwali in Hindi for Class Seven दीपावली पर निबंध कक्षा 7 के लिए. जो छात्र कक्षा 7 मे पढ़ते है, उनको अपने स्कूल मे दीपावली पर निबंध कक्षा 7 Essay On Diwali Hindi for Class Seven लिखने को दिया जाता ...

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